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कुत्ते के लिए खरीदी एक गाय बनी डेयरी साम्राज्य की नींव, इंजीनियर रवि भारती सालाना कमा रहे 90 लाखसक्सेस स्टोरी
17 जून 2026, 10:26 am (47 दिन पहले)· 3

कुत्ते के लिए खरीदी एक गाय बनी डेयरी साम्राज्य की नींव, इंजीनियर रवि भारती सालाना कमा रहे 90 लाख

पलामू के जोरकट गांव के इंजीनियर रवि भारती ने अपने पालतू कुत्ते के लिए 18 हजार रुपये में एक गाय खरीदी थी, और आज उनका 'श्री अर्पण' डेयरी उद्यम हर दिन 700 लीटर से ज्यादा दूध का कारोबार करता है तथा सालाना 80 से 90 लाख रुपये का टर्नओवर देता है।

पलामू जिले के सदर प्रखंड के जोरकट गांव के रवि भारती की कहानी यह बताती है कि कभी-कभी सबसे बड़ी सफलता किसी बहुत छोटी और निजी जरूरत से जन्म लेती है। इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद नौकरी की तलाश में जुटे इस युवक ने जो शुरुआत की, उसकी कल्पना खुद उन्होंने भी नहीं की थी। आज वही रवि डेयरी क्षेत्र के एक सफल उद्यमी के रूप में पहचाने जाते हैं, और दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे कारोबार की पहली ईंट उनके पालतू कुत्ते की एक जिद ने रखी थी।

नौकरी की जगह घर वापसी और एक संयोग

रवि भारती ने TrendKia को बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने आरजीपीवी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वे नौकरी ढूंढ रहे थे, लेकिन पारिवारिक हालात ने उन्हें वापस घर लौटा दिया। गांव लौटकर उन्होंने एक स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया। इसी बीच उनके घर में 'सैम' नाम का एक पालतू कुत्ता था, जो बाजार का दूध पीने से इनकार कर देता था। उसी की जरूरत पूरी करने के लिए रवि ने 18 हजार रुपये में एक गाय खरीद ली।

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यह गाय रोजाना 17 से 18 लीटर दूध देने लगी, जो घर और कुत्ते की जरूरत से कहीं ज्यादा था। बचा हुआ दूध रवि ने बेचना शुरू किया तो इससे अच्छी आमदनी होने लगी। यहीं से उन्हें इस काम में संभावनाएं दिखाई देने लगीं।

एक गाय से 'श्री अर्पण' तक का सफर

दूध की मांग जैसे-जैसे बढ़ी, रवि ने धीरे-धीरे चार और गायें जोड़ लीं और कारोबार को आगे बढ़ाया। इसी दौरान उनके मन में एक बड़ा विचार आया, कि क्यों न आसपास के ग्रामीण इलाकों से दूध इकट्ठा कर उसे वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखकर बाजार तक पहुंचाया जाए। इसी सोच को आकार देते हुए उन्होंने 'श्री अर्पण' नाम से अपना डेयरी उद्यम खड़ा किया। फिलहाल वे लेस्लीगंज, रेड़मा, मेदिनीनगर और आसपास के गांवों से दूध एकत्र करते हैं और अपनी चिलिंग एवं पैकेजिंग यूनिट के जरिए इसे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं।

गुणवत्ता पर सख्त पकड़

रवि के केंद्र पर आने वाले हर दूध की पहले सैंपलिंग होती है। इसके बाद केमिकल टेस्टिंग और मिल्क एनालाइजर की मदद से उसकी गुणवत्ता परखी जाती है। इस जांच में यह भी देखा जाता है कि दूध में स्टार्च, डिटर्जेंट, यूरिया, फार्मलिन या सोडा जैसी कोई मिलावट तो नहीं है। जब दूध हर मानक पर खरा उतरता है, तभी उसे बल्क मिल्क कूलर में रखकर चिलिंग की प्रक्रिया से गुजारा जाता है, और इसके बाद ही ताजा दूध बाजार के लिए रवाना किया जाता है।

हर दिन 700 लीटर का कारोबार, 20 लोगों को रोजगार

आज रवि भारती प्रतिदिन करीब 700 लीटर से अधिक दूध का कारोबार कर रहे हैं। उनके पास 2500 लीटर क्षमता वाला अत्याधुनिक बल्क मिल्क कूलर मौजूद है। उनका मासिक कारोबार अभी 7 से 8 लाख रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि सालाना टर्नओवर 80 से 90 लाख रुपये के बीच है। इस उद्यम से करीब 20 लोगों को सीधे रोजगार भी मिला है।

अब पाश्चराइज्ड दूध की तैयारी

रवि का अगला लक्ष्य अपना दूध प्रसंस्करण संयंत्र लगाना है, ताकि भविष्य में वे पाश्चराइज्ड दूध भी बाजार में उतार सकें। उनका कहना है कि ग्राहकों को हमेशा ताजा दूध ही मिलेगा। सुबह का दूध उसी दिन शाम तक बाजार में पहुंचा दिया जाता है, और कई दिन तक स्टोर किया गया दूध बेचने की उनकी कोई योजना नहीं है। फिलहाल वे 60 रुपये प्रति लीटर के भाव से दूध, 1450 रुपये प्रति किलो की दर से देसी घी और 450 रुपये प्रति किलो की दर से पनीर बेच रहे हैं।

सवाल-जवाब

रवि भारती ने डेयरी कारोबार की शुरुआत कैसे की?
उन्होंने अपने पालतू कुत्ते 'सैम' के लिए 18 हजार रुपये में एक गाय खरीदी थी, जो रोजाना 17 से 18 लीटर दूध देने लगी और बचा हुआ दूध बेचने से कारोबार की शुरुआत हुई।
रवि भारती की पढ़ाई और पेशेवर पृष्ठभूमि क्या है?
उन्होंने वर्ष 2020 में आरजीपीवी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और बाद में गांव लौटकर एक स्कूल में पढ़ाने लगे।
श्री अर्पण डेयरी का मौजूदा कारोबार कितना है?
वे रोजाना 700 लीटर से अधिक दूध का कारोबार करते हैं, उनका मासिक कारोबार 7 से 8 लाख रुपये और सालाना टर्नओवर 80 से 90 लाख रुपये के बीच है।
रवि अभी किन भावों पर अपने उत्पाद बेच रहे हैं?
वे 60 रुपये प्रति लीटर दूध, 1450 रुपये प्रति किलो देसी घी और 450 रुपये प्रति किलो पनीर बेच रहे हैं।
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