उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों की पैदावार और आय बढ़ाने के उद्देश्य से शाहजहांपुर स्थित उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद परिसर में आगामी 30 अक्टूबर दिन शुक्रवार को एक विशाल किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष मेले का प्राथमिक ध्येय राज्य के किसानों को गन्ने की नई और उन्नत किस्मों के प्रामाणिक बीज सुलभ कराना है। हाल ही में शोध परिषद ने गन्ने की दो बंपर पैदावार देने वाली अगेती किस्मों को विकसित कर जारी किया है, जिन्हें हासिल करने के लिए किसानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से ही इस किसान मेले की रूपरेखा तैयार की गई है।
नई अगेती प्रजातियां और सीमित बीज की चुनौती
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ गोरखनाथ गुप्ता के अनुसार, परिषद ने हाल के दिनों में गन्ने की दो उत्कृष्ट अगेती किस्मों को रिलीज किया है, जिनके नाम को.शा. 23232 और को.शा. 19231 हैं। ये दोनों ही प्रजातियां अपनी अधिक उपज क्षमता और बेहतर शर्करा मात्रा के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, जब भी कोई नई किस्म शोध केंद्र से व्यावसायिक खेती के लिए पहली बार जारी की जाती है, तो शुरुआती चरण में उसका बीज सीमित मात्रा में ही उपलब्ध होता है। अत्यधिक मांग के बावजूद सभी किसानों को एक साथ बड़ी मात्रा में बीज मुहैया कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता है। इसी वजह से परिषद ने सभी इच्छुक किसानों तक समान रूप से लाभ पहुंचाने और कालाबाजारी को रोकने के लिए डिजिटल बुकिंग का रास्ता अपनाया है।
ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था और चीनी उद्योग सट्टा पात्रता
पारंपरिक वितरण प्रणालियों में अक्सर वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक समय पर नया बीज नहीं पहुंच पाता था। इस चुनौती से निपटने के लिए गन्ना शोध परिषद ने हाल के वर्षों में डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत केवल वही किसान बीज बुकिंग के लिए पात्र माने जाते हैं, जिनका राज्य के चीनी उद्योग में सट्टे पर वैध पंजीकरण होता है। इस वर्ष 9 अक्टूबर से ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल खोला गया था। इस प्रक्रिया में परिषद ने को.शा. 23232 किस्म के 2 लाख बड और को.शा. 19231 किस्म के 1 लाख बड ऑनलाइन आवंटन के लिए निर्धारित किए थे। प्रत्येक किसान के लिए अधिकतम 100 बड की एक मिनी किट की सीमा तय की गई थी। इस पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया में लगभग 30 हजार किसानों ने सफलता पूर्वक अपनी किट बुक की थी।
30 अक्टूबर को किसान मेले में वितरण की पूरी प्रक्रिया
जिन्होंने 9 अक्टूबर को अपनी ऑनलाइन बुकिंग पूरी कर ली थी, वे सभी किसान 30 अक्टूबर को शाहजहांपुर में आयोजित होने वाले किसान मेले में अपनी मिनी सीड किट प्राप्त कर सकेंगे। मेले के दिन वितरण व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए किसानों को प्रातः 9 बजे परिसर में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मेले में पहुंचते ही किसानों को सर्वप्रथम मुख्य पंजीकरण काउंटर पर जाना होगा। वहां किसानों को अपनी बुकिंग के समय पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त आवेदन संख्या दिखानी होगी। इसके साथ ही अपनी पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन हेतु आधार कार्ड की मूल प्रति या छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सत्यापन पूरा होते ही काउंटर से किसान को एक विशिष्ट टोकन जारी किया जाएगा, जिसे दिखाकर वे बीज वितरण काउंटर से अपनी मिनी सीड किट आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।



















