डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ की शुरुआत सोमवार को भारी बारिश के कारण पूरी तरह बाधित हो गई। कोर्ट पर पानी भरने और खराब मौसम के चलते पहले दिन निर्धारित 10 मुकाबलों में से एक भी मुकाबला नहीं खेला जा सका। दोपहर तीन बजे से मैच शुरू कराने की योजना थी, लेकिन लगातार हो रही बूंदाबांदी अचानक तेज बारिश में बदल गई, जिसने कोर्ट्स को खेलने लायक नहीं छोड़ा। आयोजकों ने स्थिति को देखते हुए अंततः सोमवार का पूरा शेड्यूल रद्द करने की घोषणा की।
मौसम की मार और डब्ल्यूटीए नियमों की पाबंदी
बारिश के बीच डब्ल्यूटीए की पर्यवेक्षक शीतल अय्यर ने मौसम में सुधार की उम्मीद में शाम के समय कुछ मैच कराने के विकल्प तलाशे थे। शीतल टूर स्तर पर यह जिम्मेदारी संभालने वाली देश की पहली भारतीय महिला हैं। हालांकि, बिगड़ते मौसम और डब्ल्यूटीए के उस सख्त नियम के चलते ऐसा संभव नहीं हो सका, जिसके तहत रात 11 बजे के बाद कोई भी नया मुकाबला शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाती है। रात गहराने और बारिश न थमने पर अधिकारियों को दिन का खेल पूरी तरह समाप्त घोषित करना पड़ा।
मंगलवार सुबह 11 बजे से खेला जाएगा बड़ा कार्यक्रम
सोमवार का पूरा शेड्यूल रद्द होने के बाद आयोजकों ने सभी रद्द मैचों को मंगलवार के लिए पुनर्निर्धारित कर दिया है। मंगलवार को खेल सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जिसमें महिला एकल के पहले दौर के कुल 16 मुकाबले पूरे कराए जाएंगे। आयोजकों के सामने अब बचे हुए दिनों में टूर्नामेंट को समय पर पूरा करने की कड़ी चुनौती होगी।
चक्रवात मुरासु और पूर्वोत्तर मानसून की दोहरी मार
चेन्नई में यह बाधा ऐसे समय आई है जब शहर में पूर्वोत्तर मानसून पूरी तरह सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने मौसम की स्थिति को और अधिक विकट बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। चक्रवात मुरासु दक्षिण आंध्र प्रदेश तट की तरफ बढ़ रहा था और मंगलवार तड़के तट से टकराने की संभावना जताई गई थी। पिछले साल भी इस टूर्नामेंट के शुरुआती दो दिनों में बारिश ने मैचों के कार्यक्रम को काफी प्रभावित किया था।
तारीखों को लेकर आयोजकों की मजबूरी
टूर्नामेंट निदेशक हितेन जोशी ने मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए बताया कि हर कोई इस मौसम में चेन्नई के मिजाज से भली-भांति वाकिफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के सबसे बड़े महिला टेनिस टूर्नामेंट के आयोजन के लिए उनके पास इस समय के अलावा कोई अन्य विकल्प मौजूद नहीं था, क्योंकि डब्ल्यूटीए कैलेंडर में कोई दूसरी विंडो उपलब्ध नहीं थी।



















