भारत और लेसोथो ने नई दिल्ली में छठी JBCC बैठक के दौरान विकास साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग को दी नई रफ्तारमूलांक 8 अंकफल 1 अगस्त 2026: आसान काम में भी न बरतें लापरवाही, जानें करियर और आर्थिक राशिफलएमबीबीएस सीट पक्की करने के लिए एमसीसी काउंसलिंग के नियमों का पालन है जरूरी, एक छोटी सी चूक से रद्द हो सकता है प्रवेशसावन के पावन महीने में संभल के पौराणिक शिव धामों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़विदेश नीति पर जब संसद में आमने-सामने आए पी.वी. नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी, जानें ईरानी राष्ट्रपति के दौरे का वो ऐतिहासिक विवादउत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम परिसर में सांस्कृतिक आयोजनों के लिए अब लेनी होगी लिखित अनुमति, विंध्य विकास परिषद ने जारी किए नए नियमचंदौली के कुंडा में धान रोपाई के बीच उभरा महिला मजदूरों का दर्द, 250 रुपये दिहाड़ी के बाद सालभर सताती है बेकारीत्रिनिदाद के बॉक्सर को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचे नरेंद्र बेरवाल, रजत पक्का कर स्वर्ण पर साधी निगाहेंजापान के बैकअप राजधानी कानून से भारत में चर्चा तेज, जानिए डॉ बी आर अंबेडकर और कर्नाटक सरकार की क्या थी मांगगोंडा के मैजापुर में स्थित बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सावन के दौरान श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
सावन में रुद्राभिषेक से पहले जान लें, किस चीज से मिलता है कौन सा फलधर्म
1 अग॰ 2026, 8:39 am (2 घंटे पहले)· 0

सावन में रुद्राभिषेक से पहले जान लें, किस चीज से मिलता है कौन सा फल

सावन के महीने में भगवान शिव के रुद्राभिषेक में दूध, दही, शहद, गंगाजल और गन्ने के रस जैसी अलग-अलग चीजों के इस्तेमाल से अलग-अलग मनोवांछित फल मिलने की मान्यता है।

सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही शिव भक्तों के घरों और मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक की रौनक बढ़ जाती है। मान्यता है कि इस पूरे महीने भगवान शिव की आराधना का फल कई गुना बढ़ जाता है, और रुद्राभिषेक में किस चीज का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसी के अनुसार भक्त को अलग-अलग मनचाहा फल मिलता है। इसका पूरा ब्योरा लिंग पुराण में दर्ज है।

राशि से लेकर शिवलिंग तक, शास्त्रों में है पूरा विधान

पंडित संजय उपाध्याय के मुताबिक शास्त्रों में हर राशि के हिसाब से अलग-अलग शिवलिंग के रुद्राभिषेक का तरीका बताया गया है। हालांकि उनका कहना है कि नर्मदेश्वर शिवलिंग और पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक करने से हर व्यक्ति को उसकी मनोकामना के अनुसार फल मिल जाता है, चाहे वह किसी भी राशि का क्यों न हो।

ये भी पढ़ें

दूध और गंगाजल से मिलता है यह फल

सावन के महीने में गाय के दूध से भगवान शिव का अभिषेक करने पर संतान की प्राप्ति होने की मान्यता है। जिन दंपतियों की पहले से संतान है, उनके लिए भी यह अभिषेक बच्चों की उन्नति का रास्ता खोलता है। वहीं जो भक्त शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाकर रुद्राभिषेक करते हैं, उन्हें मोक्ष और मानसिक शांति मिलने की बात कही गई है। इससे मन एकाग्र होता है और व्यक्ति धीरे-धीरे आध्यात्म की तरफ बढ़ने लगता है।

बुद्धि और विद्या के लिए दही, शत्रु नाश के लिए शहद

अगर सावन में नर्मदेश्वर महादेव का अभिषेक दही से किया जाए, तो इससे विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है, ऐसा माना जाता है। वहीं भगवान शिव पर मधु यानी शहद चढ़ाकर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होने की मान्यता है, यानी जो लोग किसी से परेशान हैं, उनके लिए यह अभिषेक खास बताया गया है।

धन, वैभव और लक्ष्मी के लिए ये उपाय

जिन भक्तों को धन और ऐश्वर्य की कामना है, उनके लिए सावन में गन्ने के रस से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अगर गंगाजल में गुलाब का इत्र मिलाकर रुद्राभिषेक किया जाए, तो इससे लक्ष्मी और वैभव की प्राप्ति होती है, साथ ही जीवन की आर्थिक तंगी भी दूर होने लगती है। वहीं गाय के घी से किया गया अभिषेक भी बेहद चमत्कारिक माना गया है और इससे भक्त की मनोकामना पूरी होने की मान्यता है।

सवाल-जवाब

सावन में रुद्राभिषेक का क्या महत्व है?
मान्यता है कि सावन के महीने में शिव की पूजा और रुद्राभिषेक का फल कई गुना बढ़ जाता है।
गाय के दूध से अभिषेक करने पर क्या फल मिलता है?
संतान की प्राप्ति होती है और जिनकी पहले से संतान है, उनके लिए बच्चों की उन्नति के योग बनते हैं।
गंगाजल से रुद्राभिषेक करने का क्या लाभ है?
मोक्ष और मानसिक शांति मिलती है, और मन धीरे-धीरे आध्यात्म की ओर बढ़ता है।
दही और शहद से अभिषेक करने पर क्या होता है?
दही से विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है, वहीं शहद से शत्रुओं का नाश होने की मान्यता है।
धन और वैभव के लिए किस चीज से अभिषेक करें?
गन्ने के रस और गुलाब का इत्र मिले गंगाजल से रुद्राभिषेक करने से धन, लक्ष्मी और वैभव की प्राप्ति होती है।
क्या हर राशि के लिए अलग शिवलिंग का अभिषेक जरूरी है?
शास्त्रों में राशि के अनुसार अलग-अलग शिवलिंग बताए गए हैं, लेकिन नर्मदेश्वर और पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक हर किसी को मनचाहा फल देता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR