त्यौहारी सीजन से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रोहिलखंड अंचल के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) द्वारा बरेली परिक्षेत्र को पहले चरण के तहत 30 नई पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं। रोडवेज प्रशासन ने इन अत्याधुनिक ई-बसों का परिचालन आगामी दीपावली पर्व से पूर्व आरंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यात्रियों को सुगम, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त सफर की सुविधा प्रदान करने की दिशा में परिवहन निगम ने आठ विशिष्ट अंतरजिला एवं क्षेत्रीय मार्गों का रूट प्लान तैयार करके अंतिम स्वीकृति हेतु मुख्यालय प्रेषित कर दिया है।
स्वीकृत बसों की संख्या में हुआ इजाफा और रूट आवंटन
बरेली रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद अजीम ने इस परियोजना के संबंध में विस्तृत विवरण साझा किया है। उनके अनुसार, प्रारंभिक योजना में बरेली मंडल के लिए मात्र 25 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी गई थी। हालांकि, क्षेत्र की बढ़ती यात्री मांग और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यालय स्तर से यह संख्या बढ़ाकर 30 कर दी गई है। सभी निर्धारित मार्गों का चयन यात्रियों की दैनिक आवाजाही, अंतरजिला कनेक्टिविटी और क्षेत्र की परिवहन जरूरतों का गहन अध्ययन करने के उपरांत किया गया है।
प्रस्तावित रूट प्लान के अनुसार, इन 30 इलेक्ट्रिक बसों को आठ प्रमुख मार्गों पर विभाजित करके चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत बरेली से मुरादाबाद मार्ग पर 3 बसें, बरेली से हल्द्वानी मार्ग पर 5 बसें, और बरेली से बदायूं मार्ग पर 5 बसें संचालित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, धार्मिक व क्षेत्रीय महत्व को देखते हुए बरेली-आंवला-मनोना धाम मार्ग पर 3 बसें लगाई जाएंगी। वहीं बरेली से पीलीभीत के लिए 3 बसें, बरेली से बीसलपुर मार्ग पर 3 बसें, बरेली से शाहजहांपुर मार्ग पर 3 बसें तथा बरेली से चंदौसी मार्ग पर 5 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित किया गया है।
तीन स्थानों पर तैयार हो रहा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
पर्यावरण अनुकूल इन इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्बाध परिचालन के लिए परिक्षेत्र में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कार्य तीव्र गति से संपन्न किया जा रहा है। बदायूं डिपो की कार्यशाला परिसर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। इसी क्रम में बरेली स्थित पुराने रोडवेज बस अड्डे पर भी चार्जिंग प्वाइंट्स स्थापित करने की कागजी एवं तकनीकी प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, इज्जतनगर में वर्तमान में निर्माणाधीन नए हाई-टेक बस अड्डे की कार्यशाला में भी एक नया चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जा रहा है, ताकि बसों के बेड़े को बिना किसी बाधा के चार्ज किया जा सके।
डीजल की खपत और प्रदूषण पर लगेगी रोक
वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बरेली परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख डिपो—बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत—से कुल मिलाकर 600 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश बसें पारंपरिक डीजल ईंधन से चलती हैं। बाजार में डीजल की निरंतर बढ़ती कीमतों के कारण रोडवेज निगम पर वित्तीय बोझ बना रहता है। ऐसे में नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल करने से ईंधन पर होने वाले भारी खर्च और गाड़ियों के रखरखाव (मेंटेनेंस) लागत में उल्लेखनीय कमी आने का अनुमान है। इसके साथ ही, इन शून्य-उत्सर्जन ई-बसों से शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यालय से आपूर्ति मिलते ही शुरू होगा परिचालन
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, नई ई-बसों की विस्तृत तकनीकी विशेषताओं और फीचर्स की स्पष्ट जानकारी मुख्यालय से विस्तृत दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही सामने आएगी। हालांकि, रोडवेज प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि बसों की डिजाइन और सुविधाओं में यात्रियों के आराम और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद अजीम ने बताया कि जैसे ही मुख्यालय से इन 30 बसों की आपूर्ति प्राप्त हो जाएगी, तुरंत प्रभाव से स्वीकृत आठों रूटों पर इनका नियमित परिचालन आरंभ कर दिया जाएगा। इससे बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर और मुरादाबाद समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को आधुनिक और प्रदूषण रहित यात्रा की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।



















