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ऊना के बनौड़े महादेव मंदिर में आस्था की अनोखी मिसाल, ब्रेन हेमरेज के बाद बंद हुई आंख की रोशनी लौटने का श्रद्धालु ने किया दावाधर्म
16 जून 2026, 3:27 pm (46 दिन पहले)· 2

ऊना के बनौड़े महादेव मंदिर में आस्था की अनोखी मिसाल, ब्रेन हेमरेज के बाद बंद हुई आंख की रोशनी लौटने का श्रद्धालु ने किया दावा

पंजाब के होशियारपुर निवासी श्रद्धालु लवली के परिवार का दावा है कि जिला ऊना के बनौड़े महादेव मंदिर में माथा टेकने और विभूति आंख पर लगाने के बाद ब्रेन हेमरेज से प्रभावित आंख की रोशनी वापस लौट आई।

जिला ऊना के प्राचीन बनौड़े महादेव मंदिर से जुड़ी एक घटना इन दिनों पूरे क्षेत्र में आस्था और विश्वास की चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले श्रद्धालु लवली और उनके परिवार ने दावा किया है कि मंदिर में दर्शन करने और महादेव की विभूति आंख पर लगाने के थोड़ी देर बाद उनकी उस आंख की रोशनी लौट आई, जो लंबे समय से प्रभावित थी।

कैसे पहुंचा परिवार मंदिर तक

परिजनों के मुताबिक लवली अपने परिवार के साथ बाबा बालक नाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। रास्ते में ही उन्होंने तय किया कि जिला ऊना के चताड़ा में स्थित प्राचीन बनौड़े महादेव मंदिर में भी मत्था टेकते चलें। मंदिर पहुंचकर लवली ने भगवान शिव के सामने सिर झुकाया और वहां मिलने वाली पवित्र विभूति अपनी आंख पर लगाई।

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तीन मार्च की वह घटना जिसने बदल दी जिंदगी

परिवार बताता है कि 3 मार्च 2025 को लवली को ब्रेन हेमरेज हुआ था। इसी के बाद उनकी एक आंख की रोशनी पर असर पड़ा। लंबे समय तक इलाज चलता रहा, मगर हालत में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। पिछले महीने पीजीआई में हुई जांच में चिकित्सकों ने परिवार को बताया था कि आंख के सामने नसों का एक गुच्छा बन गया है और रोशनी वापस लौटने की संभावना न के बराबर है।

परिवार का दावा और भावुक पल

लवली और उनके परिजनों का कहना है कि बनौड़े महादेव मंदिर में दर्शन करने और विभूति लगाने के कुछ ही देर बाद उन्हें उस आंख से दिखाई देना शुरू हो गया। इस अप्रत्याशित बदलाव से पूरा परिवार भावुक हो उठा। उन्होंने इसे भगवान शिव की विशेष कृपा बताया। डॉक्टरों के लगभग नाउम्मीद कर देने के बाद हुए इस अनुभव को परिवार सीधे तौर पर महादेव के आशीर्वाद से जोड़ रहा है।

दोबारा पहुंचे आभार जताने

इस अनुभव के बाद परिवार एक बार फिर मंदिर पहुंचा और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर अपना आभार व्यक्त किया। जैसे ही यह बात क्षेत्र में फैली, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के बीच इसकी व्यापक चर्चा होने लगी। बड़ी संख्या में लोग इस पूरी घटना को आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं।

चिकित्सकीय पुष्टि अभी बाकी

यह जरूर है कि इस दावे की अब तक कोई चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हो पाई है। बावजूद इसके लवली और उनका परिवार इसे पूरी तरह बनौड़े महादेव की कृपा मानते हुए भगवान शिव का धन्यवाद कर रहा है, और क्षेत्र के श्रद्धालु भी इस घटना को अपने विश्वास से जोड़कर देख रहे हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां की है?
यह घटना जिला ऊना के चताड़ा में स्थित प्राचीन बनौड़े महादेव मंदिर से जुड़ी है।
दावा किसने किया है?
पंजाब के होशियारपुर निवासी श्रद्धालु लवली और उनके परिवार ने दावा किया है।
लवली की आंख की रोशनी कैसे प्रभावित हुई थी?
परिवार के अनुसार 3 मार्च 2025 को हुए ब्रेन हेमरेज के बाद उनकी एक आंख की रोशनी पर असर पड़ा था।
क्या इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि हुई है?
नहीं, अब तक इस दावे की कोई चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है, पीजीआई में डॉक्टरों ने रोशनी लौटने की संभावना न के बराबर बताई थी।
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