उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम इलाके से एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मंगलवार शाम को अज्ञात बदमाशों ने एक घर में अकेली मौजूद 58 वर्षीय उमा कुशवाहा की हत्या कर दी और पूरे घर में जमकर लूटपाट मचाई। वारदात को अंजाम देने के बाद बेखौफ अपराधियों ने महिला के शव को कमरे में रखी एक कुर्सी पर इस तरह सीधा बैठा दिया, जिससे बाहर से देखने पर प्रतीत हो कि महिला सामान्य रूप से वहां बैठी हुई है। घटना के बाद घर के कमरों में सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा मिला, जिसके आधार पर पुलिस शुरुआती तौर पर लूट के इरादे से की गई हत्या का मामला मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। इस खौफनाक तरीके से की गई वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।
किराएदार ने देखा तो हुआ घटना का खुलासा
इस पूरी वारदात का खुलासा मंगलवार देर रात उस समय हुआ, जब मकान में रहने वाली किराएदार पानी भरने के लिए मोटर चलाने नीचे पहुंची। मोटर के पास पहुंचते ही उसने मकान मालकिन उमा कुशवाहा को कमरे के अंदर कुर्सी पर बैठे हुए देखा। किराएदार ने उन्हें सामान्य स्थिति में समझकर कई बार आवाज दी, लेकिन जब शरीर में कोई हलचल नहीं हुई और कोई जवाब नहीं मिला, तो उसे गहरे संदेह की आशंका हुई। किराएदार ने बिना देर किए तुरंत उमा कुशवाहा के पति शिवमंगल कुशवाहा को घटना की जानकारी दी और मौके पर बुलाया।
पति ने समझा अटैक, पास जाने पर दिखा सच
सूचना मिलते ही शिवमंगल कुशवाहा तुरंत घर पहुंचे। शुरुआत में जब उन्होंने अपनी पत्नी को कुर्सी पर बैठे देखा, तो उन्हें लगा कि अचानक तबीयत बिगड़ने या फिर दिल का दौरा (अटैक) आने के कारण वे अचेत हो गई हैं। लेकिन जब वे घबराकर उनके बिल्कुल नजदीक पहुंचे और जांच की, तो उनके होश उड़ गए। उमा कुशवाहा के गले पर काले और नीले रंग के गहरे निशान उभरे हुए थे। इसके साथ ही कमरे के अंदर अलमारियों और बक्सों का सामान चारों तरफ बिखरा पड़ा हुआ था। यह देखते ही शिवमंगल को समझ आ गया कि घर में लूटपाट के दौरान उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई है। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को इस वारदात की सूचना दी।
रात 11 बजे पहुंची फोरेंसिक और पुलिस टीम
घटना की सूचना मिलते ही रात लगभग 11 बजे रावतपुर थाने की पुलिस फोर्स के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने पूरे कमरे और आसपास के क्षेत्र को सील करके फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से शुरुआती बातचीत कर जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
शाम 5 से 6 बजे के बीच वारदात की आशंका
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी वेस्ट) कासिम आब्दी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीसीपी कासिम आब्दी के अनुसार, शुरुआती छानबीन में यह बात सामने आई है कि वारदात शाम को लगभग 5 बजे से 6 बजे के बीच अंजाम दी गई है। इस समय अवधि के दौरान उमा कुशवाहा घर में बिल्कुल अकेली थीं। पुलिस अब इस बिंदु की गहनता से जांच कर रही है कि बदमाश किस रास्ते से मकान के अंदर दाखिल हुए थे और हत्या व लूट को अंजाम देने के बाद किस दिशा में फरार हुए।
आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच तेज
अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो घटनास्थल के आसपास और मुख्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही हैं। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि घटना के समय आसपास लगे कैमरों की फुटेज से संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही के संबंध में महत्वपूर्ण और निर्णायक सुराग हासिल हो सकेंगे। संदिग्धों के आने-जाने वाले रास्तों को चिन्हित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है।
पीड़ित परिवार की पृष्ठभूमि और बेटों की जानकारी
मृतका उमा कुशवाहा अपने पति शिवमंगल कुशवाहा के साथ केशवपुरम स्थित मकान में रहती थीं। उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच करते हुए पुलिस ने पाया कि उनका बड़ा बेटा अमरीष अपने परिवार के साथ घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मासवानपुर इलाके में अपना मकान बनाकर अलग रहता है। वहीं उनका छोटा बेटा आशीष देश की राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। पुलिस अधिकारी अब परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों से विस्तृत पूछताछ कर रहे हैं। जांच टीम इस पहलू का भी पता लगा रही है कि क्या वारदात के पीछे केवल लूटपाट का मकसद था या फिर हमलावर पहले से महिला और उनके घर की गतिविधियों से परिचित थे।
गले के निशानों से गहराया हत्या का संदेह
महिला के गले पर पाए गए काले और नीले रंग के निशान पुलिस की जांच प्रक्रिया में सबसे अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। यद्यपि, मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और सभी संभावित एंगलों से मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।
वारदात से जुड़े कई अनसुलझे सवाल
रावतपुर में घटी इस खौफनाक घटना ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय निवासियों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला सवाल यह है कि शातिर बदमाश दिन-दिहाड़े या ढलती शाम में घर के अंदर कैसे दाखिल हुए? क्या बदमाशों ने महिला के अकेले होने की पहले से रेकी की थी और उन्हें निशाना बनाया था? घर से कुल कितने मूल्य के जेवरात और नकदी की लूट हुई है? और सबसे बड़ा तथा उलझाने वाला सवाल यह है कि हत्या जैसा संगीन अपराध करने के बाद बदमाशों ने शव को कुर्सी पर सीधा बैठाने का नाटक क्यों रचा? पुलिस इन सभी सवालों के जवाब ढूंढने के लिए लगातार प्रयासरत है।





















