एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी दल ने पदकों की झड़ी लगाते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इस महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता में भारत के तीरंदाजों का जलवा लगातार देखने को मिल रहा है, जहां भारतीय दल ने कई गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं। इसी स्वर्णिम सिलसिले के बीच रिकर्व वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने असाधारण सफलता हासिल की है। तीरंदाजी के मिक्स्ड रिकर्व इवेंट में भारत ने पहली बार कोई पदक जीता है। भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा और 17 साल की युवा खिलाड़ी कुमकुम अनिल मोहोद की जोड़ी ने इस स्पर्धा का सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। गोल्ड मेडल के मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन की टीम से बेहद कड़े मुकाबले में 5-3 से हार मिली, लेकिन इस प्रदर्शन ने देश को इस खास स्पर्धा में पहला पदक दिला दिया।
मिक्स्ड रिकर्व में भारत का आठ साल लंबा सूखा हुआ समाप्त
एशियाई खेलों में तीरंदाजी की मिक्स्ड रिकर्व स्पर्धा को साल 2018 के संस्करण से आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया था। साल 2018 में जकार्ता-पालेमबांग में आयोजित हुए खेलों और उसके बाद साल 2022 में हांगझोउ में हुए एशियन गेम्स के दौरान भारतीय तीरंदाज इस कैटेगरी में पोडियम तक पहुंचने से चूक गए थे। आठ वर्षों के लंबे अंतराल और दो लगातार संस्करणों में खाली हाथ रहने के बाद एशियन गेम्स 2026 में यह गतिरोध आखिरकार टूट गया। धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोद की साझेदारी ने भारत को इस स्पर्धा की पदक तालिका में पहली बार जगह दिलाई और देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
गोल्ड मेडल मुकाबले में चीन से रहा कड़ा संघर्ष
खिताबी मुकाबले में धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोद के सामने चीन की मजबूत जोड़ी की चुनौती थी। मैच की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही और पहले सेट में चीनी तीरंदाजों ने 38-37 के बेहद करीबी अंतर से बाजी मारकर 2-0 की शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद दूसरे सेट में धीरज और कुमकुम ने जोरदार वापसी की और बेहतरीन निशाने साधे। दोनों टीमों के बीच दूसरा सेट 37-37 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिससे चीन 2-0 से बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।
तीसरे सेट में चीनी प्रतिद्वंद्वियों ने फिर से बढ़त बनाई और इसे 37-36 के बारीक अंतर से जीतकर 2 अंक और अपनी झोली में डाल लिए। चौथे और निर्णायक सेट में भारतीय जोड़ी ने अंत तक कड़ा संघर्ष किया, लेकिन यह सेट भी 37-37 के स्कोर के साथ बराबरी पर छूटा। अंकों के इस गणित के चलते चीन ने मुकाबले को 5-3 के कुल अंतर से जीत लिया। पहले और तीसरे सेट में मामूली अंकों से पिछड़ने के कारण भारतीय जोड़ी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जिसे भारतीय तीरंदाजी के लिए एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
कुमकुम अनिल मोहोद का दोहरा करिश्मा
इस फाइनल मुकाबले से पहले दिन के शुरुआती सत्र में 17 साल की भारतीय महिला तीरंदाज कुमकुम अनिल मोहोद ने एक और बड़ा कारनामा किया था। कुमकुम ने महिला रिकर्व टीम इवेंट के फाइनल में ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया की टीम का सामना करते हुए गोल्ड मेडल जीता था। एक ही दिन में महिला टीम के साथ ऐतिहासिक गोल्ड और फिर मिक्स्ड रिकर्व स्पर्धा में धीरज के साथ सिल्वर पदक हासिल करके कुमकुम ने एशियन गेम्स 2026 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस असाधारण प्रदर्शन के बाद खेल जगत में कुमकुम अनिल मोहोद को तीरंदाजी की भविष्य की बड़ी सुपरस्टार खिलाड़ी के रूप में देखा जाने लगा है।



















