अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान की कथित हेराफेरी के मामले में एक अदालत ने दो आरोपियों को 39 घंटे की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। पुलिस ने इन आरोपियों से पूछताछ के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने सीमित अवधि की हिरासत मंजूर की।
क्या है पूरा मामला
यह मामला अयोध्या के राम मंदिर को मिलने वाले दान में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। घोटाले के आरोपों के बाद मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित की गई थी। इसी जांच के सिलसिले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर अदालत से 7 दिन की रिमांड मांगी थी, जिस पर अदालत ने उन्हें 39 घंटे के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
एसआईटी जल्द सौंपेगी अंतरिम रिपोर्ट
मामले की जांच कर रही एसआईटी सोमवार यानी 20 जुलाई को इस केस से जुड़ी अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपने वाली है। इस रिपोर्ट में अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों का ब्योरा हो सकता है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
सुप्रीम कोर्ट भी मामले में सक्रिय
राम मंदिर दान घोटाले से जुड़ी याचिकाओं पर 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी और मंदिर ट्रस्ट, दोनों से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। इससे साफ है कि यह मामला अब सिर्फ स्थानीय पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश की सबसे बड़ी अदालत की निगरानी में भी आ गया है।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों से 39 घंटे की हिरासत के दौरान पूछताछ होगी, जिसके बाद पुलिस उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी। एसआईटी की सोमवार को आने वाली अंतरिम रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुनवाई, दोनों से यह तय होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और मंदिर ट्रस्ट के दान प्रबंधन में क्या बदलाव किए जाते हैं।





















