राजधानी में रविवार को व्यापक यातायात फेरबदल, लुटियंस और मध्य दिल्ली के तीस प्रमुख मार्ग प्रभावितज़ापोरिज्जिया में रिहायशी इमारतों पर पांच ग्लाइड बमों की मार, तीन बच्चों सहित 15 लोगों की मौतचुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर तनाव, ऋचा चड्ढा ने प्रदर्शनकारियों को दिए पहचान छिपाने के टिप्ससिंह साप्ताहिक राशिफल 11-17 अक्टूबर: बातचीत में संयम और खर्च पर नियंत्रण से संवरेंगे रिश्तेटोंक में निजी क्लीनिक पर छापा मारकर सरकारी नशीली दवाओं का जखीरा पकड़ा, सआदत अस्पताल का मेल नर्स अकबर खान हिरासत मेंजंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली छावनी में तब्दील, शीर्ष नेतृत्व हिरासत मेंवाइट हाउस में प्रेस सेक्रेटरी की नई जिम्मेदारी संभालेंगी केटी जकारिया, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया एलानराष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद में राजस्थान की श्रेया कुमावत ने उठाई आवाज़, दिल्ली विधानसभा में संभाली विपक्ष की कमानपितृपक्ष में श्राद्ध और पिंडदान का विधान: पूर्वजों के आशीर्वाद के नियम और भूल से बचने के तरीकेजब पाई-पाई के मोहताज थे नाना पाटेकर, पिता के इलाज के अभाव का दर्द ताउम्र सालता रहा
सीएसए यूनिवर्सिटी के वरुणा हॉस्टल शौचालय में घुसा मगरमच्छ, छात्रों ने डस्टबिन ढंककर पाया काबूउत्तर प्रदेश
10 अक्तू॰ 2026, 11:07 pm (2 घंटे पहले)· 0

सीएसए यूनिवर्सिटी के वरुणा हॉस्टल शौचालय में घुसा मगरमच्छ, छात्रों ने डस्टबिन ढंककर पाया काबू

कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरुणा ब्वॉयज हॉस्टल के वॉशरूम में मगरमच्छ दिखने से हड़कंप मच गया। छात्रों ने सूझबूझ से उसे कचरे के डिब्बे में कैद किया, जिसके बाद वन्यजीव विशेषज्ञ ने पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू किया।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में उच्च शिक्षण संस्थान के भीतर उस वक्त भारी अफरातफरी मच गई, जब देर रात एक हॉस्टल के शौचालय में अचानक मगरमच्छ रेंगता नजर आया। यह खौफनाक वाकया चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के वरुणा ब्वॉयज हॉस्टल में शुक्रवार की देर रात पेश आया। नित्यकर्म के इरादे से वॉशरूम पहुंचे एक छात्र की नजर जैसे ही फर्श पर बैठे इस जलीय शिकारी पर पड़ी, उसके होश उड़ गए। उसने फौरन शोर मचाते हुए अपने साथियों को सचेत किया, जिससे कुछ ही पलों में छात्रावास के गलियारे में विद्यार्थियों का बड़ा जमावड़ा लग गया।

देर रात शौचालय में रेंगते दिखा जलीय जीव, छात्रावास में दहशत

शौचालय के भीतर मगरमच्छ की मौजूदगी का पता चलते ही पूरे हॉस्टल में दहशत फैल गई। अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित छात्रों ने तुरंत मामले से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। इसके साथ ही वन विभाग और स्थानीय चिड़ियाघर के रेस्क्यू अमले को फोन कर तत्काल रेस्क्यू टीम भेजने की गुहार लगाई गई। हालांकि, लंबा इंतजार बीत जाने के बाद भी जब किसी सरकारी दस्ते का अता-पता नहीं चला, तो छात्रों ने खुद ही मोर्चा संभालने की ठानी। मगरमच्छ कहीं हॉस्टल के कमरों या गलियारों में न भाग जाए, इसलिए कुछ साहसी छात्रों ने हिम्मत जुटाकर उसे प्लास्टिक के एक बड़े डस्टबिन के नीचे सुरक्षित तरीके से ढककर बंद कर दिया। इस त्वरित कदम की बदौलत जीव की हलचल सीमित हो गई और बड़ा खतरा टल गया।

ये भी पढ़ें

ऑनलाइन तलाशा हेल्पलाइन नंबर, वन्यजीव विशेषज्ञ ने संभाला मोर्चा

काफी देर तक जब वन अमले अथवा प्राणि उद्यान से कोई सहायता नहीं पहुंची, तब परेशान छात्रों ने इंटरनेट पर सर्च इंजन गूगल की मदद से वन्यजीव बचाव संगठनों के संपर्क सूत्र तलाशने शुरू किए। इसी खोजबीन के दौरान उन्हें ऑल इंडिया स्नेक अवेयरनेस एसोसिएशन का नंबर मिला, जिस पर उन्होंने फौरन संपर्क साधा। सूचना की गंभीरता को देखते हुए संस्था से जुड़े सक्षम दीक्षित तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पेशेवर दक्षता के साथ डिब्बे में बंद मगरमच्छ को नियंत्रित कर बाहर निकाला। सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद पकड़े गए मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से चिड़ियाघर प्रबंधन को सौंप दिया गया, तब जाकर भयभीत छात्रों ने चैन की सांस ली।

परिसर की चारदीवारी और जल निकासी नालों पर उठे सुरक्षा के सवाल

छात्रों के रिहायशी क्षेत्र में इस तरह खतरनाक जीव के मिलने से पूरे विश्वविद्यालय की चारदीवारी और सुरक्षा बंदोबस्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारी और कर्मचारी इस बात की पड़ताल में जुटे हैं कि आखिर इतनी सघन आबादी वाले हॉस्टल के अंदर यह मगरमच्छ किस रास्ते से दाखिल हुआ। प्रारंभिक तौर पर यह कयास लगाया जा रहा है कि कैंपस से होकर गुजरने वाला चिड़ियाघर का बड़ा नाला इसके प्रवेश का जरिया बना होगा। आशंका है कि बरसाती पानी या जलभराव के दौरान नाले से होकर यह जीव रेंगते हुए इमारत के भूतल तक पहुंच गया। हालांकि, इस मार्ग की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही संभव होगी। फिलहाल घटना के मद्देनजर विश्वविद्यालय परिसर के आसपास जल स्रोतों की निगरानी और सुरक्षात्मक जालियां लगाने की मांग तेज हो गई है।

सवाल-जवाब

कानपुर में मगरमच्छ किस जगह पाया गया?
यह मगरमच्छ चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के वरुणा ब्वॉयज हॉस्टल के बाथरूम में मिला।
मगरमच्छ को सबसे पहले किसने देखा और कब?
शुक्रवार देर रात एक छात्र जब शौच के लिए बाथरूम पहुंचा, तब उसने मगरमच्छ को वहां देखा।
रेस्क्यू टीम के आने से पहले छात्रों ने क्या किया?
छात्रों ने साहस दिखाते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से एक प्लास्टिक डस्टबिन के नीचे ढककर बंद कर दिया ताकि वह इधर-उधर न भागे।
मगरमच्छ का रेस्क्यू किसने किया?
गूगल से मिले संपर्क के जरिए ऑल इंडिया स्नेक अवेयरनेस एसोसिएशन के सक्षम दीक्षित ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को कहां भेजा गया?
सफल रेस्क्यू के उपरांत मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से स्थानीय चिड़ियाघर प्रशासन के हवाले कर दिया गया।
मगरमच्छ हॉस्टल तक कैसे पहुंचा?
आशंका जताई जा रही है कि विश्वविद्यालय परिसर से गुजरने वाले चिड़ियाघर के नाले के जरिए मगरमच्छ हॉस्टल परिसर तक पहुंचा होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·13 मिनट पहले

हॉस्टल के वॉशरूम में मगरमच्छ मिलना सचमुच डरावना है। गनीमत रही कि छात्रों ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और समय रहते उसे डस्टबिन के नीचे कैद कर लिया। एडमिनिस्ट्रेशन को नाले की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 मिनट पहले

गजब सूझबूझ दिखाई छात्रों ने। वरना वन विभाग के भरोसे रहते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

Ravikash Gupta@ravikash·34 मिनट पहले

अरे अर्जुन भाई, वन विभाग पर भरोसा करना सचमुच भारी पड़ सकता था। शुक्र है सक्षम दीक्षित समय पर पहुँच गए वरना अनहोनी हो जाती।

Rohan Verma@rohan-verma·55 मिनट पहले

हॉस्टल के वॉशरूम में मगरमच्छ पहुंच जाना वाकई डरावना है! गनीमत रही कि छात्रों ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और डस्टबिन से उसे ढक दिया। वरना कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। क्या प्रशासन को पहले से नहीं पता था कि नाले के रास्ते ऐसे खतरनाक जीव कैंपस में आ सकते हैं?

Karan Malhotra@karan-malhotra·55 मिनट पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने! वो सक्षम दीक्षित वक्त पर ना पहुँचता तो पता नहीं क्या होता, गनीमत है छात्रों ने डस्टबिन से कवर कर लिया था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp