केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुणे पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के करीबी दोस्त और क्लासमेट रितेश हिंगे को हिरासत में लिया गया है। जांच अधिकारियों का दावा है कि रितेश इस पूरे षड्यंत्र से वाकिफ था और उसे हत्या की योजना की पहले से पूरी जानकारी थी। अदालत ने उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है और इस केस में उसे सह-आरोपी बनाया जाएगा।
लोहगढ़ किले पर हुई थी मौत, पहले माना गया था हादसा
केतन अग्रवाल की जान लोहगढ़ किले से गिरने की वजह से गई थी। शुरुआत में इसे एक सामान्य दुर्घटना मान लिया गया था, लेकिन जब पुलिस ने मामले की तह तक जाकर जांच शुरू की तो यह साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इस केस में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक जून महीने में मंगेतर और उसके प्रेमी ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। आरोप है कि केतन को सोच-समझकर लोहगढ़ ले जाया गया और वहां खाई में धकेल दिया गया, ताकि इसे हादसे जैसा दिखाया जा सके। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि चेतन चौधरी के क्लासमेट रितेश हिंगे को भी इस पूरी साजिश की जानकारी पहले से थी, जिसके बाद पुलिस का शक उस पर गहराता चला गया।
18 जून को हुई थी साजिश पर बातचीत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या से पहले 18 जून को लोहगढ़ किले पर चेतन चौधरी और उसकी गर्लफ्रेंड सिया गोयल ने रितेश हिंगे के साथ इस पूरी योजना और उसे किस तरह अंजाम दिया जाना है, इस पर विस्तार से बातचीत की थी। बताया गया कि दोनों ने रितेश से कई बार आग्रह किया कि वह हत्या वाले दिन उनके साथ लोहगढ़ चले, लेकिन हर बार उसने मना कर दिया। पुलिस को यही बात शक के दायरे में ले आई कि उसे हत्या से पहले ही इस साजिश की भनक थी, भले ही वह मौके पर मौजूद नहीं था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि केतन अग्रवाल की मौत के तुरंत बाद चेतन चौधरी सीधे रितेश से मिलने गया था, जबकि सिया गोयल भी लगातार उसके संपर्क में बनी रही। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस लगातार संपर्क और मौत के तुरंत बाद हुई मुलाकात से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि रितेश इस पूरे मामले में केवल एक बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि साजिश की जानकारी रखने वाला शख्स था।
कौन है रितेश हिंगे
पुलिस ने चेतन चौधरी के मोबाइल फोन की जांच से मिली जानकारी के आधार पर ही रितेश हिंगे तक अपनी पहुंच बनाई। मूल रूप से बीड जिले का रहने वाला रितेश फिलहाल पुणे के बालेवाड़ी इलाके में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। सूत्रों के अनुसार वह मई महीने के आखिरी हफ्ते से ही चेतन चौधरी के लगातार संपर्क में था, यानी हत्या से करीब तीन हफ्ते पहले से दोनों के बीच बातचीत चल रही थी। पुलिस अब उससे विस्तार से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसे इस साजिश के बारे में कितनी गहराई से जानकारी थी और क्या उसने हत्या की योजना बनाने या उसे अंजाम देने में कोई सीधी भूमिका निभाई थी।
आगे की जांच में क्या होगा
रितेश हिंगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस पूरी साजिश की बाकी कड़ियां भी जल्द जुड़ जाएंगी। जांचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इस षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल रहे होंगे। पुलिस हिरासत की अवधि के दौरान रितेश से विस्तार से पूछताछ की जाएगी, ताकि हत्या की पूरी टाइमलाइन, उसमें शामिल हर व्यक्ति की भूमिका और साजिश रचने के पीछे की पूरी वजह सामने आ सके।


















