उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित नर्वल इलाके में ग्रामीण बस्तियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। स्थानीय थाना पुलिस और सर्विलांस शाखा की संयुक्त टीम ने रणनीतिक घेराबंदी करते हुए करविगवां फ्लाईओवर के समीप दो सक्रिय बदमाशों को दबोच लिया। यह गिरोह चारपहिया i20 गाड़ी पर सवार होकर ग्रामीण अंचलों में घूमता था और सुनसान घरों या असावधान ग्रामीणों की रेकी करता था। सही मौका मिलते ही गिरोह के सदस्य छिनैती, नकबजनी और मवेशी चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देकर उसी गाड़ी से तेजी से चंपत हो जाते थे।
आधी रात को महिला के कान से नोचा था कुंडल
नर्वल क्षेत्र के ग्राम बारादरी में 17 सितंबर की दरमियानी रात बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात की थी। पीड़ित महिला रुपरानी अपने मकान के बरामदे में गहरी नींद में सो रही थीं। तभी लगभग 1 से 2 बजे के दरम्यान चुपके से घुसे बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके बाएं कान से कुंडल नोच लिया था। इस खौफनाक वारदात के तुरंत बाद गिरोह के सदस्यों ने उसी गांव में स्थित लीलावती के मकान को भी निशाना बनाया। वहां कमरे में चार्जिंग पर लगा हुआ एक मोबाइल फोन उठाकर आरोपी अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले थे।
कार में भरकर ले गए थे छह बकरियां
पकड़े जाने के बाद गहन पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने कई पुरानी वारदातों का भी राजफाश किया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि 22 जून को उन्होंने नर्वल के ग्राम पारा में मवेशी चोरी को अंजाम दिया था। वहां राजेंद्र प्रसाद के घर के बाहर बंधी छह बकरियों को आरोपियों ने अपनी i20 कार के अंदर जबरन लाद लिया और फरार हो गए। चोरी की गई बकरियों को बाजार में बेचकर जो धन मिलता था, उसे गिरोह के साथी आपस में बांट लेते थे और उस रकम को पार्टी करने व मौज-मस्ती के शौक पूरे करने में उड़ा देते थे।
करविगवां फ्लाईओवर के पास हुई गिरफ्तारी
चकेरी के एसीपी आशुतोष कुमार के विवरण के मुताबिक, 6 अक्टूबर की रात लगभग 12:30 बजे पुलिस टीम ने करविगवां फ्लाईओवर के निकट संदिग्धों की घेराबंदी की। इस कार्रवाई में फतेहपुर के मलवां निवासी नौशाद उर्फ अयूब तथा चकेरी के गदियाना निवासी अजय सिंह उर्फ शुभम को हिरासत में ले लिया गया। गिरोह का एक अन्य साथी धीरज सोनकर पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। उसे 4 अक्टूबर को फतेहपुर कोतवाली पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में निरुद्ध कर जेल भेजा था। धीरज के पास से वारदातों में प्रयुक्त होने वाली i20 गाड़ी भी जब्त की जा चुकी है।
आरोपियों के पास से बरामदगी और आपराधिक इतिहास
तलाशी अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों के पास से पीली धातु का एक कुंडल, चोरी किया हुआ काले रंग का मोबाइल फोन तथा 3,040 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नौशाद के विरुद्ध कानपुर और फतेहपुर जनपद के विभिन्न थानों में चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े सात आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं उसके सहयोगी अजय सिंह के खिलाफ भी दो मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। विधिक औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत पुलिस दोनों आरोपियों को सक्षम अदालत के समक्ष पेश कर रही है।
























