उत्तर प्रदेश के बलरामपुर नगर में एक निजी विद्यालय की कक्षा में बैठी सात वर्षीय छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। यह वाकया उस वक्त पेश आया जब विद्यालय के ठीक बगल से गणेश प्रतिमा विसर्जन की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। शोभायात्रा के दौरान बज रहे तेज डीजे साउंड के बीच बच्ची अपनी डेस्क पर अचानक अचेत होकर गिर पड़ी। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने आनन-फानन में बच्ची को नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तीव्र रोष देखने को मिला है और प्रशासन व सामाजिक संगठनों के बीच हुई चर्चा के बाद नगर क्षेत्र में डीजे के प्रयोग को पूरी तरह रोकने पर सहमति बनी है।
कक्षा में पढ़ाई के दौरान अचानक गिरी छात्रा वैष्णवी
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार मृतक बच्ची की पहचान सात वर्षीय वैष्णवी के तौर पर हुई है, जो बलरामपुर नगर स्थित एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा थी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विसर्जन यात्रा के दौरान अत्यधिक तीव्र आवाज में बज रहे संगीत और डीजे सिस्टम के भारी कंपन के कारण छात्रा अचानक अपनी सीट से नीचे गिर पड़ी और बेसुध हो गई। कक्षा में मौजूद अध्यापकों ने उसे तुरंत संभाला और बिना समय गंवाए उपचार के लिए अस्पताल लेकर दौड़े, मगर वहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत करार दे दिया। स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी घटना के समय से जुड़े फुटेज दर्ज हुए हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है।
नगर पालिका सभागार में बैठक, आयोजनों में डीजे पर पूर्ण पाबंदी का निर्णय
मासूम छात्रा की मौत की खबर फैलते ही नगर पालिका परिषद सभागार में विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में तेज ध्वनि वाले संगीत तंत्रों के अनियंत्रित संचालन पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस दुखद वाकये पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि डीजे की कानफोड़ू ध्वनि से उपजी इस दुखद परिस्थिति को देखते हुए सभी उपस्थित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि भविष्य में किसी भी पर्व अथवा धार्मिक आयोजन में डीजे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बुधवार को नगर पालिका परिषद और नागरिक संगठनों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से भेंट कर नगर भर में डीजे के संचालन पर वैधानिक और पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु ज्ञापन सौंपेगा।
पुलिस का पक्ष और जांच की स्थिति
दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर चल रहे विभिन्न दावों के बीच बलरामपुर पुलिस ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कक्षा दो की सात वर्षीय छात्रा की मौत डीजे के तेज शोर की वजह से ही हुई है, इस तथ्य की चिकित्सीय अथवा तकनीकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार छात्रा 21 सितंबर को विद्यालय की कक्षा में अज्ञात कारणों से अचानक अचेत हो गई थी, जिसके बाद उसे तत्काल चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया था।
अधिकारियों ने यह भी साझा किया कि पीड़ित परिजनों ने बिना किसी पुलिस सूचना के शव का अंतिम संस्कार संपन्न कर दिया है और वे इस संदर्भ में कोई कानूनी कार्रवाई करने के इच्छुक नहीं हैं। घटना की आधिकारिक सूचना भी परिवार की ओर से थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रहा है ताकि क्लासरूम के भीतर घटी हर गतिविधि की वास्तविक कड़ियों और छात्रा के बेसुध होने के सटीक कारणों की निष्पक्ष पड़ताल की जा सके।





















