शारदीय व चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर चारों ओर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और हर कोई मां भगवती की आराधना में लीन दिखाई दे रहा है। जहां कई श्रद्धालु अपने घरों में घटस्थापना कर कलश पूजन और अनुष्ठान कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग पावन धामों में जाकर माता के दर्शन करने का संकल्प लेते हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई ऐसे सिद्ध शक्ति स्थल मौजूद हैं, जहां पर्व के दौरान सुबह के पहले पहर से ही कतारें लग जाती हैं। यदि आप भी इस पावन समय में देवी दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो दिल्ली और उसके पास स्थित ये प्रमुख मंदिर आपकी सूची में अवश्य होने चाहिए।
दक्षिणी दिल्ली का प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर
राजधानी के सबसे प्रमुख और प्राचीन शक्तिपीठों की चर्चा होते ही दक्षिणी दिल्ली स्थित कालकाजी मंदिर का नाम सबसे आगे आता है। नेहरू प्लेस व्यापारिक केंद्र के बिल्कुल समीप मौजूद इस पावन धाम में मां कालका के विग्रह के दर्शन पाने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं। नवरात्रि के पावन दिनों में यहां की रौनक देखते ही बनती है और भोर होते ही जयकारों के साथ श्रद्धालु परिक्रमा और पूजन आरंभ कर देते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी सहूलियत यह है कि यहां तक सार्वजनिक परिवहन तथा मेट्रो के जरिए बेहद सुगमता से पहुंचा जा सकता है, जिससे पूरे परिवार के साथ यात्रा करना अत्यंत सरल हो जाता है।
करोल बाग के समीप स्थित झंडेवालान धाम
मध्य दिल्ली में करोल बाग क्षेत्र के निकट स्थापित झंडेवालान देवी मंदिर भी श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र है। यह पावन स्थल मां दुर्गा के स्वरूप को समर्पित है, जहां पर्व के दौरान सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का भारी जमावड़ा रहता है। नवरात्रि के विशेष दिनों में मंदिर का दृश्य अत्यंत अलौकिक होता है, जहां लोग अपने स्वजनों और बच्चों के साथ सुख-समृद्धि की कामना लेकर हाजिरी लगाते हैं। करोल बाग और झंडेवालान के आसपास मेट्रो संपर्क उपलब्ध होने के कारण यहां तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए बेहद सुविधाजनक रहता है।
विशाल परिसर वाला छतरपुर का आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ
महरौली और छतरपुर इलाके में फैला यह भव्य मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के बीच अपनी भव्यता और दिव्यता के लिए जाना जाता है। इस पावन स्थल पर मुख्य रूप से मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा का छठा पावन स्वरूप माना गया है। मंदिर का भूभाग काफी विस्तृत और खुला है, जिसके चलते भारी भीड़ होने के बावजूद श्रद्धालु सहजता से कतारबद्ध होकर दर्शन कर पाते हैं। पर्व के दिनों में यहां का संपूर्ण वातावरण दीपों, फूलों और भजनों से गूंजता रहता है, जहां श्रद्धालु अपने परिवार की दीर्घायु, शांति और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करते हैं।
कनॉट प्लेस के पास गोल मार्केट का काली मंदिर
मध्य दिल्ली के गोल मार्केट क्षेत्र में स्थित काली मंदिर भी स्थानीय निवासियों और राजधानी के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहां विशेष रूप से मां काली के उग्र एवं करुणामयी स्वरूप की आराधना की जाती है। चूंकि नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के विभिन्न रूपों का ध्यान किया जाता है, इसलिए मां काली के दर्शनों के लिए भी बड़ी तादाद में साधक और गृहस्थ यहां माथा टेकने आते हैं। कनॉट प्लेस के मुख्य व्यावसायिक केंद्र से सटा होने के कारण यह मंदिर शहर के हर कोने से आने वाले लोगों के लिए आवागमन के लिहाज से अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित शीतला माता मंदिर
यदि आप राजधानी की सीमा से थोड़ा बाहर निकलकर किसी बड़े और ऐतिहासिक धाम की यात्रा करना चाहते हैं, तो हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित शीतला माता मंदिर एक बेहतरीन विकल्प है। शीतला माता रोड पर बना यह धाम पूरे उत्तर भारत में विख्यात है। नवरात्रि के दौरान न केवल दिल्ली और पूरे एनसीआर से, बल्कि आसपास के पड़ोसी राज्यों व शहरों से भी श्रद्धालु माता की चौखट पर मत्था टेकने पहुंचते हैं। परिवार सहित दर्शन करने, मनोकामना मांगने और बच्चों के कल्याण के लिए इस मंदिर की मान्यता अत्यंत गहरी है।



















