प्रयागराज के यमुनानगर जोन में हुए तिहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है, और इस पूरी वारदात की जड़ में निकली एक नाकाम मोहब्बत। पुलिस के मुताबिक जिस युवती से शादी की जिद आरोपी पाले बैठा था, उसके परिवार ने जब रिश्ते से साफ इनकार कर दिया तो उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लड़की के परिवार के तीन बुजुर्गों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
कैसे हुई वारदात
मामला मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव का है। सोमवार देर रात एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों के सिर पर भारी वस्तु से प्रहार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय श्यामलाल उर्फ कल्लू, 62 वर्षीय अमरावती और 60 वर्षीय इंद्रावती के रूप में हुई। मारी गईं दोनों महिलाएं श्यामलाल उर्फ कल्लू के भाइयों की पत्नियां थीं। यमुनानगर जोन के डीसीपी विवेक चंद्र यादव के अनुसार आरोपी प्रेमी हिमांशु यादव ने अपने दो दोस्तों निहाल गौतम और राजन के साथ मिलकर बांस के खूंटे से तीनों के सिर पर हमला किया और उनकी जान ले ली।
नाबालिग से शादी की जिद बनी वजह
डीसीपी के मुताबिक हिमांशु यादव मृतक श्यामलाल के भाई की नाबालिग बेटी से शादी करना चाहता था। करीब चार महीने पहले फरवरी में यह प्रेमी युगल घर से फरार हो गया था, जिसके बाद गांव में तनाव काफी बढ़ गया था। दोनों परिवार एक ही गांव के रहने वाले हैं। उस समय ग्राम प्रधान गुड्डू यादव ने दबाव बनाकर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था। बाद में जब लड़की के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया तो हिमांशु बौखला उठा, और इसी आक्रोश ने तिहरे कत्ल को अंजाम दे दिया।
मोबाइल और सोशल मीडिया से खुली पोल
परिजनों की तहरीर पर मेजा थाने में नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और साइंटिफिक एविडेंस की मदद से आरोपी तक पहुंचने में देर नहीं लगाई। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में सामने आया कि उसने वारदात वाली रात करीब 10.15 बजे मृतक श्यामलाल से बात की थी। इसके अलावा खुद को समाजवादी टाइगर बताने वाले हिमांशु यादव की फेसबुक आईडी से मृतक के भाई की बेटी के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की गई थीं, जिसने आरोपी के इरादे की पुष्टि कर दी।
पांच गिरफ्तार, आला कत्ल बरामद
पुलिस ने इस तिहरे हत्याकांड में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें हत्या में सीधे शामिल हिमांशु, निहाल और राजन के अलावा मुख्य आरोपी का भाई अंकित यादव और ग्राम प्रधान गुड्डू यादव भी शामिल हैं। अंकित यादव को उसकी मदद करने के आरोप में पकड़ा गया, जबकि गुड्डू यादव की गिरफ्तारी चार महीने पहले समझौता कराने और पुलिस को इसकी सूचना न देने के आरोप में हुई है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया।
आला कत्ल बरामद करने ले जाते समय हुआ हाफ एनकाउंटर
डीसीपी विवेक चंद्र यादव के अनुसार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे आला कत्ल बरामद कराने के लिए पैरानीपुर की झाड़ियों के पास लेकर पहुंची थी। इसी दौरान हिमांशु यादव ने एक सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीन ली और फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल हिमांशु को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
12 घंटे में सुलझा मामला
पुलिस ने इस गंभीर वारदात का खुलासा महज 12 घंटे के अंदर कर दिया। हिमांशु और उसके दोनों दोस्त निहाल तथा राजन अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। नाकाम इश्क की इस सनक ने एक ही परिवार के एक पुरुष और दो महिलाओं की जिंदगी छीन ली, लेकिन पुलिस ने बेहद कम समय में रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।













