धार्मिक और पर्यटन नगरी चित्रकूट में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग अपने निजी वाहनों से सड़क मार्ग के जरिए यहां आते हैं। शहर की आंतरिक सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने और पड़ोसी जिलों के साथ संपर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे में सुधार का काम तेज कर दिया गया है। इसी योजना के तहत चित्रकूट जिले के प्रमुख शिवरामपुर-पहाड़ी मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यात्रियों का घंटों का समय बचेगा और सफर ज्यादा सुरक्षित व सुगम हो जाएगा।
सड़क की वर्तमान स्थिति और चौड़ीकरण का विस्तृत खाका
शिवरामपुर से पहाड़ी के बीच स्थित इस मार्ग की कुल लंबाई लगभग 19.50 किलोमीटर है। इस पूरे स्ट्रेच को बेहतर बनाने के लिए 80.92 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वर्तमान समय में इस सड़क की चौड़ाई केवल 3 से 3.5 मीटर के आसपास है। लंबे समय से भारी वाहनों की आवाजाही और रखरखाव की कमी के चलते सड़क पर जगह-जगह बड़े और जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। इस वजह से आम वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई कार्ययोजना के अंतर्गत सड़क की मुख्य कैरिजवे यानी पक्की सड़क की चौड़ाई को बढ़ाकर 7 मीटर किया जाएगा। इसके अलावा दोनों ओर बनने वाली पटरियों को मिलाकर मार्ग की कुल चौड़ाई लगभग 10 मीटर हो जाएगी, जिससे दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को पर्याप्त जगह मिल सकेगी।
बायपास के रूप में भूमिका और ट्रैफिक जाम से राहत
यह सड़क सिर्फ शिवरामपुर और पहाड़ी को आपस में जोड़ने का काम नहीं करती, बल्कि राजापुर, कौशांबी और प्रयागराज की दिशा में यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण लाइफलाइन है। जब चित्रकूट जिला मुख्यालय के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर नो-एंट्री लागू होती है, तब इस मार्ग को बाईपास के रूप में प्रयोग किया जाता है। मालवाहक ट्रकों और अन्य बड़े कमर्शियल वाहनों को इसी रास्ते से पहाड़ी, राजापुर, कौशांबी और प्रयागराज की तरफ डायवर्ट किया जाता है। मार्ग चौड़ा होने से शहर के अंदरूनी हिस्सों में लगने वाले ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आएगी। इसके साथ ही, इस रूट पर पड़ने वाले दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों की जिला मुख्यालय तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना और तात्कालिक मरम्मत के निर्देश
चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि इस सड़क को चालू वर्ष की लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की प्राथमिकता सूची में पहले स्थान पर रखा गया है। लगभग 19 किलोमीटर लंबे इस मुख्य मार्ग को 7 मीटर चौड़ा करने के लिए करीब 80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। राज्य सरकार के स्तर से जल्द ही इस बजट को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक बजट स्वीकृत होकर निर्माण कार्य विधिवत शुरू नहीं होता, तब तक जनता की असुविधा को दूर करने के लिए तात्कालिक कदम उठाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशित किया गया है कि सड़क के सभी गड्ढों को तुरंत भरा जाए और जीएसबी (ग्रेनायुलर सब-बेस) व अन्य आवश्यक सामग्री डालकर मार्ग को अस्थायी रूप से चलने योग्य बनाया जाए।





















