शादी के बाद इन तारीखों में जन्मी लड़कियां लाती हैं गुडलक और ससुराल में बरकतवॉशिंगटन के छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने विमान के डरावने सफर के बाद बनाया टर्बुलेंस का पता लगाने वाला AI सिस्टम, मिली 95 लाख रुपये की स्कॉलरशिपअरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसैनिक टक्कर, क्या कहती है दोनों देशों की असली ताकत?लद्दाख की पथरीली वादियों में महके करोड़ों फूल, लेह में बना दुनिया का सबसे ऊंचा ‘ट्विन फ्लावर फील्ड’ब्याज दर, मासिक किश्त, अवधि और शुल्क तौलकर ही पर्सनल लोन चुनेंभागलपुर में डेयरी बिजनेस का कमाल, इन खास गायों को पालकर होगी बंपर कमाईनागौर के जेएलएन अस्पताल में मरीजों को लंबी लाइनों से राहत, ओपीडी और आयुष्मान योजना के लिए बढ़े काउंटर और कर्मचारीअमेरिकी डॉलर में गिरावट से AUD/USD को मिला सहारा, 0.7100 के स्तर पर टिकी नजरेंयूपीआई से बीमा प्रीमियम भरने वालों को बड़ी राहत, नए नियमों के बावजूद नहीं देना होगा कोई एमडीआर शुल्करसिका दुग्गल का खुलासा, एफटीआईआई से निकलने के पूरे 10 साल बाद इंडस्ट्री में मिली पहचान
फिरोजाबाद में कैंची धाम की तरह विकसित होगा नीम करौली बाबा का जन्मस्थान, यूपी सरकार ने बनाई भव्य कॉरिडोर योजनाउत्तराखंड
17 सित॰ 2026, 1:09 pm (5 घंटे पहले)· 0

फिरोजाबाद में कैंची धाम की तरह विकसित होगा नीम करौली बाबा का जन्मस्थान, यूपी सरकार ने बनाई भव्य कॉरिडोर योजना

फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद में नीम करौली बाबा के जन्मस्थान अकबरपुर को कैंची धाम की तर्ज पर एक भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। इस परियोजना के लिए साढ़े 87 बीघा जमीन चिन्हित की गई है और फर्रूखाबाद तथा वृंदावन स्थित स्थलों को भी बेहतर सुविधाओं के साथ संवारा जाएगा।

उत्तराखंड के कैंची धाम से पहचाने जाने वाले पूज्य संत नीम करौली बाबा के जन्मस्थान को उत्तर प्रदेश सरकार अब उसी तर्ज पर एक भव्य आध्यात्मिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने जा रही है। मात्र 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश की अपार सफलता के बाद नीम करौली बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था में भारी उछाल आया है। आमतौर पर लोग नीम करौली बाबा का संबंध उत्तराखंड के कैंची धाम से ही जोड़कर देखते हैं, लेकिन उनका जन्म, तपस्या और समाधि तीनों ही उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि पर हुए थे।

फिरोजाबाद स्थित जन्मस्थली पर भव्य कॉरिडोर का खाका

नीम करौली बाबा का जन्म वर्ष 1900 में फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में हुआ था। पर्यटन विभाग के अधिकारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि बाबा की जन्मस्थली पर एक भव्य कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए क्षेत्र में लगभग साढ़े 87 बीघा जमीन चिन्हित की गई है। भूमि अधिग्रहण को सुचारू बनाने के लिए इलाके का सर्किल रेट बढ़ाकर 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। सरकारी नियमों के तहत भू-स्वामियों को जमीन का 4 गुना मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

इस अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर कोई विरोध नहीं है। नीम करौली बाबा के पोते-पोतियों और स्थानीय ग्रामीणों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है, जिसके मिलते ही जमीन खरीदने का काम पूरा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

आधुनिक सुविधाएं और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं

फिरोजाबाद में बनने वाले इस परिसर को कैंची धाम जैसी ही सुविधाओं से लैस किया जाएगा। परिसर में एक भव्य प्रवेश द्वार और बाबा के जीवन दर्शन को प्रदर्शित करता डिजिटल म्यूजियम बनाया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए विशाल सभा स्थल, मल्टीलेवल पार्किंग, भंडारा स्थल, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर तथा ध्यान एवं वेलनेस सेंटर की स्थापना की जाएगी।

फर्रूखाबाद के तपस्या स्थल नीब करौरी का कायाकल्प

जन्मस्थली के साथ-साथ पर्यटन विभाग फर्रूखाबाद जिले के नीब करौरी गांव (संकिसा) में स्थित बाबा के तपस्या स्थल के विकास पर भी काम कर रहा है। बाबा ने इस स्थान पर लगभग 12 वर्षों तक कठिन तपस्या की थी, जिसके कारण उनका नाम नीम करौली बाबा पड़ा। इस गांव में नीब करौरी नाम से एक रेलवे स्टेशन भी स्थित है। फिल्म हनुमान अंश के प्रदर्शन के बाद से यहां प्रतिदिन 60 से 70 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्यटन विभाग इस तपस्या स्थल के आसपास 5 एकड़ क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगा। योजना के तहत परिसर में एक विशाल जलकुंड का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें चौड़ा बनाया जाएगा, सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल तैयार होंगे और माताओं व बच्चों की सुविधा के लिए विशेष चाइल्ड केयर पॉइंट स्थापित किए जाएंगे।

वृंदावन समाधि स्थल और लखनऊ से शुरू होने वाला सर्किट

उत्तर प्रदेश सरकार वृंदावन में स्थित नीम करौली बाबा के समाधि स्थल को भी विकसित कर रही है। समाधि परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क मार्ग के विस्तार के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक नागरिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

दूसरी ओर, लखनऊ में गोमती नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर को 'नीम करौली बाबा सर्किट' के शुरुआती केंद्र के रूप में चुना गया है। नीम करौली बाबा महाराज की प्रेरणा से बने इस मंदिर से उत्तर प्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPSTDC) की गाइडेड टूर सेवा शुरू होगी। मंदिर परिसर में भक्तों के बैठने की बेहतर व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल और कम्यूनिकेशन सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में इस मंदिर में नीम करौली बाबा की दो प्रतिमाएं और भगवान हनुमान जी का भव्य विग्रह स्थापित है।

नीम करौली बाबा का जीवन परिचय और पारिवारिक पृष्ठभूमि

नीम करौली बाबा का बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। बचपन से ही उनका झुकाव हनुमान जी की भक्ति की ओर था। वे एक गृहस्थ संत थे, जिनके दो बेटे अनेक शर्मा व धर्म नारायण शर्मा और एक बेटी गिरिजा भटेले हैं। उनके दोनों बेटों का निधन हो चुका है, जबकि बेटी गिरिजा भटेले वर्तमान में वयोवृद्ध हैं। नीम करौली बाबा से जुड़ी तमाम संस्थाओं और व्यवस्थाओं का संचालन 'श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट' करता है, जिसकी प्रमुख उनकी बेटी गिरिजा भटेले ही हैं।

सवाल-जवाब

नीम करौली बाबा का भव्य कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में कहाँ बनाया जाएगा?
यह भव्य कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले स्थित नीम करौली बाबा के जन्मस्थान अकबरपुर गांव में बनाया जाएगा।
यूपी सरकार ने यह कॉरिडोर बनाने का फैसला क्यों लिया?
मात्र 2 करोड़ रुपये में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' के आने के बाद बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था में भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे सरकार ने यह कदम उठाया।
फिरोजाबाद में कॉरिडोर के लिए कितनी जमीन ली जा रही है और मुआवजा दर क्या है?
कॉरिडोर के लिए लगभग साढ़े 87 बीघा जमीन चिन्हित की गई है, जिसका सर्किल रेट 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है और नियमानुसार 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा।
नीम करौली बाबा ने 12 वर्षों तक तपस्या कहाँ की थी?
बाबा ने फर्रूखाबाद जिले के नीब करौरी गांव (संकिसा) में 12 वर्षों तक कठिन तपस्या की थी, जिसके आधार पर उनका नाम नीम करौली बाबा पड़ा।
'नीम करौली बाबा सर्किट' की शुरुआत किस मंदिर से होगी?
इस सर्किट की शुरुआत लखनऊ में गोमती नदी तट पर स्थित प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर से होगी, जहां से UPSTDC गाइडेड टूर संचालित करेगा।
नीम करौली बाबा से जुड़ी संस्थाओं का संचालन कौन करता है?
बाबा से जुड़े सभी संस्थानों का प्रबंधन 'श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट' द्वारा किया जाता है, जिसकी प्रमुख उनकी बेटी गिरिजा भटेले हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·3 घंटे पहले

शासन और बुनियादी ढांचे के नजरिए से यह परियोजना उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के विकेंद्रीकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है। फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद जैसे क्षेत्रों को इस धार्मिक कॉरिडोर से जोड़कर सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा दे रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना किसी स्थानीय विरोध के 4 गुना मुआवजे और बढ़े हुए सर्किल रेट के जरिए भूमि अधिग्रहण को सुचारू बनाना प्रशासनिक परिपक्वता को दर्शाता है। यह बुनियादी ढांचा मॉडल भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए एक मजबूत और व्यावहारिक नजीर पेश करेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 घंटे पहले

रोहन की बात को आगे बढ़ाते हुए, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के नजरिए से इस मेगा प्रोजेक्ट का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। रोजाना आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती होगी। इस कॉरिडोर में मजबूत पुलिसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सीसीटीवी निगरानी तंत्र को शुरू से ही शामिल करना होगा। जमीन अधिग्रहण के मामले में जिस तरह पारदर्शी तरीके से एनओसी (NOC) ली गई है, उससे भविष्य में होने वाले अदालती मुकदमों और भूमि विवादों का जोखिम भी खत्म हो गया है, जो किसी भी बड़े प्रोजेक्ट की सुरक्षा और निरंतरता के लिए बेहद जरूरी है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR