उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित काकादेव क्षेत्र में एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर छद्म नाम रखकर युवती को प्रेम जाल में फंसाने, शादी का झांसा देकर छह वर्षों तक शारीरिक शोषण करने और जबरन धन वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर त्वरित संज्ञान लेते हुए काकादेव थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सोशल मीडिया पर समीर बनकर साधी थी नजदीकियां
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के विवरण के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की शुरुआत लगभग छह वर्ष पूर्व सोशल मीडिया मंच फेसबुक के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने युवती से संपर्क स्थापित करते हुए अपनी वास्तविक पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी और स्वयं का नाम समीर बताया। अपनी फर्जी पहचान के सहारे उसने धीरे-धीरे युवती का विश्वास अर्जित किया और बातचीत को गहरी नजदीकी में बदल दिया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता को आश्वस्त किया कि वह उससे विवाह करेगा। युवती का कहना है कि शादी के इसी भरोसे की आड़ में आरोपी ने लंबे समय तक उसका निरंतर शारीरिक शोषण किया।
धन ऐंठने और विरोध करने पर हिंसा का आरोप
संबंध आगे बढ़ने के साथ ही आरोपी का व्यवहार हिंसक होता चला गया। पीड़िता ने पुलिस को स्पष्ट किया कि आरोपी उससे लगातार पैसों की अनुचित मांग कर रहा था। जब भी पीड़िता ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया या उसकी अनैतिक मांगों और आचरण का विरोध जताया, तो आरोपी ने उसके साथ गंभीर मारपीट की। इतना ही नहीं, युवती को इस बात का विरोध करने अथवा किसी को सच्चाई बताने पर जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। लंबे समय तक मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलने के उपरांत युवती को जब उसकी वास्तविक पहचान का भान हुआ, तब उसने कानून की शरण लेने का निर्णय किया।
लखीमपुर का मूल निवासी है आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया अभियुक्त बिलाल सलमानी मूल रूप से लखीमपुर जनपद का निवासी है। वह कानपुर महानगर के काकादेव क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर निवास कर रहा था। काकादेव थाना प्रभारी के अनुसार, पीड़िता की औपचारिक शिकायत के आधार पर बिलाल सलमानी उर्फ समीर के विरुद्ध प्रासंगिक कानूनी धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया। पुलिस दल ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए अभियुक्त को बंदी बनाया और विधिक औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए जेल भेज दिया है। मामले में साक्ष्य संकलन के साथ आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।






















