समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर पहुंचकर परिसर में स्थापित जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बीते कई सालों से वह यहां प्रतिमा पर माल्यार्पण करने नहीं पहुंच पा रहे थे। इस बार भी परिसर के आसपास रात से पुलिस बल की तैनाती की गई थी, लेकिन अखिलेश यादव को भीतर जाने की अनुमति मिल गई, जिसके बाद उन्होंने प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सम्पूर्ण क्रांति के विचार और बदलाव की शुरुआत
प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के इस म्यूजियम में आने का अवसर मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि जेपी के ऐतिहासिक आंदोलन ने उस दौर की सत्ता को हिलाकर रख दिया था और उनका सम्पूर्ण क्रांति का विचार आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। सपा प्रमुख ने कहा कि जब आज यहां आने का रास्ता खुला है, तो यह बदलाव का संकेत हो सकता है और लगता है कि परिवर्तन की नई शुरुआत हो चुकी है।
मौजूदा व्यवस्था और नीतियों पर तीखा हमला
सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल को पैसों के बोझ तले दबा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के लिए विचार कोई मायने नहीं रखते और पैसों की चमक के सामने विचारों का सौदा कर दिया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अतीत में जब जेपी ने आह्वान किया था तब व्यापक परिवर्तन हुआ था, और आज भी सम्पूर्ण क्रांति के दिखाए रास्ते पर चलकर ही व्यवस्था में बदलाव लाया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्तमान शासन में संपत्तियों को बेचा जा रहा है।
चुनावी चुनौती और युवाओं की रिहाई की मांग
सियासी घटनाक्रम और अयोध्या से चुनाव लड़ने से जुड़े सवालों पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि सत्ता पक्ष पीडीए से पूरी तरह घबराया हुआ है। उन्होंने कहा कि अहंकार की राजनीति करने वाले टिक नहीं पाएंगे। मुख्यमंत्री को निशाने पर लेते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या वे खुद टिकट बांटते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि जिन्हें खुद अपनी उम्मीदवारी तय कराने के लिए कतार में खड़ा होना पड़ता है, उन्हें पहले अपना टिकट पक्का करके आना चाहिए। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को अविलंब रिहा करने की मांग उठाई और कहा कि बेटियों के साथ जिस तरह का आचरण किया गया है, वह कतई उचित नहीं है।




















