जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में चीन के खिलाफ 5-2 से जोरदार जीत हासिल की। मेजबान भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह और स्ट्राइकर सुखजीत सिंह ने बेहतरीन आक्रामकता दिखाते हुए दो-दो गोल दागे। डिफेंस में मजबूती दिखाने के साथ-साथ पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ जुगराज सिंह ने भी एक गोल अपने नाम किया। चीन की टीम ने पूरे मैच में संघर्ष जारी रखा, लेकिन भारतीय टीम का आक्रमण उन पर भारी साबित हुआ।
मैच का शुरुआती रोमांच और पहला गोल
मुकाबले की शुरुआत से ही मेजबान भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाते हुए गेंद पर दबदबा बनाए रखा। भारतीय मिडफील्डर और फॉरवर्ड बार-बार चीनी सर्कल में घुसपैठ करते दिखे, हालांकि शुरुआती दस मिनटों तक विरोधी रक्षापंक्ति ने उन्हें कोई स्पष्ट मौका नहीं बनाने दिया। मैच के 12वें मिनट में यह गतिरोध आखिरकार टूट गया। जुगराज सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए चीनी सर्कल के भीतर अनमार्क खड़े सुखजीत सिंह की तरफ गेंद बढ़ाई। सुखजीत ने बिना कोई गलती किए गेंद को चीनी गोलकीपर हुआन्यु वू के सिर के ऊपर से नेट में उछालकर शानदार मैदानी गोल कर दिया और भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी।
पेनल्टी कॉर्नर का पलटवार और हरमनप्रीत का जलवा
दूसरे क्वार्टर में चीन ने वापसी के प्रयास तेज किए और 18वें मिनट में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे भारतीय डिफेंडरों ने पूरी मुस्तैदी से विफल कर दिया। इसके बाद 20वें मिनट में भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम इन्हें भुनाने से चूक गई क्योंकि चीनी रक्षापंक्ति ने कड़ी चुनौती पेश की। मैच के 26वें मिनट में चीन की युवा टीम को बड़ी कामयाबी मिली, जब पेंग यांग ने पेनल्टी कॉर्नर को सटीक ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल में तब्दील कर दिया। उनकी फ्लिक भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक के दाईं ओर से निकल गई और स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया।
चीन की इस बराबरी का जवाब भारत ने अगले ही मिनट दे दिया। 27वें मिनट में भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शक्तिशाली फ्लिक शॉट लगाते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया। हाफटाइम से ठीक 30 सेकंड पहले चीन ने लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर जीतकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उनकी इस कोशिश को नाकाम कर दिया।
दूसरे हाफ में भारतीय आक्रमण का तूफान
मध्यांतर के तुरंत बाद भारतीय टीम ने अपनी बढ़त को मजबूत करने के इरादे से खेल दिखाया। खेल के 31वें मिनट में मिले चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत ने एक और लाजवाब फ्लिक लगाकर स्कोर 3-1 कर दिया। इसके महज तीन मिनट बाद, 34वें मिनट में, आदित्य अर्जुन लालगे के सटीक पास पर सुखजीत सिंह ने अपना दूसरा मैदानी गोल दागकर स्कोरबोर्ड 4-1 कर दिया।
चीन ने हार नहीं मानी और तुरंत जवाबी आक्रमण बोला। 36वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को चोंगकॉन्ग चेन ने गोल में बदलकर स्कोर 4-2 कर दिया और मुकाबले में रोमांच बनाए रखा। इसके तुरंत बाद भारत को पांचवां पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन जुगराज सिंह के प्रयास को चीनी गोलकीपर वू ने मुस्तैदी से रोक लिया।
अंतिम क्वार्टर में जुगराज की सील और आगामी चुनौतियां
चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने विरोधी पाले पर दबाव कम नहीं होने दिया। अंतिम क्वार्टर के दूसरे ही मिनट (47वें मिनट) में भारत ने लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। इस बार जुगराज सिंह ने अपनी ताकतवर ग्राउंडेड फ्लिक से गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और स्कोर 5-2 करके टीम की जीत तय कर दी। मैच खत्म होने से दो मिनट पहले भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जहां हरमनप्रीत का शॉट चीनी गोलकीपर ने रोक दिया।
टूर्नामेंट के अपने शुरुआती मुकाबले में बांग्लादेश को 13-0 से हराने वाली भारतीय टीम की यह लगातार दूसरी जीत है। वहीं चीन को पहले मैच में एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया से 4-5 से हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम का अगला मुकाबला शुक्रवार को 24 घंटे के भीतर जापान से होगा, जबकि चीनी टीम का सामना दक्षिण कोरिया से होना तय है।


















