पुरुष टेनिस सर्किट पर शीर्ष रैंकिंग हासिल करने की तैयारी कर रहे अलेक्जेंडर ज्वेरेव के विजय रथ को वियना ओपन में जोरदार झटका लगा है। दुनिया का नंबर एक पायदान तय करने के बाद अपना पहला मुकाबला खेल रहे जर्मन शीर्ष वरीय ज्वेरेव को सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एलेक्स डी मिनौर के हाथों अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। लगभग ढाई घंटे तक चले इस बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में पांचवीं वरीयता प्राप्त डी मिनौर ने शीर्ष वरीय जर्मन स्टार को 6-4, 1-6, 7-6 (7-4) से पराजित कर फाइनल में जगह बना ली।
शीर्ष रैंकिंग तय होने के बाद ज्वेरेव का पहला झटका
जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव के लिए यह सप्ताह ऐतिहासिक रहा था, जहां उन्होंने आगामी सोमवार को आधिकारिक रूप से जैनिक सिनर को हटाकर दुनिया के नंबर एक पुरुष खिलाड़ी का ताज हासिल करने की स्थिति पुख्ता कर ली थी। हालांकि, इस उपलब्धि के ठीक बाद कोर्ट पर उतरे ज्वेरेव अपनी लय बरकरार नहीं रख सके। मौजूदा सत्र में फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन के खिताब अपने नाम कर चुके जर्मन खिलाड़ी को इस ऑस्ट्रियाई इनडोर हार्डकोर्ट टूर्नामेंट के अंतिम चार चरण में ऑस्ट्रेलियाई चुनौती के सामने अप्रत्याशित शिकस्त झेलनी पड़ी।
कोर्ट पर रणनीति और टाई-ब्रेकर का रोमांच
इस रोमांचक मुकाबले की शुरुआत से ही एलेक्स डी मिनौर बेहद आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथ उतरे। शुरुआती सेट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने दमदार खेल दिखाते हुए ज्वेरेव पर 6-4 से बढ़त बना ली। हालांकि, इस झटके के बाद जर्मन स्टार ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की। ज्वेरेव ने अपनी सर्विस और आक्रामक ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर डी मिनौर को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए दूसरा सेट 6-1 के एकतरफा अंतर से जीतकर मुकाबले को निर्णायक सेट में खींच दिया।
तीसरा और अंतिम सेट बेहद तनावपूर्ण रहा। दोनों ही खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस पर जबरदस्त नियंत्रण दिखाया और पूरे सेट के दौरान किसी भी खिलाड़ी को एक भी ब्रेक पॉइंट का अवसर नहीं मिला। मुकाबला जब 6-6 की बराबरी के बाद निर्णायक टाई-ब्रेकर में पहुंचा, तब 27 वर्षीय डी मिनौर ने असाधारण मानसिक मजबूती का परिचय दिया। उन्होंने अहम पलों पर धैर्य बनाए रखते हुए टाई-ब्रेकर 7-4 से अपने नाम किया और दो घंटे तीस मिनट के कड़े संघर्ष के बाद जीत सुनिश्चित की।
अपनी शर्तों पर खेले डी मिनौर
मैच के बाद एलेक्स डी मिनौर ने अपने प्रदर्शन और रणनीतिक समझ पर गहरा संतोष व्यक्त किया। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि वह कोर्ट पर पूरी तरह अपनी शर्तों पर टेनिस खेलने के इरादे से उतरे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मैंने इस स्थिति का सामना किया, उस पर मुझे बहुत गर्व है। डी मिनौर ने यह भी रेखांकित किया कि वह आक्रामक रुख अख्तियार करने और सही तरह की टेनिस खेलने के इरादे से कोर्ट में उतरे थे, और यही दृष्टिकोण अंत में मैच का फैसला बदलने में निर्णायक साबित हुआ।
एटीपी फाइनल्स की दौड़ में बड़ी छलांग
इस महत्वपूर्ण जीत का असर केवल इस टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्र के अंतिम महामुकाबले की दौड़ पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। 27 वर्षीय डी मिनौर ने इस जीत के साथ सत्र के समापन पर होने वाले एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की होड़ में स्पेन के राफेल जोदार को पीछे छोड़ दिया है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के लिए यह साल का चौथा फाइनल मुकाबला होगा। इससे पहले इस सत्र में उन्होंने केवल एक खिताब फरवरी में रॉटरडैम ओपन में जीता था, और अब उनके पास अपने सत्र को दूसरी ट्रॉफी से सजाने का शानदार अवसर है।
खिताबी भिड़ंत में कार्लोस अल्काराज से होगा मुकाबला
वियना ओपन की ट्रॉफी के लिए अब एलेक्स डी मिनौर का सामना स्पेन के दूसरी वरीयता प्राप्त कार्लोस अल्काराज से होगा। अल्काराज ने दूसरे सेमीफाइनल में बेहतरीन खेल दिखाते हुए रूस के तीसरी वरीयता प्राप्त डेनियल मेदवेदेव को सीधे सेटों में 6-4, 7-6 (7-2) से शिकस्त देकर खिताबी दौर में प्रवेश किया। सात बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन अल्काराज के लिए यह इस कैलेंडर वर्ष का पांचवां फाइनल है।
कार्लोस अल्काराज की यह जीत एटीपी 500 स्तर की प्रतियोगिताओं में उनके अविश्वसनीय दबदबे को भी दर्शाती है। 23 वर्षीय स्पैनिश खिलाड़ी ने एटीपी 500 स्पर्धाओं में अपने अजेय क्रम को 25 मुकाबलों तक पहुंचा दिया है। इस श्रेणी के आयोजनों में अल्काराज को आखिरी बार अप्रैल 2025 में बार्सिलोना ओपन के दौरान होल्गर रूने के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा था। अब वियना के फाइनल में इनफॉर्म ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डी मिनौर और शानदार लय में चल रहे अल्काराज के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
























