फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम पुलिस टीम और अपराधियों के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई, जिसमें दो बदमाश मौके पर ही ढेर हो गए। इसी झड़प में इटावा एसओजी के दो जवान गोली लगने से घायल हो गए। घटना सामने आते ही पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर आसपास के खेतों में गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया, ताकि यह पता चल सके कि मारे गए बदमाशों के साथ कोई और साथी तो मौके से भागा नहीं है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जब बदमाशों ने खुद को चारों ओर से घिरा हुआ पाया, तो उन्होंने ही सबसे पहले पुलिस टीम पर गोलियां बरसानी शुरू कीं।
नीम खेड़िया गांव के पास हुई खूनी भिड़ंत
पुलिस के अनुसार यह मुठभेड़ शिकोहाबाद थाने की सीमा में आने वाले नीम खेड़िया गांव के पास हुई। मारे गए दोनों बदमाश इटावा में एक डॉक्टर के साथ हुई लूट की वारदात के आरोपी बताए जा रहे हैं। पुलिस को पहले से खुफिया जानकारी मिल चुकी थी कि दोनों ट्रेन के रास्ते इस इलाके में पहुंचने वाले हैं। सूचना पक्की होते ही टीम ने दोनों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी और पीछा किया। जैसे ही बदमाशों को अंदाजा हुआ कि वे पुलिस के घेरे में फंस चुके हैं, उन्होंने बचने के लिए पुलिस दल पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस टीम ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। इसी गोलीबारी के बीच इटावा एसओजी के सिपाही पुष्पेंद्र और डेविड को गोली लगी, जबकि दूसरी ओर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश मारे गए।
दोनों बदमाशों पर दर्ज थे करीब एक दर्जन मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मारे गए दोनों बदमाशों के खिलाफ लगभग बारह आपराधिक मामले दर्ज थे और वे लंबे अरसे से पुलिस की वांछित सूची में शामिल चल रहे थे। मुठभेड़ की खबर मिलते ही फिरोजाबाद के एसएसपी आदित्य लांगहे समेत जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंच गए और पूरे अभियान की निगरानी करने लगे। सुरक्षा बल तैनात कर आसपास के खेतों और गांवों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान इलाके में तरह-तरह की अफवाहें भी फैलीं, जिन्हें पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस ने साफ किया कि इस मुठभेड़ के दौरान किसी बच्चे को बंधक बनाए जाने जैसी कोई बात सही नहीं है, यह घटना सिर्फ पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी भिड़ंत तक सीमित है और इसमें किसी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
घायल जवानों का इलाज जारी, सबूत जुटाने में लगी पुलिस
गोली लगने से घायल दोनों पुलिसकर्मियों को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस टीमें मुठभेड़ स्थल से मिले सबूत जुटाने में जुटी हैं और आसपास के गांवों में तलाशी अभियान अब भी जारी है, ताकि यह पुख्ता तौर पर पता लगाया जा सके कि दोनों बदमाशों के साथ मौके पर कोई तीसरा व्यक्ति तो मौजूद नहीं था। बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस बीते कुछ वर्षों में कई कुख्यात अपराधियों को इसी तरह की मुठभेड़ों में मार गिरा चुकी है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक राज्य में पिछले नौ साल में 17 हजार से ज्यादा एनकाउंटर हो चुके हैं, जिनमें करीब 300 अपराधी मारे जा चुके हैं। शिकोहाबाद की यह मुठभेड़ उसी लंबी फेहरिस्त में जुड़ने वाली ताजा घटना है।




















