दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में सामने आई एक दुखद घटना ने पूरे देश के छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। अपने घर-परिवार से दूर किसी दूसरे शहर में रहकर उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवा अक्सर अपने भविष्य को संवारने के लिए पेइंग गेस्ट आवास या किराए के कमरों का सहारा लेते हैं। मगर यह हालिया दुर्घटना इस बात की सख्त चेतावनी है कि अकादमिक सफर के साथ अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को कभी भी ताक पर नहीं रखना चाहिए। यदि आप भी किसी नए शहर में ऐसे आवास की तलाश कर रहे हैं या पहले से ही किसी पेइंग गेस्ट में निवास कर रहे हैं, तो संरक्षा और बुनियादी सहूलियत के मामले में इन सात महत्वपूर्ण बिंदुओं को गांठ बांध लें।
बेसमेंट और अवैध परिसरों से पूरी तरह तौबा करें
अक्सर देखा गया है कि कम किराए के लालच में छात्र ऐसी जगहों पर रहने का जोखिम उठा लेते हैं जो इमारतों के बेसमेंट में संचालित होती हैं या जिनके निर्माण का कोई वैध नक्शा मंजूर नहीं होता। ऐसी जगहों पर वेंटिलेशन यानी ताजी हवा और रोशनी का आवागमन न के बराबर होता है, जिससे वहां हर पल अनहोनी की आशंका बनी रहती है। इसलिए हमेशा ऐसी ही बहुमंजिला या आवासीय इमारतों को चुनें जो स्थानीय नियमों के दायरे में बनाई गई हों और जमीन की सतह से ऊपर स्थित हों।
अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास की जांच
आपातकालीन परिस्थितियां कभी भी पूर्व सूचना देकर नहीं आतीं। किसी भी आवासीय परिसर को अंतिम रूप देने से पहले यह अच्छी तरह जांच लें कि वहां आग बुझाने के उपकरण यानी फायर एक्सटिंग्विशर ठीक हालत में लगे हैं या नहीं। सबसे अहम बात यह है कि मुख्य प्रवेश द्वार के अलावा वहां कोई सुरक्षित इमरजेंसी एग्जिट यानी आपातकालीन निकास मार्ग होना अनिवार्य है, ताकि किसी भी आपदा के वक्त सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें।
हवादार कमरे और सुरक्षित विद्युत वायरिंग
रहने वाले कमरे में खिड़कियों और रोशनदानों की पर्याप्त व्यवस्था होनी बेहद जरूरी है ताकि प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा लगातार मिलती रहे। इसके अलावा, कमरे और इमारत की बिजली की वायरिंग का जायजा जरूर लें। खुली हुई, पुरानी या जर्जर तारें शॉर्ट सर्किट की बड़ी वजह बन सकती हैं और एक छोटी सी चिंगारी भी किसी बड़े अग्निकांड को बुलावा दे सकती है।
सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी
आप जिस भी आवासीय परिसर में रह रहे हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था एकदम चाक-चौबंद होनी चाहिए। इमारत के मुख्य दरवाजे पर समय पर ताला लगाने का पक्का नियम होना चाहिए, रात के वक्त निगरानी के लिए मुस्तैद गार्ड होना चाहिए और हर संवेदनशील कोने पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय होने चाहिए। यह सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है कि कोई भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति बिना रोक-टोक के अंदर न घुस सके।
मकान मालिक या वॉर्डन का सहयोगात्मक रवैया
पेइंग गेस्ट का संचालक या वॉर्डन ऐसा होना चाहिए जो केवल सख्त अनुशासन न रखे बल्कि जरूरत पड़ने पर मददगार भी साबित हो। किसी भी प्रकार की चिकित्सीय आपात स्थिति या अचानक पैदा हुई समस्या के समय उसे तुरंत सहायता के लिए उपलब्ध रहना चाहिए। इसके अलावा, आस-पास के थानों और अस्पतालों के জরুরি संपर्क नंबर हमेशा नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होने चाहिए।
कानूनी रूप से वैध लिखित रेंट एग्रीमेंट बनवाएं
कभी भी केवल मौखिक वादों या बातचीत के भरोसे न रहें। मकान मालिक के साथ एक कायदे का लिखित रेंट एग्रीमेंट यानी किरायानामा जरूर तैयार करवाएं। इस दस्तावेज में एडवांस राशि, सिक्योरिटी डिपॉजिट, नोटिस पीरियड और बिजली-पानी के बिलों के भुगतान का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। लिखित दस्तावेज होने की स्थिति में भविष्य में किसी भी तरह के विवाद की गुंजाइश नहीं रहती है।
पुलिस वेरीफिकेशन और आसपास का माहौल
यह सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। जिस भी पेइंग गेस्ट में आप प्रवेश कर रहे हैं, वहां के प्रबंधक से कहें कि वह आपका पुलिस वेरीफिकेशन अनिवार्य रूप से पूरा करवाए। इसके साथ ही, रात के समय उस इलाके का सामाजिक माहौल और आवाजाही कैसी रहती है, इसका अंदाजा खुद जाकर जरूर लगाएं ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके। थोड़ा सा पैसा बचाने की होड़ में अपनी जिंदगी को जोखिम में न डालें क्योंकि माता-पिता की मेहनत की पूंजी हमारी सफलता के लिए है, लेकिन हमारी सलामती से बढ़कर इस दुनिया में कुछ भी नहीं है।



















