एशियन गेम्स 2026 के 14वें दिन रिंग में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने को मिला। 80 किलोग्राम भारवर्ग की स्पर्धा में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोरियाई मुक्केबाज को एकतरफा मुकाबले में मात दी और पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंकुश की इस जीत ने टूर्नामेंट में भारत की पदक तालिका को और मजबूत कर दिया है।
भारतीय बॉक्सिंग दल का तीसरा स्वर्ण पदक
अंकुश पंघाल की यह जीत भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए प्रतियोगिता में एक बड़ी उपलब्धि बनकर उभरी। इस संस्करण में मुक्केबाजी के खेल में भारत के लिए यह तीसरा गोल्ड मेडल रहा। अंकुश से पहले रिंग में लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने भी अपने बेहतरीन खेल की बदौलत स्वर्ण पदक हासिल किए थे। इन खिलाड़ियों के बाद अंकुश ने अपने भारवर्ग में जीत दर्ज कर बॉक्सिंग कैंप के शानदार प्रदर्शन को जारी रखा।
भारत के खाते में आया 14वां गोल्ड
इस जीत के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 14 तक पहुंच गई है। अंकुश पंघाल ने कबड्डी छोड़कर बॉक्सिंग का रास्ता चुना था और शुरुआती दौर में गांव वालों के तानों और उपहास का सामना करने के बावजूद अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा। अब एशियन गेम्स के मंच पर इतिहास रचकर उन्होंने रिंग में अपनी ताकत साबित कर दी है।



















