जिंदगी में कई बार एक छोटी सी घटना इंसान के भीतर बड़ा बदलाव ले आती है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद कस्बे के रहने वाले आकाश राजा के जीवन में भी एक ऐसा ही मोड़ साल 2018 में आया था, जब उन्होंने एक झकझोर देने वाला दृश्य देखा। नारायण तिराहे के पास भोजन की तलाश में गए आकाश ने एक मासूम बच्चे को सड़क पर कार सवार से भीख मांगते हुए देखा। कार वाले ने मदद करने के बजाय उस बच्चे को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। इस अमानवीय घटना ने आकाश के भीतर कुछ ऐसा असर छोड़ा कि उन्होंने इन बच्चों की तकदीर बदलने का पक्का इरादा कर लिया।
भीख के कटोरे की जगह हाथों में थमाईं किताबें
उस दिन को याद करते हुए आकाश राजा ने बताया कि उन्हें महसूस हुआ कि ये बच्चे भीख मांगने के लिए इस दुनिया में नहीं आए हैं, बल्कि इन्हें भी समाज के अन्य बच्चों की तरह पढ़ने और आगे बढ़ने का पूरा हक है। उसी पल उन्होंने ठान लिया कि इन मासूमों के हाथों से भीख का कटोरा छीनकर वहां किताबें पहुंचाई जाएंगी। इस नेक काम में उनके साथी आशीष यादव भी उनके साथ आए। दोनों ने मिलकर रॉयल कृष्णा नाम की एक संस्था की स्थापना की और शुरुआत में संयुक्त अस्पताल के पास एक छोटा सा कोचिंग सेंटर शुरू किया। उस शुरुआती दौर में महज दस बच्चे वहां पढ़ने आते थे, जो या तो दिनभर सड़कों पर भीख मांगते थे या फिर अपने माता-पिता के साथ मजदूरी का काम करते थे।
शुरुआती चुनौतियों को पार कर खड़ी की संस्था
किसी भी नए और बड़े बदलाव की तरह इस शुरुआत में भी तमाम रुकावटें आईं। आस-पड़ोस और समाज के लोगों ने ताने कसे और यहां तक कह दिया कि यह सिलसिला ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगा। लेकिन आकाश ने हार नहीं मानी और अपने संकल्प पर डटे रहे। समय के साथ लोगों का नजरिया बदला और इस नेक मुहिम पर उनका भरोसा भी गहरा होता गया। देखते ही देखते पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भारी इजाफा हुआ। आज के समय में इस संस्था के बैनर तले तीन सौ से अधिक बच्चे पूरी तरह मुफ्त में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्तमान में इस फाउंडेशन की कुल तीन अलग-अलग शाखाएं संचालित हो रही हैं, जहां गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है।
बदल रही है सैकड़ों बच्चों की तकदीर
संस्था के अध्यक्ष ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यहां केवल औपचारिक पढ़ाई तक ही चीजें सीमित नहीं रखी जाती हैं, बल्कि बच्चों की जरूरत का पूरा सामान जैसे कॉपियां, किताबें और पठन-पाठन की अन्य सभी सामग्रियां भी संस्था द्वारा ही मुहैया कराई जाती हैं। यह पूरा ढांचा अन्य सक्षम लोगों और समाज के दानदाताओं के सहयोग से चल रहा है, जो आगे बढ़कर इन बच्चों के लिए मदद का हाथ बढ़ाते हैं। इस पहल का नतीजा यह है कि यहां से शिक्षा पाकर निकलने वाले बच्चे अब दिल्ली पब्लिक जैसे प्रतिष्ठित स्कूलों तक में पढ़ाई कर रहे हैं। आकाश की यह प्रेरणादायक मुहिम आज पूरे शहर के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है।



















