अंतरराष्ट्रीय पुरुष टेनिस में सबसे चर्चित रणनीतिकारों में शुमार जुआन कार्लोस फेरेरो ने अपने कोचिंग करियर के अगले चरण का आधिकारिक फैसला कर लिया है। कार्लोस अल्काराज को किशोरावस्था से सात बड़े ग्रैंड स्लैम खिताबों तक पहुंचाने के बाद, स्पेनिश दिग्गज अब अमेरिकी खिलाड़ी बेन शेल्टन के खेल को संवारने की जिम्मेदारी संभालेंगे। जब फेरेरो ने एक नए खिलाड़ी के साथ टूर पर लौटने का संकेत दिया था, तब बहुत कम विश्लेषकों ने इस 24 वर्षीय बाएं हाथ के आक्रामक खिलाड़ी के नाम का अंदाजा लगाया था। फिर भी, दोनों पक्षों के मौजूदा करियर पड़ाव को देखते हुए यह गठबंधन बेहद तार्किक और प्रभावशाली नजर आता है।
न्यूयॉर्क में दो महीने पहले यूएस ओपन के फाइनल तक का सफर तय करने वाले शेल्टन के पास यह मौका है कि वह एक ऐसे मार्गदर्शक से खेल की बारीक रणनीतियां सीखें जो खुद विश्व नंबर एक रह चुका है। फेरेरो ने अल्काराज के साथ काम तब शुरू किया था जब वह सिर्फ 15 वर्ष के थे। उस दौर में शारीरिक रूप से कमजोर माने जाने वाले अल्काराज को फेरेरो ने एक संपूर्ण चैंपियन बनाया। पुरुषों के एटीपी टूर पर अपनी नैसर्गिक प्रतिभा से धाक जमाने वाले अल्काराज और यानिक सिनर ने इस सत्र में अपनी-अपनी चोटों से पहले बड़े टूर्नामेंट्स पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा था। इसके विपरीत, शेल्टन के साथ काम करना फेरेरो के लिए बिल्कुल अलग मिजाज की चुनौती होगी।
विस्फोटक ताकत के साथ निरंतरता की तलाश
शेल्टन के पास कोर्ट पर भारी-भरकम ताकत और असाधारण एथलेटिक क्षमता पहले से मौजूद है। उनकी यह क्षमता किसी भी शीर्ष प्रतिद्वंद्वी की रणनीति को ध्वस्त करने के लिए पर्याप्त मानी जाती है। वह पिछले चार सत्रों से लगातार विश्व के शीर्ष 20 खिलाड़ियों में बने हुए हैं। उनके नाम कुल सात एटीपी टूर एकल खिताब दर्ज हैं, जिनमें 2025 और 2026 में कैनेडियन ओपन में जीती गई दो मास्टर्स 1000 ट्रॉफियां भी शामिल हैं। हालांकि, जब सबसे बड़े मंचों पर सर्वोच्च स्तर के खिलाड़ियों से मुकाबला होता है, तब वह निर्णायक पलों में अक्सर चूकते रहे हैं।
इस साल यूएस ओपन के खिताबी मुकाबले तक पहुंचने के दौरान शेल्टन के खेल में बैकहैंड और डिफेंसिव कौशलों में काफी सुधार दिखा था। फिर भी, अलेक्सांद्र ज्वेरेव के खिलाफ फाइनल के अहम मौकों पर वह अपने सबसे बड़े हथियार फोरहैंड से प्रभावी प्रहार नहीं कर सके, जिसका उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके अलावा, उनसे कमजोर रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ भी उनका खेल लड़खड़ाता रहा है। पिछले हफ्ते बेसल में उन्हें विश्व में 222वें नंबर के स्विस खिलाड़ी जेरोम किम के हाथों अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला इस बात का स्पष्ट संकेत था कि उन्हें अभी अपने प्रदर्शन में स्थिरता लाने के लिए बहुत काम करना बाकी है।
पिता और नए कोच का तालमेल रहेगा निर्णायक
नए करार के तहत फेरेरो शेल्टन के पिता ब्रायन शेल्टन के साथ मिलकर काम करेंगे, जो दो एटीपी खिताब जीतने वाले पूर्व पेशेवर खिलाड़ी हैं और वर्तमान में अपने बेटे के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं। फेरेरो को खेल की गहरी समझ और व्यावहारिक रणनीति बनाने वाले कोच के रूप में जाना जाता है। वह अपने खिलाड़ियों से कोर्ट पर सर्वोच्च स्तर की एकाग्रता और स्पष्ट सोच की मांग करते हैं, जिससे वे दबाव भरे मुकाबलों में जीत दर्ज कर सकें। इसका सीधा अर्थ यह है कि फेरेरो चाहेंगे कि कोर्ट पर आक्रामक मिजाज दिखाने वाले शेल्टन शांत रहकर अधिक बुद्धिमानी से खेलें ताकि उनकी ताकत बेकार न जाए।
अपनी टीम में इस नए जुड़ाव पर उत्साह जताते हुए शेल्टन ने कहा,
"जुआन कार्लोस टेनिस जगत के सबसे बेहतरीन रणनीतिक दिमागों में से एक हैं।"उन्होंने यह भी जोड़ा कि शीर्ष स्तर पर खिताब जीतने और चैंपियन तैयार करने का फेरेरो का अनुभव उनकी पूरी टीम के लिए एक बहुत बड़ी संपत्ति साबित होगा।
2003 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाले 45 वर्षीय फेरेरो अपने शानदार खेल करियर के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन नई पीढ़ी के प्रशंसकों के बीच उनकी पहचान अल्काराज को टेनिस के शीर्ष तक पहुंचाने वाले कोच के रूप में बनी है। फेरेरो ने अपनी हालिया किताब के जरिए एक सुपरकोच के रूप में अपनी साख को और मजबूत किया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या वह अल्काराज के अलावा किसी अन्य खिलाड़ी को भी ग्रैंड स्लैम चैंपियन बना सकते हैं।
भविष्य का खाका और पेशेवर चुनौतियां
फेरेरो का इरादा हमेशा से 2027 के सत्र में कोचिंग में लौटने का था। उन्होंने कई शीर्ष 20 सितारों और युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ शुरुआती बातचीत भी की थी। इनमें से कुछ वार्ताएं काफी गंभीर थीं, लेकिन उन्होंने अनुबंध की शर्तों पर विस्तार से सिर्फ शेल्टन के साथ ही बातचीत की। शेल्टन ने भी जब अपनी टीम में एक नए रणनीतिकार को शामिल करने का विचार बनाया, तो उनकी सूची में फेरेरो का नाम सबसे ऊपर था। तय योजना के मुताबिक फेरेरो अगले सत्र में चारों ग्रैंड स्लैम सहित 10 से 12 टूर्नामेंटों में शेल्टन के साथ मौजूद रहेंगे।
दोनों औपचारिक रूप से अमेरिका में ऑफ-सीजन ट्रेनिंग ब्लॉक के दौरान अभ्यास शुरू करेंगे। हालांकि फेरेरो अगले सप्ताह ट्यूरिन में होने वाले एटीपी फाइनल्स में शेल्टन के मैचों का जायजा लेने कोर्ट पर मौजूद रहेंगे। इस नई चुनौती पर फेरेरो ने कहा,
"बेन के पास असाधारण प्रतिभा, ताकत और शानदार व्यक्तित्व है।"उन्होंने आगे कहा कि वह अपने अनुभव से टीम के साथ मिलकर शेल्टन की महत्वाकांक्षाओं को पूरा कराने के लिए उत्सुक हैं।
इस पूरे सफर में फेरेरो और शेल्टन के पिता ब्रायन के बीच का तालमेल सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। इससे पहले फेरेरो ने अलेक्सांद्र ज्वेरेव को छह महीने तक प्रशिक्षित किया था, जिसका अंत 2018 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में तीसरे दौर की हार के बाद हुआ था। ज्वेरेव के परिवारिक कोचिंग माहौल में फेरेरो को एक बाहरी विशेषज्ञ के तौर पर लाया गया था, लेकिन ज्वेरेव ने फेरेरो पर अपनी टीम के प्रति अनादर दिखाने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटा दिया था। बाद में फेरेरो ने स्पष्ट किया था कि ज्वेरेव में उस स्तर की पेशेवर अनुशासन की कमी थी जिसकी अपेक्षा एक शीर्ष खिलाड़ी से की जाती है।
तकनीकी खामियां और नंबर एक बनने की राह
शेल्टन के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनकी कड़ी मेहनत करने की आदत और जीत की जबरदस्त भूख है। इस वजह से माना जा रहा है कि वह फेरेरो की कड़ी मांगों को खुले दिल से स्वीकार करेंगे, बशर्ते यह बदलाव उनके आक्रामक खेल की धार को कुंद न करे। दूसरी ओर, विलियम्स बहनों को किशोरावस्था में प्रशिक्षित करने वाले दिग्गज अमेरिकी कोच रिक मैकी का मानना है कि शेल्टन की तकनीकी कमियों को सुधारना फेरेरो के लिए आसान नहीं होगा।
मैकी ने शेल्टन की संभावनाओं पर विश्लेषण देते हुए कहा,
"अगर परिस्थितियां उनके पक्ष में रहीं तो शेल्टन कुछ ग्रैंड स्लैम जीत सकते हैं।"मैकी के अनुसार शेल्टन का बैकहैंड ग्राउंडस्ट्रोक और रिटर्न तकनीकी तौर पर अनिश्चित रहता है, जबकि खेल के शिखर पर अंतर बेहद सूक्ष्म होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फेरेरो कई क्षेत्रों में बहुत मदद कर सकते हैं क्योंकि शेल्टन का मनोबल उनके बैकहैंड से कहीं बेहतर है, लेकिन विश्व में नंबर एक के मुकाम तक पहुंचना एक बिल्कुल अलग और कठिन चुनौती है।



















