बीजिंग के हार्ड कोर्ट पर इतिहास रचते हुए सर्बियाई टेनिस दिग्गज नोवाक जोकोविच ने चाइना ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। यह उनके शानदार पेशेवर करियर का 102वां एकल खिताब साबित हुआ। फाइनल मुकाबले में उनके प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डि मिनौर पैर की चोट के कारण मुकाबले के बीच में ही हटने को मजबूर हो गए, जिसके चलते जोकोविच को विजेता घोषित किया गया। 39 वर्ष के जोकोविच उम्र के इस पड़ाव पर भी विश्व टेनिस के शीर्ष स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।
चोट के कारण अधूरा रहा खिताबी मुकाबला
फाइनल मुकाबले की शुरुआत काफी रोमांचक रही। जोकोविच से 12 साल छोटे डि मिनौर ने पहले सेट में जोरदार टक्कर दी। यह सेट टाईब्रेकर तक खिंचा, जिसे जोकोविच ने अपने अनुभव के दम पर 7-6 (7-3) से अपने पक्ष में कर लिया। इसके बाद दूसरे सेट की शुरुआत में डि मिनौर 0-1 से आगे थे, तभी उनकी बाईं जांघ में गंभीर तकलीफ उभर आई। दर्द के चलते ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मैच जारी रखने की स्थिति में नहीं थे और उन्होंने कोर्ट छोड़ने का फैसला किया।
लगातार 21वें साल खिताब जीतने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस खिताबी जीत के साथ ही जोकोविच ने एक अविश्वसनीय कीर्तिमान अपने नाम दर्ज किया। साल 2006 से लेकर अब तक वह हर एक कैलेंडर वर्ष में कम से कम एक एकल खिताब जीतने में कामयाब रहे हैं। इस तरह यह लगातार 21वां साल बन गया है जब जोकोविच ने किसी टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम की है। विश्व टेनिस के ओपन एरा इतिहास में पुरुष एकल वर्ग के अंदर अब केवल दो खिलाड़ी ही खिताबों के मामले में उनसे आगे हैं। अमेरिका के जिमी कॉनर्स 109 एकल खिताबों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर 103 खिताबों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज हैं। 102 खिताब जीत चुके जोकोविच अब फेडरर के ऑल-टाइम आंकड़े की बराबरी करने से केवल एक कदम दूर हैं।
बीजिंग में 34 मैचों का अजेय सिलसिला
24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता जोकोविच के लिए मौजूदा सत्र का यह केवल दूसरा फाइनल मुकाबला था। इससे पहले जनवरी में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन का फाइनल खेला था, जहां उन्हें कार्लोस अल्कराज के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी थी। चाइना ओपन में जोकोविच का दबदबा अटूट रहा है। इस जीत के साथ उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपने अजेय क्रम को बढ़ाकर 34 मैचों का कर दिया है। बीजिंग के इस प्रतिष्ठित आयोजन में वह अब तक कुल सात बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर चुके हैं।
कार्लोस अल्कराज ने जापान ओपन पर जमाया कब्जा
एशियाई स्विंग के एक अन्य बड़े मुकाबले में स्पेन के कार्लोस अल्कराज ने जापान ओपन का खिताब अपने नाम किया। 25 वर्षीय अल्कराज के लिए यह जीत इसलिए भी बेहद अहम रही क्योंकि अप्रैल में कलाई की चोट का शिकार होने के बाद यह उनका केवल तीसरा प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट था। बीजिंग में अपने खिताब का सफल बचाव करने के लिए स्पेनिश खिलाड़ी ने चेक गणराज्य के जिरी लेहेका को सीधे सेटों में 7-6 (7-4), 6-4 से पराजित किया। फाइनल में अल्कराज ने शुरुआती ब्रेक से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबला अपनी झोली में डाला।
कलाई की चोट से उबरने के बाद अल्कराज ने अगस्त में यूएस ओपन के जरिए प्रतिस्पर्धी टेनिस में वापसी की थी। वहां वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे, जहां पांच बेहद कड़े सेटों में उन्हें बेन शेल्टन के हाथों हार मिली थी। अल्कराज के लिए यह इस सीजन का तीसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया था और उसके बाद फरवरी में कतर ओपन की ट्रॉफी जीती थी। अपनी खिताबी जीत पर संतोष जताते हुए अल्कराज ने कहा, "चोट के बाद यह जीत बेहद खास है।"



















