उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को भारी सब्सिडी पर उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और खेत तालाब निर्माण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी और जटिल प्रक्रियाओं के डर से कई छोटे एवं सीमांत किसान इन सरकारी लाभों से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए कृषि विभाग ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है, जिससे किसान अब बिना किसी दफ्तर के चक्कर लगाए घर बैठे ही योजनाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पारदर्शी तरीके से मिलेगी बीज और यंत्रों पर सब्सिडी
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में पारदर्शी व्यवस्था के तहत बीजों का वितरण और विभागीय योजनाओं की पहुँच हर पात्र किसान तक सुनिश्चित करना शामिल है। इसके लिए विभाग ने एक विशेष डिजिटल व्यवस्था तैयार की है। अब सब्सिडी वाले बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, खेत और तालाब निर्माण से जुड़ी सभी परियोजनाएं केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही किसानों को आवंटित की जाएंगी। किसान खुद मोबाइल या इंटरनेट के जरिए कृषि विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवश्यकतानुसार सीधे आवेदन कर सकते हैं।
इन चार मुख्य दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों का कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। जो किसान पहले से पंजीकृत नहीं हैं, वे आसान ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए तुरंत अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण पूरा करने के लिए किसानों को चार प्रमुख दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इनमें किसान का आधार कार्ड, हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाते की पासबुक की प्रति और भूमि से जुड़ी खतौनी की फोटोकॉपी शामिल है। इन सभी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में पोर्टल पर अपलोड करना होता है।
घर बैठे पोर्टल पर पंजीकरण करने का आसान तरीका
विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल upagridarshan.up.gov.in पर जाना होगा। पोर्टल पर कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी वर्तमान योजनाओं और उपलब्ध निवेशों की सूची दिखाई देती है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार योजना का चयन करके ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। यदि किसी किसान को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई आती है, तो वे विभागीय कर्मचारियों की मदद ले सकते हैं या निकटतम सेवा केंद्र के माध्यम से भी पंजीकरण करवा सकते हैं।
उप कृषि निदेशक ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
सहारनपुर के उप कृषि निदेशक संदीप पाल ने बताया कि कृषि विभाग की प्राथमिकताओं में राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी ढंग से बीजों का वितरण और विभागीय योजनाओं को अंतिम किसान तक पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा दिए जाने वाले यंत्र, बीज, खेत तालाब और अन्य सभी योजनाएं पोर्टल के माध्यम से ही दी जानी सुनिश्चित की जा रही हैं। संदीप पाल ने कहा कि जो किसान पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, वे पोर्टल के माध्यम से, विभागीय कर्मचारियों की सहायता से या स्वयं तत्काल अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद, किसान भविष्य में आने वाली सभी सरकारी सहूलियतें और वित्तीय अनुदान आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।




















