बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता का यह चरण काफी उथल-पुथल भरा रहा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और भारत के उभरते युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली है। इनके अलावा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी तथा ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की मिश्रित युगल जोड़ी भी अंतिम 16 में पहुंचने में सफल रही। हालांकि भारत को पुरुष एकल वर्ग में तब बड़ा झटका लगा जब पूर्व कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन एक बेहद चुनौतीपूर्ण और थका देने वाले मुकाबले में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
लक्ष्य सेन का गैरेट टैन के खिलाफ तीन गेम तक चला कड़ा संघर्ष
पुरुष एकल के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में विश्व चैंपियनशिप के पूर्व कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन का सामना अमेरिका के पूर्व विश्व जूनियर नंबर एक खिलाड़ी गैरेट टैन से हुआ। पूरे मैच के दौरान अमेरिकी खिलाड़ी की तेज गति, आक्रामक स्मैश और चकमा देने वाली रणनीतियों ने लक्ष्य को लगातार दबाव में रखा। गैरेट टैन ने विशेष रूप से भारतीय खिलाड़ी के बैकहैंड वाले पिछले कोने को निशाना बनाया और अपनी जंप स्मैश की बदौलत मैच की लय अपने पक्ष में मोड़ने में कामयाबी हासिल की।
पहले गेम की शुरुआत में ही गैरेट टैन ने 4-1 की शुरुआती बढ़त बना ली थी। हालांकि लक्ष्य सेन ने तुरंत वापसी की और दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी का कड़ा संघर्ष देखने को मिला। स्कोर 5-5 से लेकर 18-18 की बराबरी तक पहुंचा। इसके बाद लक्ष्य ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए अंतिम अंक हासिल किए और पहला गेम 21-19 से जीतकर बढ़त बना ली।
दूसरे गेम में गैरेट टैन ने अपने आक्रमण का स्तर और बढ़ा दिया और रैलियों पर अपना पूरा नियंत्रण कायम कर लिया। उन्होंने शुरुआत में ही 4-0 की बढ़त बना ली और पूरे गेम में बढ़त बनाए रखी। जब स्कोर 15-20 पर था, तब लक्ष्य सेन ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए लगातार चार गेम प्वाइंट बचाए और स्कोर 19-20 कर दिया। लेकिन टैन ने संयम बनाए रखा और अंतिम अंक हासिल कर गेम 21-19 से अपने नाम किया और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
निर्णायक और तीसरे गेम में अमेरिकी खिलाड़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाते हुए 12-4 की भारी बढ़त हासिल कर ली। यहां से लक्ष्य सेन ने एक बार फिर जबरदस्त वापसी की कोशिश की और लगातार अंक हासिल करते हुए स्कोर 15-17 तक पहुंचा दिया। मैच का 17वां अंक एक बेहद लंबी और थका देने वाली रैली के बाद आया, जिसके दौरान गैरेट टैन कोर्ट में आगे की तरफ गिर गए और उन्हें मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा। ब्रेक के बाद टैन ने आते ही एक जोरदार जंप स्मैश लगाकर स्कोर 18-16 कर दिया। इसके तुरंत बाद लक्ष्य की सर्विस लंबी चली गई, जिसका फायदा उठाकर टैन ने क्रॉस-कोर्ट स्मैश से चार मैच प्वाइंट हासिल कर लिए। लक्ष्य ने कुछ सटीक स्मैश लगाकर वापसी की उम्मीद जगाई, लेकिन अगली ही रैली में उनका पैर फिसल गया। इसका फायदा उठाकर टैन ने शटल को खाली कोर्ट में गिरा दिया और निर्णायक गेम 21-17 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मैच खत्म होने के बाद लक्ष्य सेन ने मीडिया से बात करने से पहले अपने खिंचे हुए पैर को आराम दिया। थकावट और निराशा व्यक्त करते हुए लक्ष्य ने कहा, "यह बहुत कड़ा मुकाबला था और तीसरे गेम में मैं शारीरिक रूप से पूरी तरह थक चुका था।" उन्होंने आगे स्वीकार किया कि गैरेट टैन ने शानदार प्रदर्शन किया और वह मैच में अधिकांश समय बचाव की स्थिति में खेलने को मजबूर रहे।
पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी का प्री-क्वार्टर फाइनल में धमाकेदार प्रवेश
विश्व चैंपियनशिप में अपना छठा पदक जीतने का ऐतिहासिक लक्ष्य लेकर मैदान में उतरीं भारत की स्टार महिला शटलर पीवी सिंधू ने राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। वर्ष 2019 की विश्व चैंपियन और इस टूर्नामेंट में नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू ने कनाडा की वेन यू झांग को सीधे गेमों में 21-16, 21-17 से हराकर आसानी से प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब अंतिम 16 के मुकाबले में सिंधू का सामना चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी वांग झी यी से होगा।
वहीं पुरुष एकल वर्ग में भारत के युवा और उभरते स्टार खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। आयुष ने श्रीलंका के डुमिंदु अबेयविक्रमा को एकतरफा मुकाबले में 21-8, 21-10 से शिकस्त देकर अगले दौर में कदम रखा। प्री-क्वार्टर फाइनल में अब आयुष शेट्टी का मुकाबला इंडोनेशिया के मजबूत खिलाड़ी अल्वी फरहान से होगा।
युगल वर्ग: सात्विक-चिराग और ध्रुव-तनीषा अंतिम 16 में, हरिहरन-अर्जुन बाहर
पुरुष युगल वर्ग में भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को वॉकओवर मिलने के कारण प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिल गया। विश्व चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीत चुकी पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी। दूसरे दौर में उनका सामना स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डुन और एडम प्रिंगल से होना तय था। हालांकि, बुधवार को मिश्रित युगल मुकाबले के दौरान स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डुन के दाहिने टखने में गंभीर चोट लग गई। उस मुकाबले में डुन और उनकी जोड़ीदार जूली मैकफर्सन पक्कापोन तीरारात्साकुल और सप्सिरी तेरातनाचाई के खिलाफ 8-18 से पीछे चल रहे थे। चोट के कारण स्कॉटिश जोड़ी ने अंतिम समय में अपना नाम वापस ले लिया, जिससे सात्विक और चिराग को वॉकओवर मिल गया।
मिश्रित युगल स्पर्धा में भारत के ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी ने भी दबदबा कायम रखा। उन्होंने मकाऊ के लियोंग इओक चोंग और एनजी वेंग ची की जोड़ी को सीधे गेमों में 21-11, 21-11 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट कटवाया। हालांकि, पुरुष युगल के एक अन्य मुकाबले में भारत के हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा। कोरिया के कांग मिन ह्युक और की डोंग जू की जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को 21-17, 21-14 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
उन्नति हुड्डा का जुझारू प्रदर्शन और प्रतियोगिता का सबसे बड़ा उलटफेर
महिला एकल स्पर्धा में भारत की युवा बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा पहली बार इस प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही थीं। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में उन्नति ने कनाडा की 12वीं वरीयता प्राप्त अनुभवी खिलाड़ी मिशेल ली के खिलाफ शानदार शुरुआत की और पहला गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया। लेकिन इसके बाद मिशेल ली ने जबरदस्त वापसी की। उन्नति को अगले दो गेम में 21-11, 9-21, 21-23 से हार का सामना करना पड़ा और वह एक कड़े संघर्ष के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
इसी बीच प्रतियोगिता में पुरुष एकल वर्ग में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला। डेनमार्क के रासमुस गेम्के ने ऑल इंग्लैंड चैंपियन और दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी चीनी ताइपे के लिन चुन-यी को बाहर का रास्ता दिखा दिया। गेम्के ने पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी की और 13-21, 21-17, 21-11 से मुकाबला जीतकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर रचा।



















