अक्सर सुबह और शाम की चाय की चुस्की लेते समय नमकीन या मीठे बिस्कुट खाने का चलन लगभग हर घर में देखने को मिलता है। चाहे नन्हे बच्चे हों या घर के बुजुर्ग, चाय अथवा दूध के साथ हल्के-फुल्के स्नैक के रूप में बिस्कुट सभी को बेहद लुभाते हैं। अधिकांश लोग रोजमर्रा की इस जरूरत के लिए बाजार में मिलने वाले तरह-तरह के पैकेटबंद बिस्कुट पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, अपनी खुद की रसोई में रखे साधारण और बुनियादी सामान के इस्तेमाल से भी बेहद लजीज बिस्कुट घर पर ही तैयार किए जा सकते हैं। इस आसान घरेलू तरीके को अपनाने से न तो जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है और न ही किसी खास महंगी सामग्री को बाजार से लाने का झंझट रहता है।
रसोई के बुनियादी सामान से तैयार होगा बेहतरीन नाश्ता
घर में मौजूद सामान्य सामग्री से कुरकुरे बिस्कुट तैयार करने के इस तरीके को चंपा देवी ने साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस घरेलू विधि से बनने वाले बिस्कुट बेहद स्वादिष्ट होते हैं और इन्हें सुबह अथवा शाम की चाय के साथ नाश्ते के तौर पर आसानी से परोसा जा सकता है। इसके साथ ही, बच्चों को भी नाश्ते में यह घरेलू स्नैक खूब पसंद आता है। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि इसमें काम आने वाली लगभग सभी चीजें हर भारतीय घर की रसोई में पहले से ही मौजूद रहती हैं, जिससे इसे कभी भी झटपट बनाया जा सकता है।
मैदा और बेसन का सही अनुपात और भूनने की प्रक्रिया
चंपा देवी के अनुसार, इस नाश्ते को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से मैदा, बेसन, दूध तथा पिसी हुई चीनी की आवश्यकता होती है। अतिरिक्त स्वाद और पोषण जोड़ने के लिए इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स भी शामिल किए जा सकते हैं। सामग्री के सटीक माप के बारे में बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 200 ग्राम मैदा लिया जा रहा है, तो उसमें 100 ग्राम बेसन मिलाना चाहिए।
बिस्कुट बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में मैदा और बेसन को एक साथ डालें। इसके बाद गैस की आंच धीमी रखें और मिश्रण को लगातार चलाते हुए लगभग 15 मिनट तक अच्छी तरह भूनें। भूनते समय लगातार चलाना आवश्यक है ताकि मिश्रण नीचे से जले नहीं। जब यह मिश्रण हल्का सुनहरा रंग पकड़ने लगे, तब इसमें आवश्यकतानुसार दूध मिलाना चाहिए। दूध डालने के तुरंत बाद अपने स्वाद के मुताबिक पिसी हुई चीनी मिलाएं। अगर बिस्कुट के स्वाद को और अधिक समृद्ध बनाना हो, तो इसमें काजू, बादाम तथा अन्य ड्राई फ्रूट्स के छोटे-छोटे टुकड़े भी मिलाए जा सकते हैं।
पकाने का तरीका और मनपसंद आकार देने की तरकीब
चंपा देवी ने आगे की विधि समझाते हुए बताया कि सभी आवश्यक सामग्री को एक साथ मिला लेने के बाद पूरे मिश्रण को मध्यम से धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाना जारी रखें। इसे तब तक पकाया जाता है जब तक कि यह गाढ़ा न हो जाए और कड़ाही की सतह को छोड़ने न लगे। जैसे ही मिश्रण कड़ाही छोड़ने लगे, तुरंत गैस बंद करके कड़ाही को आंच से नीचे उतार लें।
इसके बाद मिश्रण को थोड़ी देर के लिए खुला छोड़ दें ताकि वह हल्का ठंडा हो जाए। जब मिश्रण इतना ठंडा हो जाए कि उसे हाथों से आसानी से छुआ और संभाला जा सके, तब उससे छोटे-छोटे बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया शुरू करें। अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार इन बिस्कुटों को गोल या चौकोर आकार दिया जा सकता है। बिस्कुटों को देखने में आकर्षक बनाने के लिए किसी कांटे वाले चम्मच या फिर चाकू के पिछले हिस्से की मदद से उनके ऊपरी भाग पर सुंदर डिजाइन भी उकेरे जा सकते हैं।
आकार देने के बाद इन तैयार बिस्कुटों को धीमी आंच पर तवे पर रखकर या फिर ओवन के भीतर अच्छी तरह से सेंक लें, जिससे वे भीतर तक पककर पूरी तरह कुरकुरे हो जाएं। चंपा देवी ने बताया कि इस सीधी और सरल विधि के जरिए कोई भी व्यक्ति घर पर ही बाजार जैसे स्वादिष्ट बिस्कुट बना सकता है और इन्हें सुबह-शाम की चाय के साथ अपने पूरे परिवार को परोस सकता है।



















