हिमाचल के सात मंदिरों में उमड़े 10 लाख से अधिक भक्त, श्री नैना देवी जी में पहुंचे सबसे ज्यादा श्रद्धालुकुशीनगर में दर्दनाक सड़क हादसा, दशहरा मेला देखकर लौट रहे चार लोगों की मौत और तीन घायलअंबाला में मौसम का मिज़ाज बदलते ही वायरल बुखार की चपेट में आए बच्चे, नागरिक अस्पताल में लंबी कतारेंरांची में गननुमा पोर्टेबल मशीन से होगी जांच, महज तीस सेकंड में सामने आएगी किडनी और दिल की बीमारीत्योहारों में बिना प्याज-लहसुन के ऐसे बनाएं स्वादिष्ट झींगा और काले चने की सब्जीराजस्थान में मौसम का मिजाज: 21 अक्टूबर को बारिश पर विराम, जानिए पूर्वी और पश्चिमी संभागों का हालपटना में दुर्गा पूजा पंडाल के नजदीक युवक को मारी गई गोली, एक अन्य घटना में पैक्स अध्यक्ष की हत्याजनगणना 2027 को लेकर गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में कठपुतली शो, छात्रों ने दिया सही जानकारी दर्ज कराने का संदेशमेघालय की आफा नदी में मरी हुई मछलियां मिलने से हड़कंप, रासायनिक प्रदूषण की आशंकारांची के जंगलों में छिपा है कुदरती स्विमिंग पूल, तैमारा घाटी का यह खूबसूरत कोना बना पिकनिक की खास पसंद
बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख तय, जानिए इस बार कब होंगे दर्शन बंद और क्या है पूरी परंपराउत्तराखंड
20 अक्तू॰ 2026, 4:27 pm (1 घंटे पहले)· 2

बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख तय, जानिए इस बार कब होंगे दर्शन बंद और क्या है पूरी परंपरा

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। विजयदशमी के अवसर पर मुख्य पुजारी द्वारा यह घोषणा की गई है, जिसके साथ ही इस सत्र की चारधाम यात्रा का समापन हो जाएगा।

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान बद्री विशाल के कपाट बंद होने की आधिकारिक तिथि सामने आ चुकी है। विजयदशमी के पवित्र पर्व पर मंदिर के मुख्य पुजारी रावल जी ने इस बात का ऐलान किया कि इस बार कपाट 16 नवंबर की रात 9 बजकर 37 मिनट पर कर्क लग्न में शीतकाल के वास्ते बंद किए जाएंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद राज्य में चल रही चारों धाम की ग्रीष्मकालीन यात्रा का भी समापन हो जाएगा।

परंपरागत तरीके से हुई घोषणा और पगड़ी रस्म

हर साल की तरह इस बार भी विजयदशमी के खास मौके पर ही कपाट बंद होने की तिथि तय करने की परंपरा निभाई गई। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में एक भव्य उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां बामणी गांव के निवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पहुंचे थे। इस दौरान एक बेहद खास रस्म निभाई जाती है, जिसमें आगामी वर्ष की यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों का चयन किया जाता है। पांडुकेश्वर और बामणी गांव के भंडारी थोक, मेहता थोक और भट्ट थोक से कुल चार लोगों को चुना जाता है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा इन सभी को विधि-विधान के साथ पगड़ी बांधी जाती है और मंदिर परिसर की पूरी व्यवस्थाओं का जिम्मा सौंपा जाता है, और जब यह घोषणा की जा रही थी तब सभा मंडप में तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें

कपाट बंद होने से पहले के जरूरी धार्मिक अनुष्ठान

शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की प्रक्रिया कई दिन पहले से ही चरणबद्ध तरीके से शुरू हो जाती है। सबसे पहले 12 नवंबर को भगवान श्री गणेश जी के कपाट बंद किए जाएंगे। इसके अगले दिन यानी 13 नवंबर को आदि केदारेश्वर जी के कपाट बंद होंगे। इसके बाद 14 नवंबर को खड्ग-पुस्तक का वाचन और वेदों का पाठ बंद कर दिया जाएगा। अनुष्ठान की कड़ी में 15 नवंबर को माता लक्ष्मी जी को गर्भगृह में पुनः विराजमान होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा और अंत में 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर मुख्य कपाट शीतकाल के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।

इस साल टूटे सारे पुराने तीर्थाटन रिकॉर्ड

इस बार की बद्रीनाथ यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अब तक लगभग 21 लाख भक्त भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं, जो कि अपने आप में एक ऐतिहासिक और अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अभी भी कपाट बंद होने में लगभग 27 से 28 दिन का समय बाकी बचा हुआ है, जिसे देखते हुए अधिकारियों और समिति का अनुमान है कि दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की यह कुल संख्या और भी अधिक बढ़ सकती है।

सवाल-जवाब

बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल कब बंद होंगे?
बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर बंद होंगे।
कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा किसने की?
इस तिथि की घोषणा विजयदशमी के पावन पर्व पर बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल जी ने की।
इस साल बद्रीनाथ यात्रा में अब तक कितने श्रद्धालु पहुंचे हैं?
इस साल अब तक लगभग 21 लाख श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं।
भगवान श्री गणेश जी के कपाट कब बंद किए जाएंगे?
भगवान श्री गणेश जी के कपाट 12 नवंबर को बंद किए जाएंगे।
माता लक्ष्मी जी को गर्भग్రహ में विराजमान होने का न्योता कब दिया जाएगा?
माता लक्ष्मी जी को 15 नवंबर को गर्भगृह में विराजमान होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·26 मिनट पहले

इस बार 21 लाख से ज़्यादा लोगों ने दर्शन कर लिए हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। बस यह सोच रहा हूँ कि जब अगले महीने कपाट बंद होने के बाद इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु वापस लौटेंगे, तो स्थानीय कारोबारियों और होटल वालों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

Arjun Mehta@arjun-mehta·25 मिनट पहले

रवि जी, जब मैं पिछली बार वहाँ गया था, तो इतनी भीड़ देखकर हैरान रह गया था। कारोबारियों का सीजन इस बार वाकई बहुत शानदार रहा होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·51 मिनट पहले

इस बार तो दर्शन करने वालों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, सच में बहुत भीड़ रही होगी। इतने सारे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था संभालना पुलिस और प्रशासन के लिए कितना मुश्किल रहा होगा?

Rohan Verma@rohan-verma·50 मिनट पहले

करण भाई, भीड़ की बात तो ठीक है पर 21 लाख का आंकड़ा थोड़ा ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर नहीं लग रहा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp