त्योहारी सीजन में अगरतला की सड़कों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को सुगम बनाने के लिए त्रिपुरा ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू किया है। आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दंडात्मक चालान पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय स्थानीय स्तर पर संवाद कायम करके यातायात प्रबंधन के व्यावहारिक समाधान तैयार करना है।
महाराजगंज बाजार से हुई जमीनी अभियान की शुरुआत
इस पहल का औपचारिक आगाज शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्रों में शुमार महाराजगंज बाजार से किया गया। ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक कांता जांगिर ने स्पष्ट किया कि विभाग केवल नियम लागू कराने या चालान काटने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापारियों, बाजार समितियों, परिवहन संघों और आम नागरिकों को सीधे योजना निर्माण का हिस्सा बनाएगा। पुलिस दल लगातार प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक ठिकानों का दौरा कर रहे हैं ताकि जमीनी समस्याओं को सीधे समझा जा सके।
महाराजगंज बाजार के निरीक्षण के दौरान कई प्रमुख बाधाएं सामने आई हैं। यहां नो-एंट्री प्रतिबंधों की अनदेखी, वन-वे नियमों का उल्लंघन और अनियंत्रित पार्किंग गंभीर चुनौतियां बनकर उभरी हैं। इसके अलावा बड़े वाहनों की अवैध और लंबे समय तक पार्किंग के कारण न केवल छोटे वाहनों की आवाजाही ठप होती है, बल्कि पैदल चलने वाले खरीदारों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
अन्य बाजारों और मोटर स्टैंडों तक पहुंचेगा अभियान
ट्रैफिक विभाग की योजना इस संवाद व्यवस्था को अगरतला के अन्य प्रमुख बाजारों, मोटर स्टैंडों और विभिन्न वाहन चालक यूनियनों तक विस्तारित करने की है। अधिकारियों का मानना है कि हर इलाके की अपनी खास बनावट और चुनौतियां होती हैं, इसलिए एक ही नियम हर जगह काम नहीं कर सकता। विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं के अनुसार ही पार्किंग व्यवस्था, वाहनों के फेरे और भीड़ नियंत्रण के अलग-अलग नियम तैयार किए जाएंगे।
दुर्गा पूजा के दौरान खरीदारी की गतिविधि, पैदल यात्रियों की आवाजाही और सड़कों पर निजी व सार्वजनिक वाहनों की संख्या में भारी उछाल आना तय है। ऐसे समय में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को पहले से साथ लेने से उत्सव के चरम दिनों में अचानक सड़क जाम होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।
त्योहार के बाद भी जारी रहेगा संवाद का यह ढांचा
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पहल केवल दुर्गा पूजा तक सीमित नहीं रहेगी। त्योहार बीत जाने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय व्यापारी संघों और निवासियों के बीच नियमित बैठकों का यह तंत्र सक्रिय रखा जाएगा। दीर्घकालिक समन्वय स्थापित कर अगरतला के व्यावसायिक क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को स्थायी रूप से व्यवस्थित और सुगम बनाए रखने की योजना है।
























