बारिश की हल्की फुहारें और बादलों की आवाजाही भारत के कई इलाकों की सुंदरता में चार चांद लगा देती है। हरे-भरे पर्वत, ऊंचाई से गिरते पानी के तेज झरने और धुंध में डूबी पहाड़ियां किसी का भी मन मोह सकती हैं। अगर आप मानसून के इस खूबसूरत दौर को बिना गवाएं घूमने की योजना बना रहे हैं, तो देश में कई ऐसे बेहतरीन ठिकाने मौजूद हैं जहां कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिलता है। प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए मानसून का अंत होने से पहले इन 5 शानदार जगहों की सैर करना एक यादगार अनुभव साबित हो सकता है।
चेरापूंजी और मावसिनराम की हरियाली में बसा मेघालय
उत्तर-पूर्वी भारत में स्थित मेघालय मानसून के समय बेहद मनमोहक नजर आता है। वर्षा ऋतु के दौरान यहां के घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और उफनते झरने अपनी अलग ही छटा बिखेरते हैं। चेरापूंजी और मावसिनराम में बहते प्राकृतिक दृश्य यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। इस मौसम में प्रसिद्ध नोकलिकई झरने का नजारा और उसके चारों ओर फैली सघन हरियाली देखने लायक होती है। हालांकि, इस क्षेत्र में अत्यधिक बारिश होने के कारण यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति और रास्तों की ताजा जानकारी लेना बेहद आवश्यक है।
मुंबई और पुणे के पास लोनावाला और खंडाला की वादियां
पश्चिम भारत में महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे शहरों के करीब स्थित लोनावाला और खंडाला वीकेंड की छुट्टियों में घूमने के लिए बेहद लोकप्रिय स्थल हैं। वर्षा ऋतु के आते ही सह्याद्रि पर्वत शृंखला हरी-भरी चादर से ढक जाती है। यहां आने वाले यात्री बहते झरनों, बादलों से घिरी चोटियों और गहरी घाटियों के मनोरम दृश्यों का लुत्फ उठा सकते हैं। इस क्षेत्र के प्रमुख आकर्षणों में भुशी डैम, टाइगर पॉइंट और ऐतिहासिक राजमाची शामिल हैं, जहां बारिश के दिनों में काफी पर्यटक पहुंचते हैं।
दक्षिण भारत का शांत और सुहाना हिल स्टेशन कोडाइकनाल
अगर आपकी पसंद दक्षिण भारत की शांत और सुकून भरी यात्रा है, तो तमिलनाडु का कोडाइकनाल आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। अधिक ऊंचाई पर बसा यह सुंदर हिल स्टेशन अपनी शांत झील, पथरीले ढलानों और दूर-दूर तक फैले नजारों के लिए जाना जाता है। बारिश खत्म होने के बाद चारों तरफ फैली ताजी हरियाली और हवा में मौजूद हल्की धुंध इस जगह के माहौल को बेहद रोमानिक और सुकून देने वाला बना देती है।
केरल के जंगलों और बागानों से घिरा वायनाड
प्रकृति से लगाव रखने वाले यात्रियों के लिए केरल का वायनाड जिला मानसून के दौरान किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। यह पूरा इलाका सघन वनों, पहाड़ियों, पानी के प्रपातों के साथ-साथ चाय और कॉफी के विशाल बागानों से समृद्ध है। बारिश की बूंदों के बाद यह पूरा परिदृश्य जीवंत और हरा-भरा हो जाता है। यहां के मुख्य पर्यटन स्थलों में सूचिपारा झरने और ऐतिहासिक एडक्कल गुफाएं प्रमुख हैं। भारी वर्षा के समय सुरक्षा कारणों से कुछ स्थानों पर पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध लग सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की हिदायतों का पालन करना जरूरी है।
झीलों की नगरी उदयपुर में मानसून का अनूठा रूप
सामान्य तौर पर राजस्थान को एक गर्म और रेतीले प्रदेश के रूप में देखा जाता है, लेकिन मानसून के दस्तक देते ही उदयपुर शहर का मिजाज पूरी तरह बदल जाता है। बारिश के दिनों में यहां की प्रसिद्ध झीलों के आसपास हरियाली बढ़ जाती है और वातावरण खुशनुमा हो जाता है। पर्यटक लेक पिछोला, फतेह सागर झील और भव्य सिटी पैलेस की सैर का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा बारिश के बाद अरावली की प्राचीन पहाड़ियों की छटा भी काफी आकर्षक दिखाई देने लगती है।



















