80 के दशक के रेट्रो फैशन का जलवा, बिना चैटजीपीटी ऐसे तैयार करें अपना विंटेज लुकपर्यावरण को समर्पित जीवन, झारखंड के कौशल किशोर जयसवाल ने रोपे लाखों पौधेसलीम खान को राज कपूर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, हेलेन ने संभाला मंचअजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ का मोहनलाल की फिल्म से कोई मेल नहीं, विजय सालगांवकर की कहानी में मिलेगा नया रोमांचसतेंद्र ने बताए आलू चुनने के अचूक तरीके, जानिए मीठे और फीके आलू में अंतरक्या कच्चा चिकन पकाने से पहले धोना चाहिए? जानिए क्लीवलैंड क्लिनिक के विशेषज्ञ की राय और सही तरीकामूलांक 1 राशिफल 10 सितंबर: परिवार से जुड़ी इन बातों का रखें खास ख्याल, अंक ज्योतिष से जानें दिन का हालशेयर बाजार में हल्की तेजी, सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा और ONGC का शेयर चमकाकोडरमा के ऑटो चालक का बेटा अपनी कला से बिखेर रहा है जादू, सड़क किनारे लाइव पेंटिंग बना कर खींच रहा है सबका ध्यानमिर्जापुर द मूवी के शूरवीर गाने पर विवाद, राजेंद्र राठौड़ ने सेंसर बोर्ड को लिखा पत्र
नोएडा के चोटपुर कॉलोनी में गहराया बिजली संकट, अंधेरे में रात काटने को मजबूर बुजुर्गउत्तर प्रदेश
10 सित॰ 2026, 9:18 am (53 मिनट पहले)· 2

नोएडा के चोटपुर कॉलोनी में गहराया बिजली संकट, अंधेरे में रात काटने को मजबूर बुजुर्ग

नोएडा के सेक्टर 63 स्थित चोटपुर कॉलोनी में लंबे समय से बिजली नहीं मिलने के कारण स्थानीय लोग गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। आरोप है कि मीटर और ट्रांसफार्मर लगवाने के नाम पर लोगों से भारी रकम वसूली गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

नोएडा के सेक्टर 63 स्थित चोटपुर कॉलोनी में प्रशासन और शासन के दावों के बावजूद बिजली संकट गहराया हुआ है। कॉलोनी के लोग पिछले कई दिनों से अंधेरे में शाम और रातें बिताने को विवश हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने उन्हें केवल झूठे आश्वासन दिए हैं और उनके साथ ठगी की गई है। बुजुर्गों के चेहरों पर साफ बेबसी और दर्द देखा जा सकता है, जो अपनी जीवनभर की जमापूंजी यहां लगाकर अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

केवल कोरे आश्वासन, तारीख का अता-पता नहीं

बिजली की समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों ने कई बार प्रदर्शन किए और सड़कों पर उतरे। इसके बाद स्थानीय प्रशासन की तरफ से उन्हें जल्द ही बिजली कनेक्शन देने का आश्वासन तो मिला, लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। आज इस आधुनिक और विश्वविख्यात शहर के एक हिस्से के लोग वैसी ही बुनियादी परेशानियों से जूझ रहे हैं, जैसी दशकों पहले दूर-दराज के गांवों में हुआ करती थी। फर्क सिर्फ इतना है कि अब जगह बदल चुकी है, लोग वही हैं और उनकी मुश्किलें आज भी बरकरार हैं।

ये भी पढ़ें

गाड़ी कमाई और पैतृक संपत्ति लगाकर खरीदा था आशियाना

रात के समय जब स्थिति का जायजा लिया गया, तो कॉलोनी के कई ऐसे बुजुर्ग सामने आए जिन्होंने अपने गांवों में अपनी जमीन और मकान बेचकर तथा जीवनभर की पूरी कमाई यहां प्लॉट खरीदने और घर बनाने में लगा दी थी। आज हालात यह हैं कि उन्हें अपने पैतृक गांवों की बहुत याद आती है और यह बात कहते हुए कई बुजुर्ग महिला-पुरुष भावुक हो गए। कई लोगों ने यह भी बताया कि बिजली का मीटर लगवाने के नाम पर उनसे 10 हजार, 15 हजार और 20 हजार रुपए तक ऐंठे गए, लेकिन आज तक उन्हें मीटर नहीं मिला और न ही समय से बिजली मिल रही है।

पानी के लिए भी चुकानी पड़ रही भारी कीमत

रामचंद्र प्रसाद ने अपना दर्द बयां करते हुए कुछ लोगों के नाम लिए और बताया कि उनकी मेहनत की कमाई को लोग लूटकर ले गए। उन्होंने कहा कि वे ठेला चलाकर किसी तरह पैसे जुटाते हैं और उन्होंने 18 हजार रुपए दिए थे, जिसके बाद पैसे लेने वाला व्यक्ति भाग गया। कई बुजुर्ग बीपी और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। ऐसी भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहना उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है। उमलेश कुमार ने बताया कि बिजली न होने के कारण पानी की किल्लत भी गंभीर रूप ले चुकी है। हालत यह है कि छत पर रखी 500 लीटर की पानी की टंकी भरवाने के लिए जेनरेटर वाले को 500 रुपए देने पड़ते हैं। वहीं एक अन्य बुजुर्ग ने साझा किया कि करीब 8 साल पहले उनसे मीटर के नाम पर 10 हजार रुपए लिए गए थे, लेकिन आज तक मीटर नहीं लगाया गया।

चंदे के पैसों से लगवाया था ट्रांसफार्मर

बुजुर्गों का गला अपना दर्द सुनाते हुए भर आता है। उनका कहना है कि स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि न तो रात में नींद आती है और न ही दिन में आराम मिलता है। न तो समय पर खाना पचता है और न ही पीने के लिए पर्याप्त पानी मिलता है। महिला बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपने गांवों की संपत्ति बेची थी और यहां घर बसाया था, लेकिन आज यह जगह उनके लिए नरक जैसी बन गई है। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलोनी की हर गली के लोगों ने आपस में पैसे इकट्ठा करके ट्रांसफार्मर रखवाया था, और मीटर के लिए भी पैसे दिए थे, लेकिन उसके बावजूद आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

सवाल-जवाब

नोएडा के किस क्षेत्र में बिजली का गंभीर संकट चल रहा है?
नोएडा के सेक्टर 63 स्थित चोटपुर कॉलोनी में बिजली का गंभीर संकट चल रहा है।
निवासियों का प्रशासन पर क्या मुख्य आरोप है?
निवासियों का आरोप है कि अधिकारी और ठेकेदार केवल झूठे आश्वासन दे रहे हैं और मीटर लगवाने के नाम पर उनसे 10 हजार से 20 हजार रुपए तक ठगे गए हैं।
कॉलोनी में पानी की क्या स्थिति है?
बिजली न होने के कारण पानी की भारी किल्लत है और छत पर रखी 500 लीटर की टंकी भरने के लिए जेनरेटर वाले को 500 रुपए देने पड़ रहे हैं।
ट्रांसफार्मर को लेकर स्थानीय लोगों ने क्या किया था?
कॉलोनी की हर गली के लोगों ने आपस में पैसे इकट्ठा करके ट्रांसफार्मर रखवाया था।
बुजुर्गों की सेहत पर इस संकट का क्या प्रभाव पड़ रहा है?
बीपी और शुगर के मरीज बुजुर्ग बिना बिजली और गर्मी के कारण अत्यधिक कष्ट झेल रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 मिनट पहले

यह मामला केवल एक बुनियादी सुविधा के अभाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठित धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध की श्रेणी में आता है जहाँ गरीब नागरिकों से अवैध वसूली की गई। पुलिस को इसमें तुरंत एफआईआर दर्ज कर उन जालसाजों और ठेकेदारों के खिलाफ जांच बिठानी चाहिए जिन्होंने मीटर और ट्रांसफार्मर के नाम पर बुजुर्गों की गाढ़ी कमाई ठगी है।

Rohan Verma@rohan-verma·35 मिनट पहले

यह स्पष्ट रूप से स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते इन बिचौलियों और फर्जी ठेकेदारों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह संकट आने वाले दिनों में और विकराल रूप ले सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR