मैडिसन कीज़ ने ईस्टबोर्न इंटरनेशनल का खिताब तीसरी बार जीतकर टेनिस इतिहास में अपनी जगह और पक्की कर ली। उन्होंने फाइनल में जर्मनी की टाटियाना मारिया को सीधे सेट में 7-5, 6-4 से हराया और एक ऐसा कारनामा कर दिखाया जो पहले केवल दो ही खिलाड़ी कर पाई थीं।
एवर्ट और नवरातिलोवा की बराबरी
इस जीत के साथ कीज़ उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने ईस्टबोर्न का महिला खिताब तीन या उससे अधिक बार अपने नाम किया है। इस सूची में अब तक केवल क्रिस एवर्ट और मार्टिना नवरातिलोवा का नाम था। 31 वर्षीया अमेरिकी खिलाड़ी ने यहां पहला खिताब 2014 में जीता था, जो उनके करियर का पहला WTA खिताब भी था। 2023 में दूसरी जीत के बाद अब उन्होंने हैट्रिक पूरी की है।
ट्रॉफी उठाते हुए कीज़ ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं हर बार भूल जाती हूं कि यह ट्रॉफी कितनी भारी होती है।" उन्होंने आगे कहा, "ईस्टबोर्न मेरे लिए बेहद खास जगह रही है। बरसों पहले यहीं मेरा पहला खिताब आया था, इसलिए तीसरी बार जीतना मेरे लिए दुनिया से कम नहीं है। इन शानदार दर्शकों के सामने यह करना इसे और भी यादगार बना देता है।"
फाइनल का रोमांचक सफर
कीज़ ने पूरे मैच में अपनी ताकतवर सर्विस और नेट पर लगातार आगे बढ़ने की रणनीति से 2025 की क्वींस चैंपियन मारिया पर दबाव बनाए रखा। पहले सेट में जल्दी ब्रेक लेकर उन्होंने पहल कर ली।
खुद की सर्विस पर कीज़ को बहुत कम परेशानी हुई, लेकिन लगातार दो डबल फॉल्ट करने से दो सेट पॉइंट गंवा बैठीं और 112वीं रैंकिंग वाली मारिया को थोड़ी राहत मिली। पर यह राहत ज्यादा देर नहीं टिकी। कीज़ ने अगले ही गेम में दबाव फिर से बढ़ाया, ड्यूस तक खेल ले गईं और 38 वर्षीया मारिया की रक्षापंक्ति को भेदते हुए ब्रेक वापस छीन लिया। पांचवें मौके पर पहला सेट अपनी झोली में डाल लिया।
दूसरे सेट की शुरुआत में कीज़ के पास पहले ही गेम में ब्रेक का मौका था, लेकिन मारिया ने अपने स्लाइस्ड फोरहैंड और बैकहैंड के चतुर इस्तेमाल से खुद को मुसीबत से बाहर निकाल लिया। सातवें गेम में आखिरकार कीज़ ने ब्रेक हासिल करके 4-3 की बढ़त ले ली। इस बार उन्होंने पहले सेट से कहीं ज्यादा आसानी से मैच को समेटा। तीन चैंपियनशिप पॉइंट मिले और पहले पर ही खिताब पक्का कर लिया।
अटूट फॉर्म की दास्तान
2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन कीज़ ने पूरे हफ्ते एक भी सेट नहीं गंवाया। यह उनका करियर का 11वां WTA खिताब है और वे लगातार पांच टूर फाइनल जीत चुकी हैं। यह सिलसिला उनके जबरदस्त फॉर्म और बड़े मौकों पर संयमित खेल की गवाही देता है।
अब विम्बलडन की चुनौती
दोनों खिलाड़ियों की नजर अब विम्बलडन पर है। कीज़ का पहले दौर में मुकाबला अपनी हमवतन खिलाड़ी काइला डे से होगा। वहीं 2022 में विम्बलडन की सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली मारिया का सामना कज़ाखस्तान की युलिया पुतिंतसेवा से होगा।
बैड होम्बर्ग: ओसाका चोटिल, मुचोवा बनीं चैंपियन
जर्मनी में खेले गए बैड होम्बर्ग ओपन के फाइनल में बड़ा नाटकीय मोड़ आया। चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकीं जापान की नाओमी ओसाका को टखने की चोट के चलते मैच बीच में ही छोड़ना पड़ा। यह उनके करियर का पहला घास के मैदान पर खेला गया फाइनल था। 28 वर्षीया ओसाका ने पहले सेट के दौरान टखने का उपचार कराया, वह सेट 6-1 से हाथ से निकल गया और दूसरे सेट में महज एक गेम खेलने के बाद उन्होंने आगे जारी रखने में असमर्थता जताई।
इस तरह चेक खिलाड़ी कैरोलिना मुचोवा को खिताब मिला। यह इस साल उनका दूसरा खिताब है और सोमवार को रैंकिंग अपडेट होने के बाद वे दुनिया के टॉप 10 में वापसी करेंगी।
मैच के बाद ओसाका ने कहा, "जो दर्शक यहां आए, उन सभी का शुक्रिया और मैच पूरा न कर पाने के लिए मैं माफी मांगती हूं। कैरोलिना को बधाई। तुम टूर की सबसे दिलचस्प खिलाड़ियों में से एक हो और तुम्हारे साथ खेलना हमेशा बेहद मजेदार रहता है। विम्बलडन में तुम्हें खूब कामयाबी मिले।"
ओसाका सोमवार को विम्बलडन में फ्रांस की एल्सा जैकेमोट के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी, जबकि 10वीं वरीयता प्राप्त मुचोवा का पहले दौर में रूस की अनास्तासिया ज़खारोवा से मुकाबला होगा।







