पश्चिमी कानपुर के यात्रियों का लंबा इंतजार शुक्रवार को खत्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद, हरियाणा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पनकी धाम रेलवे स्टेशन को यात्रियों को समर्पित करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च करके इस स्टेशन को पूरी तरह नया रूप दिया गया है। इसी मौके पर फतेहपुर और विंध्याचल रेलवे स्टेशन भी जनता के लिए खोले जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि पनकी धाम स्टेशन की नींव भी प्रधानमंत्री मोदी ने ही रखी थी, और वर्षों बाद अब वही इसका उद्घाटन कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन कार्यक्रम की हर तैयारी को अंतिम रूप दे चुका है, और पूरे स्टेशन को फूलों व सजावट से सजाया गया है। कानपुर सेंट्रल पर अक्सर बढ़ती भीड़ को देखते हुए, शहर के पश्चिमी हिस्से में तैयार यह नया स्टेशन यात्रियों को बड़ी राहत देने वाला माना जा रहा है।
अब हवाई अड्डे जैसा अहसास कराएगा यह स्टेशन
नया स्वरूप पाने के बाद पनकी धाम स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। मकसद साफ है, कानपुर सेंट्रल पर रोज बढ़ती भीड़ का बोझ कम हो और पश्चिमी कानपुर में रहने वाले लोगों को अपने ही इलाके में बेहतर ट्रेन सुविधा मिल जाए। अधिकारियों का कहना है कि इससे पनकी के आसपास रहने वाले यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए अब पूरे शहर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, जिससे समय भी बचेगा और भीड़भाड़ भी कम होगी। इसके लिए स्टेशन पर दो मंजिला भव्य भवन खड़ा किया गया है, जिसमें बड़ा प्रतीक्षालय, एक्जीक्यूटिव लाउंज और आधुनिक टिकट काउंटर बनाए गए हैं। प्लेटफॉर्म पर शेड को नया और बड़ा किया गया है, वहीं शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था भी पहले से कहीं बेहतर की गई है। इसके लिए स्टेशन पर आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली भी स्थापित की गई है ताकि ट्रेनों की जानकारी यात्रियों तक तुरंत पहुंच सके।
दिव्यांगों और बुजुर्गों का भी रखा गया खास ख्याल
यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए स्टेशन परिसर में लगभग 40 फीट चौड़ाई वाला फुट ओवरब्रिज तैयार किया गया है। साथ ही बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए करीब 20 फीट चौड़े रैंप की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा स्टेशन पर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा भी दी गई है, जिससे एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाना अब आसान हो जाएगा। ये सभी बदलाव मिलकर स्टेशन को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सुगम बना देंगे, खासकर उन यात्रियों के लिए जिन्हें पहले प्लेटफॉर्म बदलने में दिक्कत होती थी। स्टेशन परिसर के लगभग 4500 वर्गमीटर हिस्से को सर्कुलेटिंग एरिया के तौर पर विकसित किया गया है, जहां आने-जाने के अलग रास्ते, पार्किंग की जगह, हरियाली और बिना रुकावट वाला आवागमन सुनिश्चित किया गया है।
कानपुर सेंट्रल का बोझ घटाने में मिलेगी मदद
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पनकी धाम स्टेशन को संवारने के पीछे मुख्य वजह कानपुर सेंट्रल पर लगातार बढ़ रहे यात्री दबाव को कम करना और शहर के पश्चिमी व उपनगरीय हिस्सों को रेल नेटवर्क से मजबूती से जोड़ना है। साल 1981 में शुरू हुए इस स्टेशन की अहमियत बीते कुछ सालों में काफी तेजी से बढ़ी है। दरअसल पश्चिमी कानपुर का तेजी से हुआ विस्तार उस दबाव की वजह बना है, जिसे संभालने के लिए 1981 के दौर का पुराना ढांचा कभी नहीं बनाया गया था। फिलहाल यहां गोमती एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस और आगरा इंटरसिटी जैसी कई ट्रेनें रुकती हैं, और रेलवे आने वाले समय में और ट्रेनों का ठहराव यहां शुरू करने पर भी विचार कर रहा है ताकि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी के हाथों यह उद्घाटन होते ही पनकी धाम अब सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि पश्चिम कानपुर के रेल नक्शे पर एक नया, आधुनिक पड़ाव बनकर उभरेगा, जो इलाके को नई पहचान देगा।




















