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रांची की सरिता ने कटहल से खड़ा किया 23 लाख का कारोबार, आठ महिलाओं को रोजगार से जोड़ासक्सेस स्टोरी
2 जुल॰ 2026, 9:53 pm (45 दिन पहले)· 3

रांची की सरिता ने कटहल से खड़ा किया 23 लाख का कारोबार, आठ महिलाओं को रोजगार से जोड़ा

रांची की सरिता ने बर्बाद होने वाले कटहल को कारोबार में बदला, आज उनका सालाना टर्नओवर 23 लाख रुपये है और वह 8 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

झारखंड की राजधानी रांची के एक गांव में रहने वाली सरिता ने कटहल जैसी आम सी दिखने वाली चीज़ को अपनी कमाई का बड़ा जरिया बना लिया है। आज उनका सालाना कारोबार 23 लाख रुपये तक पहुंच चुका है और वह अपने साथ 8 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

बर्बाद होते कटहल से मिला बिजनेस आइडिया

सरिता बताती हैं कि उनके इलाके में कटहल के पेड़ बहुत ज्यादा हैं। रांची के ग्रामीण इलाकों में घूमने पर हर तरफ कटहल के पेड़ दिख जाते हैं, लेकिन दिक्कत यह थी कि बाजार में इतना माल बिक नहीं पाता था और बड़ी मात्रा में कटहल खराब हो जाता था। यहीं से सरिता के दिमाग में इसे स्टोर करके प्रोसेस करने का आइडिया आया, ताकि यह फसल बर्बाद होने के बजाय कमाई का जरिया बन सके।

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सरकारी स्कीम से मिली सब्सिडी और ट्रेनिंग

सरिता के इस आइडिया को सरकार की फूड प्रोसेसिंग स्कीम से मदद मिली। इस स्कीम के तहत उन्हें सब्सिडी दी गई और साथ ही प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग भी दी गई। इसके बाद सरिता ने अपने साथ 8 अन्य महिलाओं को जोड़ा और सभी ने मिलकर कटहल के प्रोडक्ट्स को कैन में पैक करने का काम शुरू किया। यही टीम आज उनके पूरे कारोबार को संभालती है।

अचार से लेकर चिप्स तक, मुंबई-दिल्ली में डिमांड

सरिता और उनकी टीम कटहल से कई तरह के प्रोडक्ट तैयार करती हैं। इसमें कटहल का अचार, चिप्स और पापड़ शामिल हैं। अचार भी एक तरह का नहीं बल्कि मीठा, खट्टा और मिक्स स्वाद में बनाया जाता है। सरिता के ये प्रोडक्ट अब सिर्फ रांची तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मुंबई, दिल्ली और अमेज़न पर भी खूब बिकते हैं। कई ग्राहक तो उनका अचार विदेश तक साथ लेकर जाते हैं। इसी बढ़ती डिमांड की बदौलत इस साल उनका टर्नओवर 23 लाख रुपये तक पहुंच गया।

बदली जिंदगी, बच्चे बेंगलुरु में कर रहे एमबीए की पढ़ाई

सरिता के मुताबिक एक दौर ऐसा भी था जब उनके बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना पड़ता था और प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई एक सपने जैसी बात थी। लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज वह अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रही हैं, वहीं बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई भी करवा रही हैं, जिसका प्लेसमेंट भी जल्द होने वाला है। सरिता कहती हैं कि उनकी जिंदगी पहले से बहुत बदल चुकी है और उनके साथ जुड़ी 8 महिलाएं भी अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

सवाल-जवाब

सरिता का कारोबार कहां से शुरू हुआ?
सरिता का कारोबार रांची के एक ग्रामीण इलाके से शुरू हुआ, जहां कटहल बड़ी मात्रा में होता है।
सरिता के प्रोडक्ट कहां-कहां बिकते हैं?
उनके प्रोडक्ट मुंबई, दिल्ली और अमेज़न पर बिकते हैं, और कुछ ग्राहक इन्हें विदेश भी ले जाते हैं।
सरिता का इस साल का टर्नओवर कितना है?
इस साल उनका टर्नओवर 23 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
सरिता को सरकार से क्या मदद मिली?
उन्हें सरकार की फूड प्रोसेसिंग स्कीम के तहत सब्सिडी और ट्रेनिंग दी गई।
सरिता के साथ कितनी महिलाएं काम करती हैं?
उनके साथ 8 अन्य महिलाएं जुड़ी हैं, जो मिलकर कटहल के प्रोडक्ट्स बनाती हैं।
सरिता किस तरह के प्रोडक्ट बनाती हैं?
वह कटहल का अचार (मीठा, खट्टा, मिक्स), चिप्स और पापड़ बनाती हैं।
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