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मानसून में भारी पर्दों और सोफा कवर की धुलाई व बिना धूप सुखाने के असरदार उपायट्रेंड्स
6 सित॰ 2026, 12:36 pm (26 मिनट पहले)· 2

मानसून में भारी पर्दों और सोफा कवर की धुलाई व बिना धूप सुखाने के असरदार उपाय

बारिश के मौसम में धूप न निकलने पर पर्दों और सोफा कवर में नमी और सीलन की बदबू की समस्या बढ़ जाती है। सही धुलाई तकनीक, सिरके के इस्तेमाल और कमरे में पंखे-एग्जॉस्ट का सही प्रयोग करके आप कपड़ों को बिना धूप भी झटपट सुखा और तरोताज़ा रख सकते हैं।

मानसून की बारिश अपने साथ मौसम का खुशनुमा बदलाव तो लाती है, लेकिन इसके साथ ही घर की साफ-सफाई और कपड़ों को सुखाने की एक बड़ी चुनौती भी सामने आ जाती है। इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी घर के भारी कपड़ों जैसे कि पर्दों, सोफा कवर और मोटे बेड स्प्रेड को धोने के दौरान होती है। आकाश में बादलों के घिरे रहने और सूरज की तेज धूप न निकलने के कारण धुले हुए कपड़ों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है। यही नमी आगे चलकर कपड़े से सीलन की अजीब बदबू आने की वजह बन जाती है। ऐसे में इन गंदे पर्दों और कवरों को सिर्फ सामान्य पानी और डिटर्जेंट में धो लेना काफी नहीं होता है।

बारिश के दिनों में सफाई की प्रक्रिया के साथ-साथ कपड़ों को सही तरीके से सुखाना और उनके रेशों से नमी को पूरी तरह निकालना बेहद जरूरी हो जाता है। कुछ व्यावहारिक और आसान घरेलू उपायों को अपनाकर आप बिना सूरज की रोशनी के भी अपने घर के कपड़ों को बिल्कुल साफ, तरोताजा और गंध-मुक्त रख सकते हैं। इसके लिए आपको केवल अपनी धुलाई और देखभाल के रूटीन में थोड़ा सा बदलाव करने की जरूरत है।

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धुलाई की शुरुआत से पहले धूल-मिट्टी झाड़ना जरूरी

भारी पर्दों या सोफा कवर को सीधे पानी के टब या वॉशिंग मशीन में डालने की गलती बिल्कुल न करें। धुलाई शुरू करने से पहले कपड़ों को बाहर ले जाकर अच्छी तरह से झाड़ लें। यदि आपके पास वैक्यूम क्लीनर की सुविधा उपलब्ध है, तो कपड़ों की सतह पर जमा धूल को उससे पूरी तरह साफ कर लें। ऐसा करने से धुलाई के समय पानी अत्यधिक गंदा नहीं होगा और कपड़े पर जमा सूखी धूल पानी में घुलकर दोबारा रेशों से नहीं चिपकेगी। मोटे पर्दों के मामले में यह शुरुआती कदम कपड़े की उम्र बढ़ाने और उसे चमकदार बनाए रखने में बहुत कारगर साबित होता है।

डिटर्जेंट की मात्रा और रिंसिंग की सही प्रक्रिया

अक्सर लोग सोचते हैं कि कपड़ों को ज्यादा डिटर्जेंट में धोने से वे ज्यादा साफ होंगे, लेकिन मानसून के दौरान यह सोच उल्टा असर कर सकती है। बारिश के दिनों में कपड़े आसानी से नहीं सूख पाते, इसलिए अत्यधिक डिटर्जेंट का प्रयोग नुकसानदेह होता है। यदि कपड़े के भीतर डिटर्जेंट या साबुन के अवशेष रह जाते हैं, तो वे हवा की नमी के साथ मिलकर रासायनिक गंध और सीलन पैदा करने लगते हैं। इसलिए धुलाई के लिए केवल सामान्य और संतुलित मात्रा में ही डिटर्जेंट पाउडर या लिक्विड का इस्तेमाल करें। इसके अलावा यह सुनिश्चित करें कि धुलाई के अंत में कपड़ों को साफ पानी से अच्छी तरह से खंगाला जाए ताकि साबुन का एक भी कण कपड़ों में न बचे।

बिना धूप के तेजी से कपड़े सुखाने के प्रभावी तरीके

बारिश के मौसम में कपड़े सुखाने की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि धोने के बाद उनसे अतिरिक्त पानी कितनी जल्दी निकाला जाता है। पर्दों या कवर को धोने के बाद लंबे समय तक पानी में डूबा हुआ न छोड़ें। वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल करते समय स्पिन मोड का उपयोग करके ज्यादा से ज्यादा पानी निकाल लें। हालांकि, यदि कपड़ा किसी नाजुक या फैंसी फैब्रिक का बना है, तो बहुत तेज स्पीड वाले स्पिन मोड से बचें ताकि कपड़ा फटने से बच सके।

स्पिन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कपड़ों को सुखाने के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां हवा का निरंतर प्रवाह बना रहता हो। कपड़ों को एक-दूसरे के ऊपर थप्पी बनाकर रखने के बजाय अलग-अलग दूरी पर फैलाकर सुखाएं। यदि आपके घर में बालकनी या खिड़की के पास हवा का अच्छा बहाव है, तो वहां कपड़ों को फैलाना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

कमरे के भीतर पंखे और एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल

यदि बाहर धूप बिल्कुल नहीं निकल रही है और बारिश हो रही है, तो कमरे के अंदर ही सुखाने का प्रबंध किया जा सकता है। कपड़ों को किसी मजबूत कपड़े के स्टैंड या हैंगर पर अलग-अलग दूरी पर टांगें। इसके बाद छत के पंखे को चला दें ताकि हवा सीधे कपड़ों पर पड़े। समय-समय पर कपड़ों की दिशा बदलते रहें, जिससे कपड़े के दोनों हिस्सों की नमी समान रूप से वाष्पीकृत हो सके। यदि कमरे में एग्जॉस्ट फैन लगा हुआ है, तो उसे भी चालू रखें। एग्जॉस्ट फैन कमरे के भीतर जमा होने वाली नम और भारी हवा को बाहर निकालता रहता है, जिससे कमरे के अंदर कपड़े जल्दी सूखते हैं।

सफेद सिरके का प्रयोग और सही स्टोरेज की आदतें

अगर पर्दों या कवर में धोने से पहले ही सीलन की बदबू आ रही है, तो उन्हें धोते ही तुरंत सुखाना आवश्यक होता है। धुलाई के अंतिम चक्र या रिंसिंग के दौरान पानी में थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका मिलाया जा सकता है। सिरका कपड़े के रेशों में फंसी गंध को बेअसर कर देता है। हालांकि, सिरके का प्रयोग करने से पहले कपड़े पर लगे केयर लेबल के निर्देशों को अवश्य जांच लें। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि सफेद सिरके और ब्लीच को कभी भी एक साथ मिलाकर उपयोग न करें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

कपड़े जब पूरी तरह से सूख जाएं, तभी उन्हें अलमारी या अलमारी के रैक में रखें। यदि कपड़े में जरा सी भी नमी रह जाती है, तो कुछ ही घंटों के भीतर उसमें दोबारा सीलन और फफूंदी की गंध आने लगेगी। मानसून के दौरान बहुत से लोग गीले या अधसूखे पर्दों को कमरे के किसी कोने में मोड़कर रख देते हैं कि बाद में सुखा लेंगे। यही लापरवाही कपड़ों में फफूंदी और दुर्गंध का मुख्य कारण बनती है। धुलाई के तुरंत बाद पानी निकालकर उन्हें खुली और हवादार जगह पर फैलाना ही सबसे सही तरीका है।

सवाल-जवाब

क्या बारिश में पर्दों को सीधे पानी में धोना सही है?
नहीं, सीधे पानी में डालने से पहले पर्दों की धूल झाड़ लें या वैक्यूम क्लीनर से साफ कर लें ताकि मिट्टी पानी में घुलकर दोबारा कपड़ों पर न चिपके।
कपड़ों से सीलन की बदबू दूर करने के लिए सिरके का उपयोग कैसे करें?
धुलाई के आखिरी रिंस में थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका मिलाएं, लेकिन कपड़े के केयर लेबल की जांच जरूर कर लें।
क्या सफेद सिरका और ब्लीच को मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है?
नहीं, सिरका और ब्लीच को कभी भी एक साथ मिलाकर इस्तेमाल न करें क्योंकि यह बेहद खतरनाक रासायनिक प्रतिक्रिया पैदा करता है।
बिना धूप के सोफा कवर को कमरे के अंदर तेजी से कैसे सुखाएं?
मशीन में स्पिन करने के बाद कपड़ों को अलग-अलग हैंगर या स्टैंड पर फैलाएं और छत के पंखे व एग्जॉस्ट फैन की सीधी हवा में रखें।
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