बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब मां कामाख्या धाम जाने के लिए कोलकाता या दिल्ली का लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। देवघर एयरपोर्ट से गुवाहाटी के लिए सीधी हवाई सेवा चार अगस्त से शुरू हो रही है, और यह सुविधा ठीक श्रावणी मेले के बीचोंबीच शुरू हो रही है, जब संथाल परगना में श्रद्धालुओं की भीड़ अपने चरम पर होती है। इस कदम से सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और आसपास के इलाकों से आने वाले यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि देश के दो सबसे प्रमुख शक्तिपीठ, बाबा बैद्यनाथ धाम और मां कामाख्या मंदिर, अब हवाई मार्ग से एक दूसरे से जुड़ जाएंगे।
अभी तक पूर्वोत्तर भारत जाने के इच्छुक यात्रियों के पास कोई सीधा रास्ता नहीं था, उन्हें कोलकाता, दिल्ली या किसी और शहर से होकर लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता था। नई फ्लाइट शुरू होने के बाद यह दूरी काफी हद तक सिमट जाएगी और धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि दोनों तीर्थ स्थलों के बीच आवाजाही अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सहज हो जाएगी।
हफ्ते में दो दिन उड़ान, जानें पूरा शेड्यूल
देवघर एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर सूर्या के मुताबिक, गुवाहाटी वाली यह उड़ान सप्ताह में सिर्फ दो दिन, यानी मंगलवार और शुक्रवार को उपलब्ध रहेगी। विमान सुबह करीब 11 बजकर 20 मिनट पर देवघर एयरपोर्ट पर उतरेगा और कुछ ही मिनटों बाद, लगभग 11 बजकर 40 मिनट पर गुवाहाटी की ओर रवाना हो जाएगा। इस शेड्यूल का सीधा फायदा सिर्फ धार्मिक यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वोत्तर भारत से आने-जाने वाले कारोबारियों और छात्रों के लिए भी यह उड़ान किसी वरदान से कम नहीं होगी। खासतौर पर सावन के मौसम में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने पहुंचे भक्त अब उसी यात्रा के दौरान गुवाहाटी जाकर मां कामाख्या मंदिर के दर्शन भी आसानी से कर सकेंगे। इसी तरह पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी देवघर पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा, क्योंकि उन्हें अलग-अलग शहरों में उड़ान बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दिल्ली रूट पर भी लौट रही रात की उड़ान
गुवाहाटी के अलावा एक और बड़ी खबर दिल्ली रूट से जुड़ी है। एक अगस्त से देवघर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रात के समय चलने वाली विमान सेवा भी दोबारा बहाल हो रही है। इससे दिल्ली आने-जाने वाले मुसाफिरों के पास एक और सुविधाजनक विकल्प खुल जाएगा, खासकर उन यात्रियों के लिए जो दिन में समय न मिलने पर रात की उड़ान को तरजीह देते हैं। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेले के चलते यात्रियों की तादाद लगातार बढ़ रही है, जिसकी वजह से उड़ानों की मांग में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अगर आने वाले दिनों में यात्रियों की यही रफ्तार बनी रहती है, तो भविष्य में देवघर से और शहरों के लिए भी नई उड़ानें शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्वी भारत के हवाई हब के तौर पर उभर रहा देवघर
देवघर एयरपोर्ट पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी पहचान एक अहम हवाई केंद्र के रूप में मजबूत करता आ रहा है। इससे पहले यहां से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों के लिए उड़ानें शुरू हो चुकी हैं, और अब गुवाहाटी का जुड़ना इस फेहरिस्त में एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसका असर सिर्फ स्थानीय निवासियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन कारोबार, होटल उद्योग, टैक्सी चालकों और छोटे दुकानदारों की कमाई पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु देवघर का रुख करते हैं, और ऐसे वक्त में नई उड़ानों का शुरू होना शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुमान के मुताबिक, श्रावणी मेले के दौरान सभी प्रमुख उड़ान मार्गों पर यात्रियों की संख्या में 20 से 25 प्रतिशत तक इजाफा देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि उड़ानों का परिचालन तय समय पर सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी भी यात्री को अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। नई हवाई कनेक्टिविटी से देवघर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी अहमियत आगे और बढ़ने वाली है। बाबा बैद्यनाथ के दरबार से मां कामाख्या के दरबार तक पहुंचना अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज, सरल और आरामदायक बन जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा जितनी अहम है, झारखंड के समूचे पर्यटन और आर्थिक विकास के लिहाज से भी इसे उतना ही बड़ा कदम माना जा रहा है।





















