दुनिया की सबसे प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल ऐप्पल में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। टिम कुक के स्थान पर जॉन टर्नस ने 1 सितंबर को कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) की जिम्मेदारी संभाल ली है। आमतौर पर किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी का शीर्ष पद संभालते ही अधिकारी अपने सोशल मीडिया और पेशेवर मंचों पर इसकी घोषणा करते हैं, लेकिन जॉन टर्नस का मामला बिल्कुल अलग नजर आता है। मुख्य कार्यकारी बनने के बाद भी उनके लिंक्डइन प्रोफाइल पर उनका पद आज भी ऐप्पल के हार्डवेयर इंजीनियरिंग वाइस प्रेसिडेंट के रूप में ही दर्ज है।
बिना किसी प्रचार के शांत प्रोफाइल
यदि कोई व्यक्ति जॉन टर्नस के लिंक्डइन खाते को देखे, तो उसे वहां सीईओ बनने की कोई गूंज या बड़ी घोषणा दिखाई नहीं देगी। उनकी प्रोफाइल में न तो उपलब्धियों का कोई लंबा दावा है और न ही स्वयं की ब्रांडिंग का कोई प्रयास किया गया है। वहां केवल ऐप्पल के साथ उनके लंबे करियर और उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई जैसी बुनियादी जानकारियां ही मौजूद हैं। हकीकत यह है कि वह साल 2001 से ऐप्पल से जुड़े हुए हैं और कंपनी की कई ऐतिहासिक हार्डवेयर परियोजनाओं का नेतृत्व कर चुके हैं।
काम को मिलने तरजीह, प्रोफाइल को नहीं
वर्तमान दौर में जहां नौकरी बदलना या छोटा सा प्रमोशन पाना भी सोशल मीडिया पर प्रचार का जरिया बन चुका है, वहीं जॉन टर्नस की डिजिटल मौजूदगी एक अलग संदेश देती है। उनका नजरिया स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बातें करने से बेहतर है कि आपका काम खुद बोले। ऐप्पल में 25 साल से अधिक का उनका योगदान ही उनकी असली पहचान है, जिसे साबित करने के लिए किसी पोस्ट की जरूरत नहीं है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर सादगी भरा पदार्पण
डिजिटल दुनिया से दूर रहने के अपने स्वभाव के बीच जॉन टर्नस ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कदम रखा। वहां भी उन्होंने कोई लंबा भाषण या सीईओ के रूप में भारी-भरकम परिचय नहीं लिखा। उन्होंने अपने पहले पोस्ट में सिर्फ 'hello' लिखा। इस छोटे से शब्द वाले पोस्ट ने इंटरनेट पर भारी ध्यान आकर्षित किया और एलन मस्क ने भी टिप्पणी करके उन्हें बधाई दी।
आज के दौर के पेशेवरों के लिए सीख
जॉन टर्नस का यह अंदाज आधुनिक कॉरपोरेट जगत के पेशेवरों को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करता है। हर मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बजाय सही स्थान पर अपना ध्यान केंद्रित करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। लिंक्डइन पर अपना पद बदले बिना भी जॉन टर्नस ऐप्पल की सबसे ऊंची कुर्सी तक पहुंचे। अब उनकी असली क्षमता का प्रदर्शन किसी सोशल प्रोफाइल से नहीं, बल्कि ऐप्पल के आने वाले रणनीतिक फैसलों और नए उत्पादों से दिखाई देगा।



















