उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां जैतपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के फूल बाग में बने प्राचीन संकट मोचन मंदिर में पुजारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मंदिर परिसर में खून से सने हालत में पुजारी का शव मिलते ही आसपास के गांवों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे, अहम सुराग मिलने के दावे
घटना की जानकारी मिलते ही महोबा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के इस मंदिर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। अधिकारियों ने संकेत दिए कि जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिनकी मदद से हत्या की गुत्थी जल्द सुलझाई जा सकती है। साथ ही पुलिस टीम को निर्देश दिया गया है कि मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। पुजारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, वहीं फॉरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया है।
कौन थे पुजारी उदित नारायण मिश्रा
महोबा की अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने मीडिया को इस मामले पर जानकारी दी। उनके मुताबिक मृतक पुजारी का नाम उदित नारायण मिश्रा था और वे मूल रूप से हमीरपुर जिले के रहने वाले थे। पिछले करीब 15 वर्षों से वे इसी मंदिर परिसर में रहकर पूजा-अर्चना का जिम्मा संभाल रहे थे। यह प्राचीन मंदिर स्थानीय लोगों के बीच संकट निवारण हनुमान जी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने यह भी बताया कि पुजारी उदित नारायण मिश्रा को गांजे के नशे की लत थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम मौके से सबूत जुटाने में जुटी हुई है।
फॉरेंसिक टीम की मदद से जांच में तेजी
पुलिस के मुताबिक फॉरेंसिक टीम की मदद से जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुजारी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है, जबकि आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हत्या के समय मौजूद संदिग्धों की पहचान हो सके। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।



















