प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले ग्रामीण छात्रों के लिए अब शहरों का रुख करने की मजबूरी कम होती जा रही है। अक्सर संसाधनों की कमी के कारण गांवों के युवाओं को महंगे शहरी कोचिंग केंद्रों और कमरों का सहारा लेना पड़ता था, जिससे उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। इसी चुनौती से पार पाने के लिए उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक अनूठी पहल को अमलीजामा पहनाया गया है। जिले के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के स्तर को उन्नत करने और हर छात्र तक आधुनिक संसाधन पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष अध्ययन केंद्रों का विकास किया गया है।
303 ग्राम पंचायतों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
इस योजना के तहत आजमगढ़ जनपद की कुल 303 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए डीसी पंचायत अभय कुमार शाही ने जानकारी दी कि प्रथम चरण के अंतर्गत चुनी गई सभी ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय बनाने का लक्ष्य सफलतापूलक हासिल कर लिया गया है। इन केंद्रों को केवल किताबों के संग्रह तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि यहां छात्रों के लिए एक शांत, अनुशासित और उच्च स्तरीय शैक्षणिक माहौल तैयार किया गया है। कमरों के भीतर पीवीसी वॉल पैनलिंग, आकर्षक पर्दे, दीवारों पर बेहतरीन रंग-रोगन और बैठने के लिए आरामदायक फर्नीचर का खास इंतजाम किया गया है ताकि छात्र लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के अध्ययन कर सकें.
पुस्तकों के साथ डिजिटल तकनीक की उपलब्धता
इन केंद्रों पर पठन-पाठन को प्रभावी बनाने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट और कई प्रतिष्ठित निजी प्रकाशकों की प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मानक पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त शासन की ओर से प्रत्येक लाइब्रेरी में आधुनिक कंप्यूटर और स्मार्ट टीवी भी मुहैया कराए जा रहे हैं, जिनकी मदद से युवा डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई कर सकेंगे और नई शिक्षण प्रणालियों से जुड़ पाएंगे। छात्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत रखने के लिए सभी केंद्रों पर हाई-स्पीड वाई-फाई कनेक्शन लगाए गए हैं। सुरक्षा और सुविधा का पूरा ख्याल रखते हुए परिसर में सीसीटीवी कैमरे, पीने के लिए शुद्ध पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं.
अधिकारियों द्वारा सघन सत्यापन अभियान
तैयार हो चुके इन परिसरों की गुणवत्ता और वहां दी जा रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शासन और मंडल आयोग के स्पष्ट निर्देशों के तहत वर्तमान में जिले की सभी डिजिटल लाइब्रेरी का औचक और सघन सत्यापन कराया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत रूप से मौके पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं ताकि स्थापित किए गए सामानों की गुणवत्ता और सुविधाओं की स्थिति एकदम दुरुस्त बनी रहे। इस निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान यह बात सामने आई है कि स्कूली छात्र और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवा बड़ी संख्या में इन केंद्रों का रुख कर रहे हैं और वहां उपलब्ध कराई गई हाईटेक सुविधाओं का भरपूर लाभ उठा रहे हैं.





















