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बारिश में घर-आंगन के पास घूमते इन 5 सांपों में जहर नहीं होता, ऐसे पहचानें फर्कट्रेंड्स
5 सित॰ 2026, 11:39 am (56 मिनट पहले)· 2

बारिश में घर-आंगन के पास घूमते इन 5 सांपों में जहर नहीं होता, ऐसे पहचानें फर्क

बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास दिखने वाली सांपों की कई प्रजातियां असल में जहर रहित होती हैं, लेकिन इन्हें पहचानने के लिए सावधानी जरूरी है.

मानसून शुरू होते ही जमीन में पानी भरने लगता है और बिलों में भी पानी घुसने लगता है, जिसकी वजह से सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर खेतों, झाड़ियों, घरों के आसपास और सड़कों तक पहुंच जाते हैं. खाने की तलाश में भी सांपों की हलचल इस मौसम में बढ़ जाती है. सांप को देखते ही डर जाना आम बात है, लेकिन बारिश में दिखने वाला हर सांप खतरनाक नहीं होता. भारत में मिलने वाली कई प्रजातियां जहर रहित होती हैं और आमतौर पर इंसानों की जान के लिए खतरा नहीं मानी जातीं. फिर भी सिर्फ शक्ल देखकर सांप की पहचान करना सुरक्षित तरीका नहीं है, इसलिए सतर्कता बरतना ही सबसे बेहतर रास्ता है.

कॉमन वुल्फ स्नेक

कॉमन वुल्फ स्नेक आकार में छोटे से मध्यम दर्जे का सांप होता है, जिसके शरीर पर सफेद या हल्के रंग की धारियां बनी होती हैं. इसकी बनावट कुछ हद तक करैत से मिलती जुलती है, यही वजह है कि लोग अक्सर इसे करैत समझने की गलती कर बैठते हैं. यह सांप जहर रहित माना जाता है और ज्यादातर रात के समय ही सक्रिय रहता है.

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इंडियन रैट स्नेक यानी धामन

धामन के नाम से मशहूर इंडियन रैट स्नेक भारत में सबसे आम पाए जाने वाले जहर रहित सांपों में गिना जाता है. इसका शरीर लंबा और पतला होता है, और अलग-अलग इलाकों में इसका रंग अलग-अलग देखने को मिलता है. यह चूहों और छोटे जीवों का शिकार करता है, इसी वजह से यह खेतों और गांव-देहात के इलाकों में ज्यादा दिखाई देता है. जहर न होने के बावजूद खतरा महसूस होने पर यह काट भी सकता है, इसलिए इससे भी दूरी बनाए रखना ठीक रहता है.

कॉमन सैंड बोआ

कॉमन सैंड बोआ का शरीर मोटा और मजबूत बनावट वाला होता है. यह ज्यादातर ढीली मिट्टी या रेतीले इलाकों में पाया जाता है. यह भी जहर रहित प्रजाति है, जो छोटे जीवों का शिकार करके अपना पेट भरती है. सिर्फ रंग के आधार पर इसे पहचानने की कोशिश करना भरोसेमंद तरीका नहीं है.

चेक्ड कीलबैक

चेक्ड कीलबैक तालाबों, जलाशयों और खेतों के आसपास आमतौर पर देखा जाता है. इसके शरीर पर बना चौकोर, चेकर जैसा पैटर्न इसे पहचानने में काफी मदद करता है. यह जहर रहित सांप है, जो मुख्य रूप से मछली और मेंढक जैसे छोटे शिकार खाकर गुजारा करता है.

इंडियन रॉक पायथन

इंडियन रॉक पायथन भी जहर रहित सांपों की श्रेणी में आता है. यह अपने शिकार को जकड़कर उसका दम घोंट देता है. इसका शरीर बेहद बड़ा और लंबा होता है, जिस पर भूरे और काले रंग के धब्बे बने होते हैं. मानसून के दौरान पानी या खाने की तलाश में यह अपनी सामान्य रहने की जगह से बाहर निकल आता है.

पहचान में जल्दबाजी क्यों खतरनाक है

कॉमन वुल्फ स्नेक जैसा जहर रहित सांप भी करैत जैसे जहरीले सांप से मिलता जुलता दिख सकता है, इसलिए रंग या धारियां देखकर तुरंत यह मान लेना कि सांप खतरनाक नहीं है, भारी गलती साबित हो सकता है. जहरीले और जहर रहित सांपों के शरीर पर पैटर्न, रंग और बनावट में कई बार इतनी समानता होती है कि दूर से पहचान करना मुश्किल हो जाता है, इसलिए किसी भी सांप के पास जाने या उसे छूने की कोशिश करने से बचना चाहिए.

सवाल-जवाब

मानसून में सांप ज्यादा क्यों दिखते हैं?
बारिश का पानी बिलों में भर जाने से सांप बाहर निकलकर सूखी जगह और खाने की तलाश में खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास पहुंच जाते हैं.
क्या इस लेख में बताए गए सभी 5 सांप जहर रहित हैं?
हां, कॉमन वुल्फ स्नेक, इंडियन रैट स्नेक यानी धामन, कॉमन सैंड बोआ, चेक्ड कीलबैक और इंडियन रॉक पायथन, ये पांचों जहर रहित माने जाते हैं.
कॉमन वुल्फ स्नेक को करैत समझने की गलती क्यों होती है?
इसके शरीर पर बनी सफेद या हल्के रंग की धारियां करैत जैसी दिखती हैं, इसलिए दोनों में पहचान की गलती हो सकती है.
इंडियन रैट स्नेक यानी धामन क्या खाता है?
यह मुख्य रूप से चूहों और दूसरे छोटे जीवों का शिकार करता है, इसी वजह से यह खेतों में ज्यादा देखा जाता है.
क्या जहर रहित सांप भी काट सकता है?
हां, धामन जैसे जहर रहित सांप भी खतरा महसूस होने पर काट सकते हैं, इसलिए इनसे भी दूरी बनाए रखनी चाहिए.
कॉमन सैंड बोआ आमतौर पर कहां पाया जाता है?
यह ज्यादातर ढीली मिट्टी या रेतीले इलाकों में पाया जाता है.
चेक्ड कीलबैक को कैसे पहचानें?
इसके शरीर पर बना चौकोर, चेकर जैसा पैटर्न इसे पहचानने में मदद करता है और यह ज्यादातर तालाबों व खेतों के पास मिलता है.
इंडियन रॉक पायथन अपने शिकार को कैसे मारता है?
यह जहर रहित सांप है जो अपने शिकार को जकड़कर उसका दम घोंट देता है.
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