मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों का सब्र जवाब दे दिया है। शहर के कई मोहल्लों में दिन में भी और रात में भी घंटों बिजली गायब रही, जिससे नाराज उपभोक्ता सड़कों पर उतर आए। देर रात गुस्साए लोग महावीर चौक स्थित मुख्य बिजलीघर पहुंचे, वहां जमकर हंगामा किया और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो जिम्मेदार अधिकारियों के फोन या तो बंद मिले या किसी ने कॉल उठाना ही जरूरी नहीं समझा।
कई मोहल्लों में घंटों गुल रही बिजली
कच्ची सड़क, गाजावाली, आनंदपुरी, इंद्रा कॉलोनी, गंगारामपुरा, मल्हूपुरा और केवलपुरी जैसे इलाकों में गुरुवार को लगातार कई घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में घरों में लगे इनवर्टर भी बैकअप देते देते जवाब दे गए, जिससे लोगों को रातभर राहत के लिए तरसना पड़ा। बिजली गुल होने का असर सिर्फ रोशनी और पंखों तक सीमित नहीं रहा, बिजली न होने से पानी की सप्लाई भी ठप हो गई और पीने तक के पानी के लाले पड़ गए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और घर में मौजूद बीमार मरीजों को इस गर्मी में सबसे ज्यादा तकलीफ झेलनी पड़ी।
बिजलीघरों पर मिले ताले, महावीर चौक पर जुटी भीड़
बिजली कटौती से परेशान लोग पहले अपने अपने इलाके के बिजलीघरों पर पहुंचे, लेकिन कई जगह वहां ताले लटके मिले और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके बाद देर रात सैकड़ों की तादाद में उपभोक्ता महावीर चौक बिजलीघर के बाहर जमा हो गए और वहीं धरना देते हुए विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इतने घंटे बिजली गायब रहने के बावजूद विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई और पहले की गई शिकायतों का भी कोई हल नहीं निकाला गया।
अफसरों की चुप्पी पर भड़के लोग, कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि ज्यादातर जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद मिले, वहीं जिनके फोन चालू थे उन्होंने भी कॉल उठाना जरूरी नहीं समझा। लोगों ने सवाल उठाया कि अगर सप्लाई में कोई तकनीकी खराबी आई थी तो विभाग को इसकी जानकारी पहले ही सार्वजनिक कर देनी चाहिए थी, ताकि लोग परेशान न हों। प्रदर्शनकारियों ने शहर में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की और साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की भी मांग रखी।





















