देवघर में साल के वो पंद्रह दिन पूरी तरह से पूर्वजों को समर्पित होते हैं जिन्हें पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष के नाम से जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस अवधि में पितृ धरती पर ही निवास करते हैं। इस दौरान उनके निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने से वे संतुष्ट होते हैं और घर-परिवार पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यदि इन क्रियाओं को न किया जाए तो नाराजगी बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी देखने को मिल सकता है। परंपराओं के मुताबिक, यदि इस विशेष समय में कुछ खास शुभ संकेत दिखाई दें, तो यह मान लेना चाहिए कि पूर्वज पूरी तरह मेहरबान हैं। इन तमाम संकेतों के बारे में देवघर के पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने विस्तार से जानकारी दी है।
पितृ पक्ष 2025 की तिथियां और महत्व
देवघर के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि इस साल पितृपक्ष का आरंभ अश्विन माह की प्रतिपदा तिथि यानी 8 सितंबर से होने जा रहा है। इसका समापन 21 सितंबर को अश्विन माह की अमावस्या तिथि के दिन होगा। हमारे स्वर्गवासी पूर्वजों को ही पितृ कहा जाता है और पितृपक्ष में उनका धरती पर वास होता है। यही वजह है कि इन दिनों उनकी विशेष पूजा-अर्चना के साथ उनके नाम पर पिंडदान और तर्पण किया जाता है। यदि पितृगण किसी पर अपनी कृपा बरसा दें, तो जीवन के तमाम संकट स्वतः समाप्त हो जाते हैं और केवल तरक्की ही मिलती है। कुछ खास इशारों और संकेतों के माध्यम से यह आसानी से समझा जा सकता है कि पूर्वज मेहरबान हो चुके हैं।
फूलों की खुशबू और कौए का आगमन
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि पितृपक्ष के दौरान यदि घर के भीतर अचानक से किसी फूल की भीनी-भीनी खुशबू महकने लगे, जबकि आपके घर में उस समय कोई भी फूल का पौधा मौजूद न हो, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पितृगण आप पर प्रसन्न हैं। इसके अलावा, पितृपक्ष के इन पंद्रह दिनों में यदि आपके घर की छत पर अचानक से आकर कोई कौआ बैठ जाए, तो इसे भी पूर्वजों की प्रसन्नता का एक बड़ा और शुभ संकेत माना जाता है।
संतों का आगमन और सपनों में दर्शन
पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार, यदि पितृपक्ष की अवधि में आपके घर अचानक से कोई साधु-संत पहुंच जाएं, तो समझ लीजिए कि पितृ बेहद प्रसन्न मुद्रा में हैं। ऐसी स्थिति में आने वाले साधु-संत को कभी भी खाली हाथ या बिना कुछ दान दिए वापस नहीं लौटाना चाहिए। इसके अलावा, यदि इन दिनों में आपको अपने सपनों में पूर्वजों के दर्शन होने लगें, तो यह भी इस बात की ओर साफ इशारा करता है कि पितृ आपसे बेहद संतुष्ट हैं और उनकी विशेष कृपा आपके परिवार पर बरस रही है।



















