यदि आप बेहद कम खर्च में विदेश घूमने की इच्छा रखते हैं और प्राकृतिक खूबसूरती के साथ वन्यजीवों के करीब वक्त बिताना चाहते हैं, तो भारत और नेपाल की सीमा पर बसा बहराइच का रुपईडीहा बॉर्डर आपके लिए एक शानदार शुरुआती बिंदु साबित हो सकता है। केवल एक हजार रुपये तक के बस किराए के बजट में आप नेपाल के बेहतरीन इको-टूरिज्म स्थानों जैसे बर्दिया राष्ट्रीय निकुंज, कर्णाली नदी और घोड़ाघोड़ी ताल का आसानी से चक्कर लगा सकते हैं।
रुपईडीहा बॉर्डर से आवागमन और दूरी
नेपालगंज के कोहलपुर के स्थानीय निवासी बसंत कुमार श्रेष्ठ के मुताबिक भारत-नेपाल सीमा से नेपाल के मुख्य पर्यटन केंद्र लगभग 100 से 120 किलोमीटर के दायरे के भीतर ही स्थित हैं। इन जगहों पर जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय बसों की बहुत अच्छी सुविधा मिल जाती है। बहराइच मुख्यालय से रुपईडीहा नेपाल बॉर्डर तक की दूरी करीब 60 किलोमीटर है और अंदर तक जाने का बस किराया सौ रुपये के भीतर ही आता है। बॉर्डर पर बस उतरने के बाद सीमा की दूरी महज एक किलोमीटर की होती है, जिसे पैदल भी तय किया जा सकता है।
प्रमुख इको-टूरिज्म स्थल और आकर्षण
बर्दिया राष्ट्रीय निकुंज पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीवों में रुचि रखने वालों के बीच बहुत मशहूर है। यहां आने वाले सैलानी जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकते हैं और अपने प्राकृतिक परिवेश में रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी और दुर्लभ एक सींग वाले गैंडों का दीदार कर सकते हैं। इस निकुंज के नजदीक ही प्रसिद्ध ठाकुरद्वारा मंदिर भी बना हुआ है जो सैलानियों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है। इसके अलावा कर्णाली नदी का इलाका अपनी खूबसूरत प्राकृतिक छटा, रिवर राफ्टिंग और चर्चित एक खंभे वाले पुल की वजह से पहचाना जाता है। घोड़ाघोड़ी ताल एक जाना-माना रामसर स्थल है जो जैव विविधता, नायाब वनस्पतियों और सर्दियों में आने वाले प्रवासी पक्षियों को निहारने के लिए बेहद खास माना जाता है。
सुर्खेत की वादियां और बागेश्वरी मंदिर
प्राकृतिक सुंदरता और पुराने इतिहास से परिपूर्ण सुर्खेत में कांक्रेविहार, बुलबुले ताल और ऐतिहासिक देउती बज्यै मंदिर जैसे दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। अपनी अनोखी सुंदरता के कारण यह इलाका फिल्मों की शूटिंग के लिए भी काफी पसंद किया जाता है। इसके अलावा सीमा के पास स्थित नेपालगंज का बागेश्वरी मंदिर एक बहुत पुराना धार्मिक स्थल है, जहां भारत और नेपाल दोनों मुल्कों से भारी संख्या में भक्त मन्नतें मांगने आते हैं।
बजट और स्थानीय परिवहन का गणित
बॉर्डर पार करने के बाद कोहलपुर होते हुए नेपालगंज और आगे के सफर के लिए आसानी से लोकल बसें मिल जाती हैं। स्थानीय बस से सफर करने पर लगभग 200 से 250 रुपये तक का किराया देना पड़ता है, जिससे यात्री बेहद मामूली खर्च यानी करीब 500 से 1000 रुपये के भीतर आना-जाना कर इन खूबसूरत जगहों का दीदार कर लेते हैं। बॉर्डर के अंदर प्रवेश करने के बाद यात्री स्थानीय रिक्शा, ऑटो या टेंपो की मदद ले सकते हैं और फिर 100 से 200 रुपये के किराए में नेपाल के भीतर अपनी पसंद की जगहों पर आराम से घूम-फिर सकते हैं। यदि आप शांति और कुदरत के बीच छुट्टियां बिताने का मन बना रहे हैं, तो ये सीमावर्ती इको-टूरिज्म स्थल आपके लिए एक बेहतरीन और सस्ते विकल्प हैं।



















