महाद्वीपीय खेल मंच पर भारतीय दल के दूसरे दिन के सफर में रोमांच, ऐतिहासिक उपलब्धियों और कुछ बेहद करीबी चूकों का अनोखा संगम देखने को मिला। हालांकि पहले सोने की तलाश अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन निशानेबाजी रेंज पर शानदार निशाने और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में मिली पोडियम फिनिश ने पदक तालिका में भारत की स्थिति को मजबूत किया। इसके साथ ही हॉकी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और कबड्डी की टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबलों में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। दिन का खेल खत्म होने तक भारत के खाते में कुल छह पदक दर्ज हो चुके हैं, जिनमें चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।
एमएमए में 700 ग्राम के अंतर से हाथ से निकला फाइनल का टिकट
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स यानी एमएमए में भारत को अपना पहला पोडियम फिनिश हासिल हुआ, लेकिन यह ऐतिहासिक लम्हा एक दिल तोड़ने वाले तकनीकी नियम की भेंट चढ़ गया। भारतीय खिलाड़ी सुचिका तारियाल ने सेमीफाइनल मुकाबले में सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ जबरदस्त मुकाबला लड़ा और मैच बराबरी पर खत्म हुआ। नियमों के मुताबिक मुकाबला ड्रॉ रहने की दशा में फैसला वजन के आधार पर होना था। सुबह के वजन सत्र में सुचिका का वजन अपनी प्रतिद्वंद्वी से महज 700 ग्राम अधिक पाया गया था। तकनीकी नियमों के तहत बराबर मुकाबले में कम वजन वाले खिलाड़ी को आगे बढ़ने का फायदा दिया जाता है, जिसके चलते सुचिका फाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं और उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। इस तरह यह ऐतिहासिक पहला पदक एक कड़वी याद के साथ जुड़ा रह गया।
निशानेबाजी रेंज पर बरसे तीन तमगे, चीन ने बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
निशानेबाजी में भारतीय दल ने अपनी चमक बिखेरते हुए कुल तीन पदक अपने नाम किए, जिनमें दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहा। युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने दबाव के पलों में बेहद संयमित प्रदर्शन किया और रोमांचक शूटआउट के दौरान क्रमशः व्यक्तिगत रजत और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। व्यक्तिगत स्पर्धा से ठीक पहले हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने अपने युवा साथी पार्थ माने के साथ मिलकर पुरुष टीम स्पर्धा का रजत पदक भी जीता था।
इन पदकों की बदौलत केवल निशानेबाजी स्पर्धा में ही भारत के पदकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई, जिसमें चार रजत और एक कांस्य शामिल है। हालांकि यहां भी स्वर्ण पदक भारतीय निशानेबाजों से दूर रहा क्योंकि चीन की तिकड़ी ने असाधारण प्रदर्शन पेश किया। दुनिया के नंबर एक निशानेबाज शेंग लिहाओ, चांगहोंग झांग और सिहान मा ने मिलकर 1899 अंकों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस प्रदर्शन के साथ चीनी निशानेबाजों ने पिछले वर्ष काहिरा में स्थापित अपने ही 1898.4 अंकों के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया और सोने का तमगा अपने नाम किया।
महिला हॉकी टीम का विध्वंसक रूप और बैडमिंटन में क्लीन स्वीप
मैदान पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने इरादे पूरी तरह साफ कर दिए। इंडोनेशिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारतीय महिलाओं ने आक्रमण की झड़ी लगाते हुए 17-1 के विशाल अंतर से जीत दर्ज की। यह जीत इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि अगर भारतीय महिला टीम स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहती है, तो उसे सीधे 2028 के ओलंपिक खेलों का प्रवेश टिकट मिल जाएगा।
कोर्ट पर बैडमिंटन पुरुष टीम ने भी अपनी श्रेष्ठता साबित की। बांग्लादेश के खिलाफ हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने 3-0 से एकतरफा जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। एकल मुकाबलों में लक्ष्य सेन, के श्रीकांत और आयुष शेट्टी ने बिना कोई मौका दिए आसान जीत हासिल की। मुक्केबाजी के रिंग में भी भारत की शुरुआत जोरदार रही, जहां 70 किलोग्राम भार वर्ग में सुमित कुंदू ने अपने विरोधी को आसानी से पछाड़ते हुए अगले दौर का सफर तय किया।
टेबल टेनिस में पाकिस्तान पर दोहरी जीत और कबड्डी में जोरदार शुरुआत
टेबल टेनिस के कोर्ट पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा दबदबा दिखाया। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 3-0 के समान अंतर से अपने-अपने मैच जीते। महिला टेबल टेनिस टीम ने ग्रुप एफ में पाकिस्तान को 3-0 से परास्त कर अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की और ग्रुप तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया। पुरुष टीम ने भी इसी अंदाज में 3-0 से मैच जीतकर अंतिम आठ में प्रवेश किया।
पारंपरिक खेल कबड्डी में भी भारतीय टीमों का दबदबा कायम रहा। गत चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने जापान की चुनौती को 49-24 के विशाल अंतर से ध्वस्त किया। वहीं भारतीय महिला टीम ने बांग्लादेश को 42-21 के स्कोर से हराकर अपने अभियान की बेहद आक्रामक शुरुआत की।
तैराकी और सॉफ्ट टेनिस में भारतीय दल को झेलनी पड़ी शिकस्त
दिन भर की सफलताओं के बीच तैराकी और सॉफ्ट टेनिस से भारतीय प्रशंसकों को मायूसी हाथ लगी। दो बार के ओलंपियन तैराक श्रीहरि नटराज 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में 10वें स्थान पर रहे। नटराज ने फाइनल रेस पूरी करने में 25.52 सेकंड का समय निकाला और वह अंतिम पायदान पर रहे, जो दिन की शुरुआत में हीट में दर्ज किए गए उनके 25.37 सेकंड के समय से भी धीमा रहा। उधर सॉफ्ट टेनिस के मिश्रित युगल वर्ग में आध्या तिवारी और जय मीना की जोड़ी को फिलीपींस के क्रिस्टी सनोसा और शेरविन रे नुगिट के खिलाफ कड़े मुकाबले में 2-5 से हार का मुंह देखना पड़ा।



















