विश्व टेनिस रैंकिंग के शीर्ष पायदान पर पहुंचने के बाद जर्मन खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने खेल जगत से मिल रही प्रतिक्रियाओं पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उनतीस वर्ष की उम्र में पहली बार विश्व के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी बने ज्वेरेव पिछले पचास से अधिक वर्षों में इस मुकाम पर पहली बार पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी हैं। हालांकि, इस ऐतिहासिक उपलब्धि के तुरंत बाद ही उन्हें कोर्ट पर निराशाजनक परिणाम का सामना करना पड़ा। फ्रांस की राजधानी में आयोजित पेरिस मास्टर्स टूर्नामेंट के अपने शुरुआती मुकाबले में वह इटली के लोरेंजो मुसेटी के हाथों सीधे सेटों में पराजित होकर बाहर हो गए। इस हार के बाद उन्होंने कहा कि शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद जिस तरह से उनसे जवाबदेही मांगी जा रही है, उसने उन्हें काफी असहज और चिड़चिड़ा बना दिया है।
शीर्ष रैंकिंग पर उठते सवालों से आहत जर्मन स्टार
अलेक्जेंडर ज्वेरेव का मानना है कि टेनिस इतिहास में शायद वह अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें शीर्ष पर काबिज होने के बाद यह साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि वह इस स्थान के वास्तविक हकदार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें अपनी रैंकिंग को सही ठहराने के लिए जितनी सफाई देनी पड़ी है, उतनी शायद किसी भी अन्य खिलाड़ी को कभी नहीं देनी पड़ी। ज्वेरेव ने स्पष्ट किया कि विश्व का नंबर एक खिलाड़ी बनना हर पेशेवर एथलीट का सबसे बड़ा सपना होता है। इसके बावजूद, इस उपलब्धि का आनंद लेने के बजाय उन्हें लगातार सवालों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आज के मैच में हार के बावजूद वह अपने प्रदर्शन और मेहनत के दम पर इस स्थान के पूरी तरह हकदार हैं।
सीजन में ग्रैंड स्लैम सफलता और शीर्ष दस खिलाड़ियों के खिलाफ रिकॉर्ड
जर्मन टेनिस खिलाड़ी के लिए साल 2026 उपलब्धियों भरा रहा है, जिसमें उन्होंने अपने करियर के पहले दो ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। ज्वेरेव ने इस सत्र में फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया, जबकि विंबलडन के फाइनल में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके बावजूद, टेनिस समीक्षकों और प्रशंसकों के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि उनकी यह सफलता कार्लोस अल्काराज और यानिक सिनर के चोटिल होने के दौर में आई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल ज्वेरेव ने विश्व रैंकिंग में 11वें और उससे निचले पायदान के खिलाड़ियों के खिलाफ 62 मुकाबले जीते हैं और सिर्फ 8 गंवाए हैं। इसके विपरीत, शीर्ष 10 में शामिल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ उनका रिकॉर्ड कमजोर रहा है, जहां वह 12 मैचों में से सिर्फ 3 में ही जीत दर्ज कर सके हैं।
सिनर और अल्काराज की चोटों से बदला रैंकिंग का समीकरण
मौजूदा सीजन के फ्रेंच ओपन से पहले तक यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज का पुरुष टेनिस पर दबदबा था और दोनों ने मिलकर लगातार नौ ग्रैंड स्लैम खिताब आपस में बांटे थे। पिछले साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के खिताबी मुकाबले में सिनर ने ज्वेरेव को मात दी थी। इसके अलावा, ज्वेरेव और सिनर के बीच हुए हालिया 10 आमने-सामने के मुकाबलों में हर बार सिनर को ही जीत मिली है। हालांकि, विंबलडन के दौरान घुटने की चोट का शिकार होने के बाद से सिनर कोर्ट से पूरी तरह बाहर चल रहे हैं, जिसके कारण उनकी रैंकिंग फिसलकर नंबर दो पर आ गई। दूसरी ओर, अल्काराज भी कलाई की गंभीर चोट के चलते सीजन के बड़े हिस्से में नहीं खेल सके। अल्काराज के खिलाफ भी ज्वेरेव अपने पिछले पांच मुकाबलों में से चार हार चुके हैं। इन दोनों शीर्ष प्रतिस्पर्धियों की अनुपस्थिति ने ज्वेरेव के नंबर एक बनने का मार्ग आसान किया, जिससे उनके प्रभुत्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पेरिस मास्टर्स में खराब शुरुआत और पुरानी चर्चाएं
पेरिस में सोमवार को अलेक्जेंडर ज्वेरेव को विश्व के नंबर एक खिलाड़ी की ट्रॉफी सौंपी गई थी। पहले दौर में बाई मिलने के बाद बुधवार को उनका सामना इटली के लोरेंजो मुसेटी से हुआ। इस मुकाबले में मुसेटी ने शानदार खेल दिखाते हुए ज्वेरेव को 7-6 (7-5), 6-2 से हरा दिया। अपनी इस अप्रत्याशित हार का आकलन करते हुए ज्वेरेव ने स्वीकार किया कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने बेहतरीन टेनिस खेला, जबकि उनका अपना खेल बेहद लचर रहा। उन्होंने कहा कि यह मुकाबला पिछले कुछ महीनों में उनके सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक था। विश्व रैंकिंग के शिखर पर पहुंचने के साथ ही ज्वेरेव के पुराने विवाद भी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं, जिसमें उनकी दो पूर्व महिला साथियों द्वारा लगाए गए शारीरिक उत्पीड़न के पुराने आरोपों को लेकर दोबारा बातें की जाने लगी हैं। हालांकि, ज्वेरेव ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हालिया दिनों में उन्हें किस खास मुद्दे से सबसे ज्यादा परेशानी हुई है।



















