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पंचांग 2 अक्टूबर 2026: सप्तमी श्राद्ध के शुभ योग, कुतुप मुहूर्त और प्रमुख शहरों में राहुकालधर्म
1 अक्तू॰ 2026, 4:48 pm (26 मिनट पहले)· 0

पंचांग 2 अक्टूबर 2026: सप्तमी श्राद्ध के शुभ योग, कुतुप मुहूर्त और प्रमुख शहरों में राहुकाल

आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी और सप्तमी तिथि पर पितृ पक्ष का सप्तमी श्राद्ध 2 अक्टूबर 2026 को संपन्न होगा। जानिए व्यतिपात योग, मृगशिरा नक्षत्र और पूजा के शुभ मुहूर्त का पूरा विवरण।

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन सूर्योदय के समय आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि प्रभावी रहेगी, जो सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक चलेगी। इसके तुरंत बाद सप्तमी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। पंचांग गणना के अनुसार शुक्रवार को दोपहर के समय सप्तमी तिथि प्रभावी रहने से सप्तमी तिथि पर दिवंगत हुए पूर्वजों का श्राद्ध कर्म इसी दिन संपन्न किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस दिन व्यतिपात योग और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है, जिसे शास्त्रों में विशेष सतर्कता और साधना का समय बताया गया है।

ज्योतिषीय योग, नक्षत्र और दिन की विशेषताएं

शुक्रवार को शाम 6 बजकर 18 मिनट तक व्यतिपात योग का प्रभाव रहेगा। वैदिक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार व्यतिपात योग की अवधि में कोई भी नया कार्य, व्यावसायिक सौदा अथवा मांगलिक अनुष्ठान शुरू करना वर्जित माना जाता है। इस योग के संदर्भ में यह भी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति इस समय किसी अन्य की सहायता या भलाई करने का प्रयास भी करता है, तब भी उसे बदले में बदनामी या गलतफहमी का सामना करना पड़ सकता है। अतः इस समयावधि में शांत रहकर केवल नित्य कर्म और पितरों का स्मरण करना श्रेष्ठ बताया गया है।

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नक्षत्र चक्र की बात करें तो 2 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 55 मिनट तक मृगशिरा नक्षत्र विद्यमान रहेगा। इसके पश्चात अगले नक्षत्र का प्रवेश होगा। खगोलीय स्थिति के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 06 बजकर 14 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 06 बजकर 05 मिनट पर होगा। इस प्रकार दिनमान पितृ तर्पण और ध्यान साधना के लिए अनुकूल समय चक्र प्रदान कर रहा है।

2 अक्टूबर 2026 के प्रमुख पंचांग घटक

  • तिथि: आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक, तत्पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ।
  • योग: व्यतिपात योग शाम 06 बजकर 18 मिनट तक।
  • नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र देर रात 02 बजकर 55 मिनट तक।
  • विशेष धार्मिक पर्व: सप्तमी तिथि वालों का विधिवत श्राद्ध कर्म।

सप्तमी श्राद्ध का महत्व और निर्धारित समय

पितृ पक्ष के दौरान उन सभी दिवंगत पितरों का श्राद्ध इस दिन दोपहर के समय किया जाएगा, जिनका देहावसान किसी भी मास के कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ हो। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार विधिपूर्वक सप्तमी का श्राद्ध करने वाले जातक को बड़े महायज्ञों के अनुष्ठान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है तथा उसके विचारों में शुचिता और श्रेष्ठता आती है। पितृ पक्ष में श्रद्धाभाव से तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा तृप्त होती है और परिवार को उनका विशेष आशीर्वाद मिलता है।

श्राद्ध कर्म के लिए शास्त्रों में तीन प्रमुख कालखंड बताए गए हैं

  • कुतुप मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक।
  • रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:52 बजे से दोपहर 01:39 बजे तक।
  • अपराह्न काल: दोपहर 01:39 बजे से शाम 04:03 बजे तक।

दिन के अन्य शुभ मुहूर्त

दैनिक पूजा, ईश्वर वंदना और सामान्य शुभ अनुष्ठानों के लिए दिनभर में विभिन्न शुभ वेलाएं उपलब्ध रहेंगी

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:53 बजे से प्रातः 05:41 बजे तक।
  • प्रातः संध्या: प्रातः 05:17 बजे से प्रातः 06:29 बजे तक।
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 बजे से दोपहर 03:15 बजे तक।
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:26 बजे से शाम 06:50 बजे तक।
  • सायाह्न संध्या: शाम 06:26 बजे से शाम 07:38 बजे तक।
  • अमृत काल: शाम 06:40 बजे से रात 08:10 बजे तक।

प्रमुख नगरों में राहुकाल की सारणी

राहुकाल को अशुभ कालखंड माना जाता है, जिसमें नया कार्य अथवा महत्वपूर्ण यात्रा आरंभ करने से बचना चाहिए। 2 अक्टूबर को देश के विभिन्न महानगरों में राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा

  • दिल्ली: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक।
  • मुंबई: सुबह 10:58 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
  • चंडीगढ़: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक।
  • लखनऊ: सुबह 10:27 बजे से दोपहर 11:56 बजे तक।
  • भोपाल: सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक।
  • कोलकाता: सुबह 09:56 बजे से दोपहर 11:26 बजे तक।
  • अहमदाबाद: सुबह 10:59 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक।
  • चेन्नई: सुबह 10:28 बजे से दोपहर 11:58 बजे तक।

सवाल-जवाब

2 अक्टूबर 2026 को सप्तमी श्राद्ध का अनुष्ठान किस समय करना चाहिए?
सप्तमी श्राद्ध दोपहर के समय कुतुप मुहूर्त (12:04 से 12:52 बजे), रौहिण मुहूर्त (12:52 से 01:39 बजे) या अपराह्न काल (01:39 से 04:03 बजे) में किया जाना चाहिए।
2 अक्टूबर को षष्ठी तिथि कब समाप्त होगी और सप्तमी कब शुरू होगी?
षष्ठी तिथि 2 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी।
व्यतिपात योग कब तक रहेगा और इसमें क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
व्यतिपात योग शाम 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया काम शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें किए गए प्रयासों के प्रतिकूल परिणाम मिल सकते हैं।
2 अक्टूबर 2026 को दिल्ली और मुंबई में राहुकाल का समय क्या है?
दिल्ली में राहुकाल सुबह 10:41 से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा, जबकि मुंबई में यह सुबह 10:58 से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा।
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