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पटना के जेपी गंगा पथ पर गुलाबी फूलों की बहार, रीलबाजों और फोटोग्राफरों का जुटने लगा हुजूमयात्रा
25 जून 2026, 10:25 am (45 दिन पहले)· 3

पटना के जेपी गंगा पथ पर गुलाबी फूलों की बहार, रीलबाजों और फोटोग्राफरों का जुटने लगा हुजूम

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जेपी गंगा पथ के किनारे लगे हजारों पौधों पर गुलाबी फूल खिल उठे हैं, और यह इलाका अब सोशल मीडिया पर 'पिंक पैराडाइज' के नाम से छाया हुआ है.

पटना का जेपी गंगा पथ अब सिर्फ आने-जाने का रास्ता भर नहीं रह गया है, बल्कि शहर का सबसे चर्चित फोटो और रील पॉइंट बन चुका है. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सड़क के किनारे लगाए गए हजारों पौधों पर इन दिनों गुलाबी फूलों की ऐसी बहार आई है कि पूरा इलाका किसी सपनों की दुनिया जैसा दिखने लगा है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग इसे 'पिंक पैराडाइज' कहकर पुकारने लगे हैं.

सुबह की हल्की धूप हो या शाम की ठंडी हवा, इन गुलाबी फूलों के बीच लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. कोई फूलों के बीच खड़े होकर तस्वीरें खिंचवा रहा है तो कोई अपने कैमरे और मोबाइल से इस नजारे को कैद करने में जुटा है. फोटोशूट और रील बनाने वालों के लिए यह जगह किसी रेडीमेड सेट से कम नहीं है.

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लोकल लोगों की पसंदीदा जगह

गुलाबी रंग से सजा यह इलाका शहर की खूबसूरती तो बढ़ा ही रहा है, साथ ही आसपास रहने वालों के लिए घूमने-फिरने की मनपसंद जगह भी बन गया है. यहां बैठने के लिए ठीक-ठाक इंतजाम किया गया है और आसपास तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल भी लगे हैं. लेकिन सबसे ज्यादा खिंचाव गुलाबी फूलों का ही है, जिन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.

इंस्टाग्राम हो या कोई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, इस जगह की हजारों रील आसानी से दिख जाएंगी. मौका मिलते ही लोग यहां पहुंचकर अलग-अलग अंदाज में वीडियो और तस्वीरें बना रहे हैं. कोई फूलों के बीच खड़े होकर शूट कर रहा है तो कोई अलग कैमरा एंगल और सिनेमैटिक शॉट्स के जरिए इस खूबसूरती को फ्रेम में कैद कर रहा है. कई कंटेंट क्रिएटर भी यहां नियमित रूप से आने लगे हैं.

एल एंड टी साइट के सामने खास स्पॉट

जेपी गंगा पथ पर यह खास जगह एल एंड टी की साइट के ठीक सामने है. यहां जिग-जैग वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है, जहां सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग टहलने पहुंचते हैं. ट्रैक के दोनों ओर लगे गुलाबी फूल इस जगह को और भी आकर्षक बना देते हैं, और फूलों की कतार के बीच से गुजरते हुए लोगों को एक अलग ही एहसास होता है.

गोल्डन आवर का जादू

इस जगह की सबसे खास बात है यहां से दिखने वाला सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा. गोल्डन आवर के समय जब सूरज की सुनहरी किरणें गुलाबी फूलों पर पड़ती हैं तो पूरा इलाका बेहद मनमोहक लगने लगता है. फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए यही वक्त सबसे पसंदीदा माना जा रहा है, और शायद इसीलिए सुबह-शाम यहां अच्छी-खासी भीड़ जुटती है.

खूबसूरत मगर जहरीला है यह पौधा

इन फूलों के बारे में जानकारी जुटाने पर पता चलता है कि ये कनेर के पौधे हैं. लंबी, पतली और नुकीली हरी पत्तियां और गुच्छों में खिलने वाले गुलाबी फूल इसकी पहचान हैं. कनेर एक सदाबहार सजावटी पौधा है, जिसे पार्कों, सड़क किनारों और बगीचों में खूब लगाया जाता है. गर्मी और मानसून के मौसम में यह खास तौर पर आकर्षक दिखता है और कम देखभाल में भी लंबे समय तक फूल देता रहता है.

हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक कनेर जितना सुंदर दिखता है, इसके सभी हिस्से उतने ही जहरीले भी माने जाते हैं. इसकी पत्तियां, फूल, तना और इससे निकलने वाला रस शरीर में पहुंचने पर सेहत से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं. इसलिए बेहतर यही है कि इस खूबसूरती का आनंद दूर से ही लिया जाए.

सवाल-जवाब

पटना का 'पिंक पैराडाइज' किस जगह को कहा जा रहा है?
पटना के जेपी गंगा पथ पर सड़क किनारे खिले गुलाबी फूलों वाले इलाके को सोशल मीडिया पर 'पिंक पैराडाइज' कहा जा रहा है.
ये गुलाबी फूल कहां से आए?
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सड़क के किनारे हजारों पौधे लगाए गए थे, जिन पर अब गुलाबी फूलों की बहार आ गई है.
यह खास स्पॉट कहां स्थित है?
यह जगह जेपी गंगा पथ पर एल एंड टी की साइट के ठीक सामने है, जहां जिग-जैग वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है.
घूमने के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?
सुबह और शाम का गोल्डन आवर सबसे अच्छा माना जा रहा है, जब सूरज की सुनहरी किरणें गुलाबी फूलों पर पड़ती हैं और सूर्योदय-सूर्यास्त का नजारा दिखता है.
ये गुलाबी फूल किस पौधे के हैं?
ये कनेर के पौधे के फूल हैं, जो एक सदाबहार सजावटी पौधा है और जिसकी पत्तियां लंबी, पतली व नुकीली होती हैं.
क्या यह पौधा खतरनाक है?
हां, विशेषज्ञों के मुताबिक कनेर के पौधे के सभी हिस्से जहरीले माने जाते हैं और इसकी पत्तियां, फूल, तना व रस सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
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